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सरकारी स्कूलों में बढ़े सात हजार विद्यार्थी
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राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल महेंद्रगढ़
- फोटो : Narnol
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दो दशकों में पहली बार सरकारी स्कूलों में सात हजार विद्यार्थी बढ़े हैं। शिक्षक दिवस पर रविवार को जिले के चार स्कूलों को सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान 2021-22 वर्ष के दौरान सबसे अधिक विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाए जाने पर दिया जाएगा। मुख्य समारोह शिक्षक दिवस पर नारनौल के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय नारनौल में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपायुक्त अजय कुमार होंगे जबकि अध्यक्षता जिला शिक्षा अधिकारी सुनील दत्त करेंगे। इस मौके पर जिला शिक्षा विभाग की ओर से ओवरऑल एक्टिविटी में अच्छा प्रदर्शन करने वाले 11 स्कूलों को भी सम्मानित किया जाएगा।
बता दें कि प्रदेश सरकार ने नामांकन के संदर्भ में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विद्यालयों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित करने का निर्णय लिया है। विभाग की ओर से इसके मापदंड तय किए हुए हैं। उन्हीं मापदंड के अनुसार जिले के चार स्कूलों ने विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने में अच्छा काम किया है। जिनमें राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल नारनौल, राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल अटेली, कस्तूरबा गांधी बालिक विद्यालय नियामतपुर, राजकीय प्राइमरी स्कूल सिरोही बहाली शामिल हैं। उपरोक्त स्कूलों के प्राचार्य या मुख्य अध्यापक को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के निदेशक की ओर से उपायुक्त के माध्यम से एक प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
आज के युग में निजी स्कूलों में पढ़ना एक क्रेज बना हुआ है। सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ना परिजन अपने आपको अपमानित महसूस करते हैं। इसी वजह से लगातार सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या कम गिरती जा रही थी। पिछले लगभग 20 वर्षों बाद सरकारी स्कूलों में 7 हजार विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है। पिछले वर्ष जिले के सरकारी स्कूलों में 61 हजार विद्यार्थी थे जो इस बार बढ़कर 68 हजार हो गए हैं। इस बार अध्यापकों ने घर-घर जाकर परिजनों को मोटिवेट किया और उसमें काफी हद तक कामयाब भी हुए हैं।
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प्राथमिक विद्यालय: 50 प्रतिशत से अधिक छात्र संख्या या न्यूनतम 40 छात्र बढ़े हैं।
माध्यमिक विद्यालय: 50 प्रतिशत से अधिक छात्र संख्या या न्यूनतम 75 छात्र बढ़ाए हैं।
उच्च विद्यालय: 40 प्रतिशत से अधिक छात्र संख्या या न्यूनतम 75 छात्र बढ़ाए हैं।
वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय: 20 प्रतिशत से अधिक छात्र संख्या या न्यूनतम 150 छात्र बढ़े हैं।
मॉडल संस्कृति महाविद्यालय: 50 प्रतिशत छात्र संख्या या न्यूनतम 250 छात्र बढ़े हैं।
जिला शिक्षा ने विभिन्न प्रकार की गतिविधियां, दाखिला संख्या बढ़ाने, अच्छा परीक्षा परिणाम, कलस्टर स्तर पर अच्छा कार्य करने वाले स्कूलों को सम्मानित करने का फैसला लिया गया है। जिले में ऐसे 11 स्कूल चिह्नित किए गए हैं। इन स्कूलों को जिला शिक्षा विभाग की ओर से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नारनौल
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नांगल चौधरी।
राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल महेंद्रगढ़।
राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल कनीना।
राजकीय उच्च विद्यालय छापड़ा बीबीपुर नांगल चौधरी
राजकीय उच्च विद्यालय डोहर नारनौल
राजकीय उच्च विद्यालय छितरौली, कनीना
राजकीय माध्यमिक विद्यालय अमरपुरा, नांगल चौधरी
राजकीय माध्यमिक विद्यालय शेखपुरा, अटेली
राजकीय प्राथमिक विद्यालय भोजावास, कनीना
राजकीय प्राथमिक विद्यालय अमरपुरा, नांगल चौधरी।
सरकार के मापदंड अनुसार चार स्कूलों ने बच्चों की संख्या बढ़ाई है जिनको रविवार को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा ओवर ऑल अच्छा प्रदर्शन करने वाले जिले के 11 स्कूलों को जिला शिक्षा विभाग की ओर से सम्मानित किए जाएंगे। -बिजेंद्र श्योराण, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, महेंद्रगढ़।
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बता दें कि प्रदेश सरकार ने नामांकन के संदर्भ में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विद्यालयों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित करने का निर्णय लिया है। विभाग की ओर से इसके मापदंड तय किए हुए हैं। उन्हीं मापदंड के अनुसार जिले के चार स्कूलों ने विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने में अच्छा काम किया है। जिनमें राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल नारनौल, राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल अटेली, कस्तूरबा गांधी बालिक विद्यालय नियामतपुर, राजकीय प्राइमरी स्कूल सिरोही बहाली शामिल हैं। उपरोक्त स्कूलों के प्राचार्य या मुख्य अध्यापक को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के निदेशक की ओर से उपायुक्त के माध्यम से एक प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
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आज के युग में निजी स्कूलों में पढ़ना एक क्रेज बना हुआ है। सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ना परिजन अपने आपको अपमानित महसूस करते हैं। इसी वजह से लगातार सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या कम गिरती जा रही थी। पिछले लगभग 20 वर्षों बाद सरकारी स्कूलों में 7 हजार विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है। पिछले वर्ष जिले के सरकारी स्कूलों में 61 हजार विद्यार्थी थे जो इस बार बढ़कर 68 हजार हो गए हैं। इस बार अध्यापकों ने घर-घर जाकर परिजनों को मोटिवेट किया और उसमें काफी हद तक कामयाब भी हुए हैं।
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प्राथमिक विद्यालय: 50 प्रतिशत से अधिक छात्र संख्या या न्यूनतम 40 छात्र बढ़े हैं।
माध्यमिक विद्यालय: 50 प्रतिशत से अधिक छात्र संख्या या न्यूनतम 75 छात्र बढ़ाए हैं।
उच्च विद्यालय: 40 प्रतिशत से अधिक छात्र संख्या या न्यूनतम 75 छात्र बढ़ाए हैं।
वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय: 20 प्रतिशत से अधिक छात्र संख्या या न्यूनतम 150 छात्र बढ़े हैं।
मॉडल संस्कृति महाविद्यालय: 50 प्रतिशत छात्र संख्या या न्यूनतम 250 छात्र बढ़े हैं।
जिला शिक्षा ने विभिन्न प्रकार की गतिविधियां, दाखिला संख्या बढ़ाने, अच्छा परीक्षा परिणाम, कलस्टर स्तर पर अच्छा कार्य करने वाले स्कूलों को सम्मानित करने का फैसला लिया गया है। जिले में ऐसे 11 स्कूल चिह्नित किए गए हैं। इन स्कूलों को जिला शिक्षा विभाग की ओर से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नारनौल
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नांगल चौधरी।
राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल महेंद्रगढ़।
राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल कनीना।
राजकीय उच्च विद्यालय छापड़ा बीबीपुर नांगल चौधरी
राजकीय उच्च विद्यालय डोहर नारनौल
राजकीय उच्च विद्यालय छितरौली, कनीना
राजकीय माध्यमिक विद्यालय अमरपुरा, नांगल चौधरी
राजकीय माध्यमिक विद्यालय शेखपुरा, अटेली
राजकीय प्राथमिक विद्यालय भोजावास, कनीना
राजकीय प्राथमिक विद्यालय अमरपुरा, नांगल चौधरी।
सरकार के मापदंड अनुसार चार स्कूलों ने बच्चों की संख्या बढ़ाई है जिनको रविवार को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा ओवर ऑल अच्छा प्रदर्शन करने वाले जिले के 11 स्कूलों को जिला शिक्षा विभाग की ओर से सम्मानित किए जाएंगे। -बिजेंद्र श्योराण, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, महेंद्रगढ़।