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जिस गांव में बोर्ड सचिव को घेरने का किया था प्रयास, बोर्ड ने उसी गांव में फिर बनाय सेंटर
Updated Sun, 18 Mar 2018 12:04 AM IST
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जिस गांव में बोर्ड सचिव को घेरने का किया था प्रयास, बोर्ड ने उसी गांव में फिर बनाया सेंटर
महेंद्रगढ़। जिस गांव में बोर्ड सचिव को घेरने का प्रयास किया गया था उसी गांव के एक परीक्षा केंद्र को जिला उपायुक्त की सिफारिश पर बहाल कर दिया गया है। शनिवार को परीक्षा केंद्र पर कंप्यूटर साइंस की परीक्षा हुई। बोर्ड सचिव धीरेंद्र खड़गटा ने इस गांव के परीक्षा केंद्रों पर बाहरी हस्तक्षेप को देखते हुए दावा किया था कि यहां कभी सेंटर नहीं बनाया जाएगा। इसके बावजूद जिला उपायुक्त गरिमा मित्तल की सिफारिश पर बसई गांव के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में परीक्षाएं हो रही हैं। बोर्ड चेयरमैन का कहना है कि टेक्निकल मिस्टेक की वजह से सेंटर रद्द कर दिया गया था।
उल्लेखनीय है कि 8 मार्च को बोर्ड सचिव धीरेंद्र खड़गटा, जिला उपायुक्त, गरिमा मित्तल, एडीएम विक्रम सिंह, डीएसडब्ल्यूओ तथा दो अन्य उड़नदस्तों ने गांव बसई के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में छापा मारा था। छापेेमारी के दौरान लगभग 100 लोगों ने प्रशासन को सेंटर पर घेरने का प्रयास किया था। ग्रामीणों का आक्रामक रूप देखकर प्रशासन के हाथ पांव फूल गए थे। जिला उपायुक्त ने मार्केट कमेटी के चेयरमैन एवं भाजपा कार्यकर्ता कंवर डालू सिंह को चेतावनी दी थी कि अगर ग्रामीणों ने कुछ गलत किया तो अच्छा नहीं होगा। इसके बाद कंवर डालू सिंह ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर भेज दिया था। इस मौके पर बोर्ड सचिव ने धीरेंद्र खड़गटा ने मीडिया के सामने दोनों सेंटर तोड़ने की बात भी कही थी। उन्होंने कहा था कि यहां के सेंटर स्थायी रूप से तोड़ दिए गए हैं।
बसई के दोनों सेंटर को था तोड़ा
गांव बसई में अलग-अलग स्कूल में दो सेंटर चलते थे। बोर्ड को गांव बसई के सेंटरों पर नकल होने की शिकायत मिल रही थी। इसके बाद 8 मार्च को बोर्ड सचिव सहित अन्य उड़न दस्ते ने राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण किया तो सेंटर पर बाहरी हस्तक्षेप एवं ग्रामीणों के आक्रमक रुख के चलते तोड़ दिया था। अगले दिन 9 मार्च को एसडीएम विक्रम सिंह ने दूसरे सेंटर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को भी तोड़ दिया था। इन दोनों परीक्षा केंद्रों को लगभग 20 किलोमीटर दूर बुंदेबाज नगर स्थित राव जयराम सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शिफ्ट कर दिया गया था।
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बसई गांव में दो अलग-अलग स्कूलों में सेंटर चलते थे। जिस सेंटर पर बोर्ड सचिव, जिला उपायुक्त गई थी, उसे बहाल नहीं किया गया है। 9 मार्च को पिछली कार्रवाई को देखते हुए एसडीएम ने दूसरे सेंटर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक को रद्द कर दिया था। जब उनकी फ्लाइंग वहां गई तो वहां शांति पूर्ण परीक्षा चलने की रिपोर्ट लिखी थी तथा कोई बाहरी हस्तक्षेप नहीं था। अब जिला उपायुक्त ने जिला शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, सुप्रीटेंडेंट से रिपोर्ट मांगी थी। रिपोर्ट में सभी ने पॉजिटव रिस्पोंस दिया था। ओवर ऑल टेक्निकल मिस्टेक के कारण सेंटर तोड़ दिया गया था।
- जगबीर सिंह, चेयरमैन , हरियाणा शिक्षा बोर्ड
जिस सेंटर पर मेरी टीम छापा मारने में गई थी उसे बहाल नहीं किया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी से हमने रिपोर्ट में मांगी थी तो उन्होंने आश्वासन दिया था कि आगे सेंटर पर कोई दिक्कत नहीं होगी।
-जिला उपायुक्त, गरिमा मित्तल
महेंद्रगढ़। जिस गांव में बोर्ड सचिव को घेरने का प्रयास किया गया था उसी गांव के एक परीक्षा केंद्र को जिला उपायुक्त की सिफारिश पर बहाल कर दिया गया है। शनिवार को परीक्षा केंद्र पर कंप्यूटर साइंस की परीक्षा हुई। बोर्ड सचिव धीरेंद्र खड़गटा ने इस गांव के परीक्षा केंद्रों पर बाहरी हस्तक्षेप को देखते हुए दावा किया था कि यहां कभी सेंटर नहीं बनाया जाएगा। इसके बावजूद जिला उपायुक्त गरिमा मित्तल की सिफारिश पर बसई गांव के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में परीक्षाएं हो रही हैं। बोर्ड चेयरमैन का कहना है कि टेक्निकल मिस्टेक की वजह से सेंटर रद्द कर दिया गया था।
उल्लेखनीय है कि 8 मार्च को बोर्ड सचिव धीरेंद्र खड़गटा, जिला उपायुक्त, गरिमा मित्तल, एडीएम विक्रम सिंह, डीएसडब्ल्यूओ तथा दो अन्य उड़नदस्तों ने गांव बसई के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में छापा मारा था। छापेेमारी के दौरान लगभग 100 लोगों ने प्रशासन को सेंटर पर घेरने का प्रयास किया था। ग्रामीणों का आक्रामक रूप देखकर प्रशासन के हाथ पांव फूल गए थे। जिला उपायुक्त ने मार्केट कमेटी के चेयरमैन एवं भाजपा कार्यकर्ता कंवर डालू सिंह को चेतावनी दी थी कि अगर ग्रामीणों ने कुछ गलत किया तो अच्छा नहीं होगा। इसके बाद कंवर डालू सिंह ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर भेज दिया था। इस मौके पर बोर्ड सचिव ने धीरेंद्र खड़गटा ने मीडिया के सामने दोनों सेंटर तोड़ने की बात भी कही थी। उन्होंने कहा था कि यहां के सेंटर स्थायी रूप से तोड़ दिए गए हैं।
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बसई के दोनों सेंटर को था तोड़ा
गांव बसई में अलग-अलग स्कूल में दो सेंटर चलते थे। बोर्ड को गांव बसई के सेंटरों पर नकल होने की शिकायत मिल रही थी। इसके बाद 8 मार्च को बोर्ड सचिव सहित अन्य उड़न दस्ते ने राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण किया तो सेंटर पर बाहरी हस्तक्षेप एवं ग्रामीणों के आक्रमक रुख के चलते तोड़ दिया था। अगले दिन 9 मार्च को एसडीएम विक्रम सिंह ने दूसरे सेंटर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को भी तोड़ दिया था। इन दोनों परीक्षा केंद्रों को लगभग 20 किलोमीटर दूर बुंदेबाज नगर स्थित राव जयराम सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शिफ्ट कर दिया गया था।
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बसई गांव में दो अलग-अलग स्कूलों में सेंटर चलते थे। जिस सेंटर पर बोर्ड सचिव, जिला उपायुक्त गई थी, उसे बहाल नहीं किया गया है। 9 मार्च को पिछली कार्रवाई को देखते हुए एसडीएम ने दूसरे सेंटर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक को रद्द कर दिया था। जब उनकी फ्लाइंग वहां गई तो वहां शांति पूर्ण परीक्षा चलने की रिपोर्ट लिखी थी तथा कोई बाहरी हस्तक्षेप नहीं था। अब जिला उपायुक्त ने जिला शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, सुप्रीटेंडेंट से रिपोर्ट मांगी थी। रिपोर्ट में सभी ने पॉजिटव रिस्पोंस दिया था। ओवर ऑल टेक्निकल मिस्टेक के कारण सेंटर तोड़ दिया गया था।
- जगबीर सिंह, चेयरमैन , हरियाणा शिक्षा बोर्ड
जिस सेंटर पर मेरी टीम छापा मारने में गई थी उसे बहाल नहीं किया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी से हमने रिपोर्ट में मांगी थी तो उन्होंने आश्वासन दिया था कि आगे सेंटर पर कोई दिक्कत नहीं होगी।
-जिला उपायुक्त, गरिमा मित्तल