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तूने बांसुरी बजायी तो धमाल हो गया...
Updated Thu, 31 Aug 2017 12:35 AM IST
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तूने बांसुरी बजायी तो धमाल हो गया...
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। मोहल्ला संघीवाडा के गणेश मंदिर में चल रही संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन बुधवार को आचार्य मनीष शास्त्री ने मुख्य यजमान सत्य प्रकाश संघी परिवार से पूजन करवाया। इसके बाद आचार्य बजरंग शास्त्री ने प्रवचन में बताया कि भगवान कृष्ण का जन्म दुष्टों के संहार और संत-ब्राह्मणों की रक्षा के लिए हुआ था। जब-जब धर्म की हानि होती है और अधर्म का विस्तार होता है, तब-तब प्रभु पृथ्वी पर अवतार लेते हैं।
कृष्ण जी का जन्म हुआ तो सभी ब्रजवासी माता यशोदा के महल में बधाई देने आने लगे। श्रीकृष्ण भगवान का जन्म होते ही कंस को भी चिंता होने लगी। कंस ने कृष्ण को मारने के लिए कई राक्षसों को भेजा। कंस के भेजे अनेक राक्षसों जैसे बकासुर, धेनूकासुर, वत्सासुरख् अघासुर आदि का श्री कृष्ण ने उद्धार किया। आचार्य ने श्रीकृष्ण की माखन चोरी लीला का भी वर्णन किया। बताया कि किस तरह से श्रीकृष्ण ने इंद्र का अभिमान दूर किया। इस अवसर पर रमेश संघी, बृजभूषण, प्रवीण संघी, नवीन संघी, राहुल संघी, महेश गुप्ता, पुरुषोत्तम संघी, मनोहर लाल, संजय संघी, प्रियंका आदि श्रद्धालु उपस्थित थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। मोहल्ला संघीवाडा के गणेश मंदिर में चल रही संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन बुधवार को आचार्य मनीष शास्त्री ने मुख्य यजमान सत्य प्रकाश संघी परिवार से पूजन करवाया। इसके बाद आचार्य बजरंग शास्त्री ने प्रवचन में बताया कि भगवान कृष्ण का जन्म दुष्टों के संहार और संत-ब्राह्मणों की रक्षा के लिए हुआ था। जब-जब धर्म की हानि होती है और अधर्म का विस्तार होता है, तब-तब प्रभु पृथ्वी पर अवतार लेते हैं।
कृष्ण जी का जन्म हुआ तो सभी ब्रजवासी माता यशोदा के महल में बधाई देने आने लगे। श्रीकृष्ण भगवान का जन्म होते ही कंस को भी चिंता होने लगी। कंस ने कृष्ण को मारने के लिए कई राक्षसों को भेजा। कंस के भेजे अनेक राक्षसों जैसे बकासुर, धेनूकासुर, वत्सासुरख् अघासुर आदि का श्री कृष्ण ने उद्धार किया। आचार्य ने श्रीकृष्ण की माखन चोरी लीला का भी वर्णन किया। बताया कि किस तरह से श्रीकृष्ण ने इंद्र का अभिमान दूर किया। इस अवसर पर रमेश संघी, बृजभूषण, प्रवीण संघी, नवीन संघी, राहुल संघी, महेश गुप्ता, पुरुषोत्तम संघी, मनोहर लाल, संजय संघी, प्रियंका आदि श्रद्धालु उपस्थित थे।
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