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गोस्वामी तुलसीदास जयंती मनाई
Updated Sun, 30 Jul 2017 11:59 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। बाल चरित्र निर्माण सभा महेंद्रगढ़ के प्रांगण में रविवार को श्रावण शुक्ला सप्तमी को झम्मुवाली धर्मशाला में भारतीय संस्कृति के अमर गायक संत शिरोमणी गोस्वामी तुलसीदास जयंती मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता सागरमल शर्मा भूतपूर्व आबकारी एवं कराधान ने की।
इस अवसर पर बच्चों ने श्रीमद् भगवत गीता के श्लोकों, श्रीरामचरित मानव की चौपाइयाें, भजन और देव स्तुतियों का गायन किया। कार्यक्रम में बाल चरित्र निर्माण सभा के अनेक वरिष्ठ सदस्य भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह भजन संकीर्तन के साथ नगर में प्रभात फेरी से किया गया। उसके बाद सुंदरकांड का संगीतमय पाठ किया गया। मुख्य वक्ताओं ने श्रीरामचरित के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि श्रीराम चरितमानस भारतीय संस्कृति का एक संपूर्ण जीवन दर्शक प्रस्तुत करता है और हमें चरित्रपूर्ण जीवन जीने की प्रेरणा देता है। संस्था के संचालक रतिराम टांक ने सभी का आभार व्यक्त किया। साथ ही भविष्य में भी भारतीय संस्कृति के उत्थान में बाल चरित्र निर्माण सभा के कार्यक्रमों के माध्यम से सहयोग की अपेक्षा की। सभी प्रतिभागियों को पारितोषिक दिया गया। इस अवसर पर सितारचंद गुप्ता, ग्यारसी सैनी, श्रीराम यादव, मथुरादास गुप्ता, महेंद्र शर्मा, गोविंद आसोदिया, सुभाष भाऊवाला, जगदीश, सुरेश वर्मा, अक्खीराम सैनी, डा. अशोक शर्मा, परमेश्वरी देवी, आचार्या, रमेश टांक, सत्येंद यादव, सतीश गोस्वमी आरपी शर्मा आदि उपस्थित थे।
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महेंद्रगढ़। बाल चरित्र निर्माण सभा महेंद्रगढ़ के प्रांगण में रविवार को श्रावण शुक्ला सप्तमी को झम्मुवाली धर्मशाला में भारतीय संस्कृति के अमर गायक संत शिरोमणी गोस्वामी तुलसीदास जयंती मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता सागरमल शर्मा भूतपूर्व आबकारी एवं कराधान ने की।
इस अवसर पर बच्चों ने श्रीमद् भगवत गीता के श्लोकों, श्रीरामचरित मानव की चौपाइयाें, भजन और देव स्तुतियों का गायन किया। कार्यक्रम में बाल चरित्र निर्माण सभा के अनेक वरिष्ठ सदस्य भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह भजन संकीर्तन के साथ नगर में प्रभात फेरी से किया गया। उसके बाद सुंदरकांड का संगीतमय पाठ किया गया। मुख्य वक्ताओं ने श्रीरामचरित के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि श्रीराम चरितमानस भारतीय संस्कृति का एक संपूर्ण जीवन दर्शक प्रस्तुत करता है और हमें चरित्रपूर्ण जीवन जीने की प्रेरणा देता है। संस्था के संचालक रतिराम टांक ने सभी का आभार व्यक्त किया। साथ ही भविष्य में भी भारतीय संस्कृति के उत्थान में बाल चरित्र निर्माण सभा के कार्यक्रमों के माध्यम से सहयोग की अपेक्षा की। सभी प्रतिभागियों को पारितोषिक दिया गया। इस अवसर पर सितारचंद गुप्ता, ग्यारसी सैनी, श्रीराम यादव, मथुरादास गुप्ता, महेंद्र शर्मा, गोविंद आसोदिया, सुभाष भाऊवाला, जगदीश, सुरेश वर्मा, अक्खीराम सैनी, डा. अशोक शर्मा, परमेश्वरी देवी, आचार्या, रमेश टांक, सत्येंद यादव, सतीश गोस्वमी आरपी शर्मा आदि उपस्थित थे।
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