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कलेक्टर रेट को कम बताकर किसानों ने मांगा 60 लाख प्रति एकड़ मुआवजा
Updated Wed, 12 Dec 2018 12:39 AM IST
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महेंद्रगढ़। नेशनल हाइवे के लिए अधिग्रहण की जा रही जमीन के लिए किसानों ने बाजार के भाव से मुआवजा मांगा है। सरपंचों और ग्रामीणों ने कहा कि मार्केट रेट सरकार की ओर से तय किए गए कलेक्टर रेट से काफी अधिक है। एनएच के लिए अधिग्रहित की जा रही 50 गांवों की जमीन के लिए 60 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दिया जाए। यह रोड़ जिले में करीब 86 किलोमीटर लंबाई का होगा।
नारनौल से कुरूक्षेत्र के बीच प्रस्तावित सिक्स लेन कारीडोर के लिए जिले के कई गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। जिसके लिए सरकार की ओर से कलेक्टर रेट से दोगुने रेट से दोगुना-ढाई गुना फार्मूले के हिसाब से जमीन अधिग्रहण का निर्देश दिया गया है। जिन गांवों में जमीन अधिग्रहण होना है वहां 11 लाख रुपये प्रति एकड़ कलेक्टर रेट है। ऐसे में सरकार की ओर से कलेक्टर रेट से करीब 30 से 32 लाख रुपये तक मुआवजा बनेगा। मार्केट रेट के हिसाब से मुआवजे की मांग को लेकर 9 गांवों के सरपंच, किसान, ग्रामीण डीसी डॉ. गरिमा मित्तल से मिले। डुलाना सरपंच प्रवीण यादव, भालखी के सरपंच प्रकाश, सुरजनवास के सरपंच जितेंद्र, खेड़ा गांव के सरपंच रिंकू, पल्ल गांव के सरपंच प्रवीण, मेघनवास के सरपंच रमा, देवास के पूर्व सरपंच छाजूराम, भालखी के पूर्व सरपंच तोताराम, भालखी के सरपंच प्रतिनिधि अनिल कुमार, रघबीर बोहरा, गांव पायगा सुरेंद्र सिंह, कंवर सिंह बोहरा, राजभक्त देवास, रामौतार, रोहताश, राजपाल देवास, रघबीर, भगनराम देवास, राजपाल, परमजीत, मनजीत सिंह, डुलाना सरपंच प्रवीण यादव, योगेंद्र कुमार, राजपाल सहित अन्य ग्रामीणों का प्रतिनिधि मंडल मंगलवार को महेंद्रगढ़ में पहुंची डीसी गरिमा मित्तल से मिला।
किसानों ने मांगा 60 लाख प्रति एकड़
गांव देवास, भालखी, दोंगड़ा अहीर, सुरजनवास, खेड़ा नांगल, अकबरपुर, बुचावास, चितलांग, मेघनवास के ग्रामीणों ने कहा कि हमारे गांव का कलेक्टर रेट 9 से 18 लाख रुपये है। यह रेट बेहद कम है। मार्केट में इस समय प्रति एकड़ का रेट 60 लाख रुपये प्रति एकड़ से अधिक चल रहा है।
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जनस्वास्थ्य विभाग ने खरीदी 40 लाख रुपये प्रति एकड़
ग्रामीणों ने बताया कि जनस्वास्थ्य विभाग ने वर्ष 2017 में ग्राम पंचायत की जमीन खरीदी थी। जिसमें 40 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से जमीन को खरीदा गया था। झगडौली में करीब 50 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से जमीन बिकी है। सरकार कृषि योग्य जमीन का मुआवजा कम से कम 60 लाख रुपये प्रति एकड़ तय करे।
86 किलोमीटर ंलंबा होगा रोड
जिले में यह रोड गांव रायमिलकपुर से प्रवेश करेगा। जिले के अलग अलग गांव से गुजरते हुए सेहलंग-स्याणा होते हुए दादरी जिले तक रहेगा। जिले के करीब 50 गांवों से गुजरकर 86 किलोमीटर लंबा होगा। जमीन अधिग्रहण के लिए सार्वजनिक नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इस हाइवे पर करीब 5108 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
9 जिलों से गुजरेगा कारीडोर
ग्रीन कारीडोर का नेशनल हाइवे अगले ढाई साल में बनकर तैयार होना है। जिसकी कुल लंबाई 230 किलोमीटर होगी।
जिसके लिए अलग अलग कंपनियों को रोड टेंडर दिया जा रहा है। इस रोड को लेकर पिछले साल किसानों से आपत्तियां भी मांगी गई थी। हाइवे महेंद्रगढ़, दादरी, भिवानी, रोहतक, जींद, कैथल, करनाल, कुरूक्षेत्र तक पहुंचेगा।
नारनौल से कुरूक्षेत्र के बीच प्रस्तावित सिक्स लेन कारीडोर के लिए जिले के कई गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। जिसके लिए सरकार की ओर से कलेक्टर रेट से दोगुने रेट से दोगुना-ढाई गुना फार्मूले के हिसाब से जमीन अधिग्रहण का निर्देश दिया गया है। जिन गांवों में जमीन अधिग्रहण होना है वहां 11 लाख रुपये प्रति एकड़ कलेक्टर रेट है। ऐसे में सरकार की ओर से कलेक्टर रेट से करीब 30 से 32 लाख रुपये तक मुआवजा बनेगा। मार्केट रेट के हिसाब से मुआवजे की मांग को लेकर 9 गांवों के सरपंच, किसान, ग्रामीण डीसी डॉ. गरिमा मित्तल से मिले। डुलाना सरपंच प्रवीण यादव, भालखी के सरपंच प्रकाश, सुरजनवास के सरपंच जितेंद्र, खेड़ा गांव के सरपंच रिंकू, पल्ल गांव के सरपंच प्रवीण, मेघनवास के सरपंच रमा, देवास के पूर्व सरपंच छाजूराम, भालखी के पूर्व सरपंच तोताराम, भालखी के सरपंच प्रतिनिधि अनिल कुमार, रघबीर बोहरा, गांव पायगा सुरेंद्र सिंह, कंवर सिंह बोहरा, राजभक्त देवास, रामौतार, रोहताश, राजपाल देवास, रघबीर, भगनराम देवास, राजपाल, परमजीत, मनजीत सिंह, डुलाना सरपंच प्रवीण यादव, योगेंद्र कुमार, राजपाल सहित अन्य ग्रामीणों का प्रतिनिधि मंडल मंगलवार को महेंद्रगढ़ में पहुंची डीसी गरिमा मित्तल से मिला।
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किसानों ने मांगा 60 लाख प्रति एकड़
गांव देवास, भालखी, दोंगड़ा अहीर, सुरजनवास, खेड़ा नांगल, अकबरपुर, बुचावास, चितलांग, मेघनवास के ग्रामीणों ने कहा कि हमारे गांव का कलेक्टर रेट 9 से 18 लाख रुपये है। यह रेट बेहद कम है। मार्केट में इस समय प्रति एकड़ का रेट 60 लाख रुपये प्रति एकड़ से अधिक चल रहा है।
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जनस्वास्थ्य विभाग ने खरीदी 40 लाख रुपये प्रति एकड़
ग्रामीणों ने बताया कि जनस्वास्थ्य विभाग ने वर्ष 2017 में ग्राम पंचायत की जमीन खरीदी थी। जिसमें 40 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से जमीन को खरीदा गया था। झगडौली में करीब 50 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से जमीन बिकी है। सरकार कृषि योग्य जमीन का मुआवजा कम से कम 60 लाख रुपये प्रति एकड़ तय करे।
86 किलोमीटर ंलंबा होगा रोड
जिले में यह रोड गांव रायमिलकपुर से प्रवेश करेगा। जिले के अलग अलग गांव से गुजरते हुए सेहलंग-स्याणा होते हुए दादरी जिले तक रहेगा। जिले के करीब 50 गांवों से गुजरकर 86 किलोमीटर लंबा होगा। जमीन अधिग्रहण के लिए सार्वजनिक नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इस हाइवे पर करीब 5108 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
9 जिलों से गुजरेगा कारीडोर
ग्रीन कारीडोर का नेशनल हाइवे अगले ढाई साल में बनकर तैयार होना है। जिसकी कुल लंबाई 230 किलोमीटर होगी।
जिसके लिए अलग अलग कंपनियों को रोड टेंडर दिया जा रहा है। इस रोड को लेकर पिछले साल किसानों से आपत्तियां भी मांगी गई थी। हाइवे महेंद्रगढ़, दादरी, भिवानी, रोहतक, जींद, कैथल, करनाल, कुरूक्षेत्र तक पहुंचेगा।