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सब्जी मंडी में नहीं हो रही प्रतिदिन सफाई
Updated Wed, 03 Oct 2018 01:25 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। देश में 15 दिनों से स्वच्छता सेवा पखवाड़ा चल रहा है। परंतु महेंद्रगढ़ की सब्जी मंडी के हालात सफाई को लेकर आज भी खराब हैं। मंडी में प्रतिदिन सफाई नहीं होने के कारण सब्जी विक्रेता नारकीय जीवन जीने पर मजबूर हैं। चार वर्ष पूर्व शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने मंडी में झाडू़ लगाकर सफाई अभियान की शुरूआत की थी। आज उसी मंडी की सफाई के मामले में हालात खस्ता है। गांधी जयंती को लेकर मंडी में सोमवार को कई दिनों बाद सफाई करवा दी गई, लेकिन मंगलवार को दोबारा वही हालात हो गए हैं। मंडी में जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। कूड़े के ढेर में लावारिस पशु मुंह मारते रहते हैं। हकीकत ये है कि मार्केट कमेटी का सफाई के टेंडर को खत्म हुए दो महीने बीत चुके हैं। अभी तक दोबारा टेंडर नहीं हुआ।
लावारिस पशु भी फैलाते हैं गंदगी
शहर की सब्जी मंडी में लावारिस पशुओं की भरमार हैं। जब सीएम रैली होनी थी तो उस समय प्रशासन ने सभी लावारिस पशुओं को मंडी से बाहर निकाल दिया था। उसके बाद अब दोबारा मंडी में लावारिस पशु आ गए हैं। लावारिस पशु गंदगी में मुंह मारकर उसको फैला देते हैं।
धन्यवाद रैली से पहले निकली थी 150 ट्राली कूड़ा
21 जुलाई को मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सब्जी मंडी में रैली आयोजित की गई थी। मंडी में लगभग तीन दिन तक सफाई अभियान चला था। इस दौरान जेसीबी मशीन लगाकर कूड़ा उठाया गया था और 150 ट्रॉली कूड़ा मंडी परिसर से निकला था। उसके बाद मंडी में सुचारु रूप से सफाई नहीं हो पाई। सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि मंडी में प्रतिदिन पांच से सात ट्रॉली कूड़ा निकलता है, लेकिन सफाई प्रतिदिन नहीं होने से कूड़ा जमा होता रहता है।
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दो महीने पहले हुआ टेंडर खत्म
मार्केट कमेटी का सब्जी मंडी की साफ-सफाई का ठेका 31 जुलाई को खत्म हो गया था। टेंडर लगभग 42 हजार रुपये सालाना था। दो महीने बीतने के बाद भी प्रशासन ने दोबारा ठेका अॅलाट नहीं किया। प्रशासन ने इस बार मजदूरों से सफाई करवाने का निर्णय लिया है। मार्केट कमेटी प्रशासन ने बताया कि प्रतिदिन दो मजदूर सफाई के लिए रखे हुए हैं जो मंडी में सफाई के लिए जाते हैं और कूड़ा एकत्रित करते हैं। सप्ताह में एक बार कूड़े की लिफ्टिंग करवा दी जाती है।
वर्जन
मंडी में सफाई बहुत कम होती है। मुख्यमंत्री की रैली के बाद सोमवार को सफाई करने के लिए कर्मचारी आए थे। बीच में एक दिन भी सफाई नहीं हुई। मंगलवार को मंडी के दोबारा से पहले जैसे हालात हो गए हैं।
- रामनिवास सैनी, सब्जी विक्रेता।
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मंडी में कभी कभार ही सफाई होती है जो कर्मचारी सफाई के लिए आते हैं वो केवल आढ़तियों की फड़ साफ करके जाते हैं। जबकि मासाखोरों की ओर सफाई नहीं करते। इसके लिए प्रशासन को शिकायत भी की हुई है।
- रिंकू सैनी।
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सब्जी मंडी में प्रतिदिन सफाई नहीं होती। प्रधान सप्ताह में एक बार सफाई करवाता है। उसके बाद प्रतिदिन मासाखोरों को ही सफाई करनी पड़ती है। तब तक बहुत अधिक कूड़ा एकत्रित हो जाता है। उससे निकलने वाली दुर्गंध से सब्जी बेचना दुर्भर हो जाता है।
- नरेश
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लावारिस पशु के कारण मंडी के सभी मासाखोर तथा रेहड़ी चालक परेशान है। सब्जियों को बिखेर कर उन्हें आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाते हैं। कई लोगों को पीछे से सींग मार कर भी घायल कर चुके हैं। प्रशासन को लावारिस पशुओं को गोशाला में भिजवाना चाहिए। ताकि सब्जी बेचने में परेशानी न हो।
-मुकेश।
वर्जन
सब्जी मंडी में प्रतिदिन सफाई कर्मचारी भेजे जा रहे हैं। सप्ताह में एक बार कूड़ा का उठान करवा दिया जाता है। सोमवार को भी मंडी सफाई करवाई गई थी।
- अशोक यादव, सचिव, मार्केट कमेटी।
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महेंद्रगढ़। देश में 15 दिनों से स्वच्छता सेवा पखवाड़ा चल रहा है। परंतु महेंद्रगढ़ की सब्जी मंडी के हालात सफाई को लेकर आज भी खराब हैं। मंडी में प्रतिदिन सफाई नहीं होने के कारण सब्जी विक्रेता नारकीय जीवन जीने पर मजबूर हैं। चार वर्ष पूर्व शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने मंडी में झाडू़ लगाकर सफाई अभियान की शुरूआत की थी। आज उसी मंडी की सफाई के मामले में हालात खस्ता है। गांधी जयंती को लेकर मंडी में सोमवार को कई दिनों बाद सफाई करवा दी गई, लेकिन मंगलवार को दोबारा वही हालात हो गए हैं। मंडी में जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। कूड़े के ढेर में लावारिस पशु मुंह मारते रहते हैं। हकीकत ये है कि मार्केट कमेटी का सफाई के टेंडर को खत्म हुए दो महीने बीत चुके हैं। अभी तक दोबारा टेंडर नहीं हुआ।
लावारिस पशु भी फैलाते हैं गंदगी
शहर की सब्जी मंडी में लावारिस पशुओं की भरमार हैं। जब सीएम रैली होनी थी तो उस समय प्रशासन ने सभी लावारिस पशुओं को मंडी से बाहर निकाल दिया था। उसके बाद अब दोबारा मंडी में लावारिस पशु आ गए हैं। लावारिस पशु गंदगी में मुंह मारकर उसको फैला देते हैं।
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धन्यवाद रैली से पहले निकली थी 150 ट्राली कूड़ा
21 जुलाई को मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सब्जी मंडी में रैली आयोजित की गई थी। मंडी में लगभग तीन दिन तक सफाई अभियान चला था। इस दौरान जेसीबी मशीन लगाकर कूड़ा उठाया गया था और 150 ट्रॉली कूड़ा मंडी परिसर से निकला था। उसके बाद मंडी में सुचारु रूप से सफाई नहीं हो पाई। सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि मंडी में प्रतिदिन पांच से सात ट्रॉली कूड़ा निकलता है, लेकिन सफाई प्रतिदिन नहीं होने से कूड़ा जमा होता रहता है।
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दो महीने पहले हुआ टेंडर खत्म
मार्केट कमेटी का सब्जी मंडी की साफ-सफाई का ठेका 31 जुलाई को खत्म हो गया था। टेंडर लगभग 42 हजार रुपये सालाना था। दो महीने बीतने के बाद भी प्रशासन ने दोबारा ठेका अॅलाट नहीं किया। प्रशासन ने इस बार मजदूरों से सफाई करवाने का निर्णय लिया है। मार्केट कमेटी प्रशासन ने बताया कि प्रतिदिन दो मजदूर सफाई के लिए रखे हुए हैं जो मंडी में सफाई के लिए जाते हैं और कूड़ा एकत्रित करते हैं। सप्ताह में एक बार कूड़े की लिफ्टिंग करवा दी जाती है।
वर्जन
मंडी में सफाई बहुत कम होती है। मुख्यमंत्री की रैली के बाद सोमवार को सफाई करने के लिए कर्मचारी आए थे। बीच में एक दिन भी सफाई नहीं हुई। मंगलवार को मंडी के दोबारा से पहले जैसे हालात हो गए हैं।
- रामनिवास सैनी, सब्जी विक्रेता।
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मंडी में कभी कभार ही सफाई होती है जो कर्मचारी सफाई के लिए आते हैं वो केवल आढ़तियों की फड़ साफ करके जाते हैं। जबकि मासाखोरों की ओर सफाई नहीं करते। इसके लिए प्रशासन को शिकायत भी की हुई है।
- रिंकू सैनी।
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सब्जी मंडी में प्रतिदिन सफाई नहीं होती। प्रधान सप्ताह में एक बार सफाई करवाता है। उसके बाद प्रतिदिन मासाखोरों को ही सफाई करनी पड़ती है। तब तक बहुत अधिक कूड़ा एकत्रित हो जाता है। उससे निकलने वाली दुर्गंध से सब्जी बेचना दुर्भर हो जाता है।
- नरेश
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लावारिस पशु के कारण मंडी के सभी मासाखोर तथा रेहड़ी चालक परेशान है। सब्जियों को बिखेर कर उन्हें आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाते हैं। कई लोगों को पीछे से सींग मार कर भी घायल कर चुके हैं। प्रशासन को लावारिस पशुओं को गोशाला में भिजवाना चाहिए। ताकि सब्जी बेचने में परेशानी न हो।
-मुकेश।
वर्जन
सब्जी मंडी में प्रतिदिन सफाई कर्मचारी भेजे जा रहे हैं। सप्ताह में एक बार कूड़ा का उठान करवा दिया जाता है। सोमवार को भी मंडी सफाई करवाई गई थी।
- अशोक यादव, सचिव, मार्केट कमेटी।