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अनाज मंडी में बिक रहा नकली आहार
Updated Sun, 14 Oct 2018 01:16 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। शहर की अनाज मंडी में नकली आहार बेचने का बड़े पैमाने पर गौरख धंधा चल रहा है। नामी ब्रांड के डुप्लीकेट बैग में नकली आहार बेचकर व्यापारी मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। उनके मुनाफे के चक्कर में पशुपालकों के पशु बीमार हो रहे हैं। उनके आहार की कोई जांच नहीं की जा रही। ऐसा उदाहरण शुक्रवार को समाने आया था। एक पशुपालक ने कंपनी वाले को व्यापारी द्वारा नकली माल बेचने की शिकायत की थी। कंपनी के आदमी मौके पर पहुंच भी गए थे माल भी नकली मिला था लेकिन बाद में समझौता कर मामले को रफा-दफा कर दिया।
महेंद्रगढ़ क्षेत्र के अधिकतर लोग खेती और पशुपालन पर निर्भर हैं। इनके सहारे ही वो अपनी आजीविका चलाते हैं। पशुपालक मंडी से पशुओं के लिए खल, बिनौला, चुरी, पत्ती खल आदि लेकर जाते हैं। इनको खिलाने से पशुओं के दूध में वृद्धि और गाढ़ा हो जाता है। लेकिन व्यापारी पशुपालकों को नकली पशु आहार दे रहे हैं। पशु आहर में भी कई नामी ब्रांड हैं, जो पशुओं के लिए अच्छा आहार बनाती हैं। लेकिन व्यापारी ब्रांडेड कट्टे में नकली पशु आहर डालकर पशुपालकों को बेच रहे हैं।
हालांकि कीमत में 100 से 200 रुपये कम ले रहे हैं परंतु माल ब्रांडेड कंपनी के बैग में डालकर बेच रहे हैं ताकि पशुपालकों को शक न हो कि माल नकली है। नामी ब्रांड खल का कट्टा लगभग 1300 रुपये का आता है जिसको व्यापारी 1100-1200 रु पयेमें बेच रहे हैं। इससे पशुओं की दूध की मात्रा घट रही है और बीमार भी हो रहे हैं। इसके अलावा पेट संबंधित बीमारी उनको हो रही है।
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महेंद्रगढ़। शहर की अनाज मंडी में नकली आहार बेचने का बड़े पैमाने पर गौरख धंधा चल रहा है। नामी ब्रांड के डुप्लीकेट बैग में नकली आहार बेचकर व्यापारी मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। उनके मुनाफे के चक्कर में पशुपालकों के पशु बीमार हो रहे हैं। उनके आहार की कोई जांच नहीं की जा रही। ऐसा उदाहरण शुक्रवार को समाने आया था। एक पशुपालक ने कंपनी वाले को व्यापारी द्वारा नकली माल बेचने की शिकायत की थी। कंपनी के आदमी मौके पर पहुंच भी गए थे माल भी नकली मिला था लेकिन बाद में समझौता कर मामले को रफा-दफा कर दिया।
महेंद्रगढ़ क्षेत्र के अधिकतर लोग खेती और पशुपालन पर निर्भर हैं। इनके सहारे ही वो अपनी आजीविका चलाते हैं। पशुपालक मंडी से पशुओं के लिए खल, बिनौला, चुरी, पत्ती खल आदि लेकर जाते हैं। इनको खिलाने से पशुओं के दूध में वृद्धि और गाढ़ा हो जाता है। लेकिन व्यापारी पशुपालकों को नकली पशु आहार दे रहे हैं। पशु आहर में भी कई नामी ब्रांड हैं, जो पशुओं के लिए अच्छा आहार बनाती हैं। लेकिन व्यापारी ब्रांडेड कट्टे में नकली पशु आहर डालकर पशुपालकों को बेच रहे हैं।
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हालांकि कीमत में 100 से 200 रुपये कम ले रहे हैं परंतु माल ब्रांडेड कंपनी के बैग में डालकर बेच रहे हैं ताकि पशुपालकों को शक न हो कि माल नकली है। नामी ब्रांड खल का कट्टा लगभग 1300 रुपये का आता है जिसको व्यापारी 1100-1200 रु पयेमें बेच रहे हैं। इससे पशुओं की दूध की मात्रा घट रही है और बीमार भी हो रहे हैं। इसके अलावा पेट संबंधित बीमारी उनको हो रही है।
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