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एशयिड में 50 किलोमीटर रेस वॉक के लिए संदीप का हुआ चयन
Updated Fri, 06 Jul 2018 12:48 AM IST
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एशियाड में 50 किलोमीटर रेस वॉक के लिए संदीप का चयन
सतनाली मंडी। इंडोनेशिया के जकार्ता में बिछी एशियन खेलों की बिसात पर एथलेटिक्स स्पर्धा में अपनी चाल के बूते विरोधियों को मात देकर देश का सिर ऊंचा करना एक मात्र लक्ष्य है। यह कहना है सतनाली के गांव सुरेहती जाखल के संदीप कुमार का। जोकि जकार्ता में 18 अगस्त से शुरू होने जा रहे एशिया में खेलों के सबसे बड़े महाकुंभ एशियाड में 50 किलोमीटर पैदल चाल स्पर्धा में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे।
संदीप ने बताया कि एशियन गेम्स के लिए उसकी तैयारियां काफी अच्छी चल रही है। संदीप कुमार ने बताया कि एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की सलेक्शन कमेटी की 30 जून को हुई बैठक में 58वीं नेशनल इंटर स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में बेहतर प्रदर्शन की बदौलत उनका इंडोनेशिया के जकार्ता में 18 अगस्त से शुरू होने वाले एशियन गेम्स की 50 किलोमीटर पैदल चाल स्पर्धा के लिए चयन किया है। उन्होंने बताया कि एशियन गेम्स के लिए उन्होंने अच्छी तैयारियां की है जिसके बल पर उम्मीद ही नहीं, विश्वास है कि स्वर्ण पदक जीतकर देश का सिर ऊंचा करूंगा। संदीप ने कहा कि देश में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। गांव-देहात में युवाओं और बच्चों को तैयारियों के लिए अगर उचित संसाधन एवं मार्गदर्शन मिले तो यहां से भी अनेक प्रतिभाएं सामने आ सकती हैं और देश खेलों में महाशक्ति बन सकता है।
गौरतलब है कि संदीप कुमार 2016 में आयोजित रियो ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। सतनाली खंड के गांव सुरेहती जाखल के एक गरीब किसान परिवार में जन्मे संदीप के सिर से बचपन में ही मां ओमपती देवी का साया छिन गया था। संदीप ने बताया कि पिता प्रीतम पूनिया ने मेहनत मजदूरी और भेड़-बकरी चराते हुए माता एवं पिता की जिम्मेदारी निभाते हुए उसे सतनाली स्थित एलएनबी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से दस जमा दो तक की पढ़ाई पूरी करवाई। इसके बाद संदीप 2006 में भारतीय सेना की जाट रेजीमेंट में भर्ती हो गया जहां 2008 में सेना के कोच सूबेदार मेजर सीताराम से संदीप के वाकिंग कौशल को पहचानते हुए उसे वाकिंग की बारीकियों से अवगत कराया, जिसकी बदौलत मई 2012 में रूस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय 50 किलोमीटर की वाकिंग प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल प्राप्त किया और इसके बाद अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए रियो ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
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सतनाली मंडी। इंडोनेशिया के जकार्ता में बिछी एशियन खेलों की बिसात पर एथलेटिक्स स्पर्धा में अपनी चाल के बूते विरोधियों को मात देकर देश का सिर ऊंचा करना एक मात्र लक्ष्य है। यह कहना है सतनाली के गांव सुरेहती जाखल के संदीप कुमार का। जोकि जकार्ता में 18 अगस्त से शुरू होने जा रहे एशिया में खेलों के सबसे बड़े महाकुंभ एशियाड में 50 किलोमीटर पैदल चाल स्पर्धा में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे।
संदीप ने बताया कि एशियन गेम्स के लिए उसकी तैयारियां काफी अच्छी चल रही है। संदीप कुमार ने बताया कि एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की सलेक्शन कमेटी की 30 जून को हुई बैठक में 58वीं नेशनल इंटर स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में बेहतर प्रदर्शन की बदौलत उनका इंडोनेशिया के जकार्ता में 18 अगस्त से शुरू होने वाले एशियन गेम्स की 50 किलोमीटर पैदल चाल स्पर्धा के लिए चयन किया है। उन्होंने बताया कि एशियन गेम्स के लिए उन्होंने अच्छी तैयारियां की है जिसके बल पर उम्मीद ही नहीं, विश्वास है कि स्वर्ण पदक जीतकर देश का सिर ऊंचा करूंगा। संदीप ने कहा कि देश में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। गांव-देहात में युवाओं और बच्चों को तैयारियों के लिए अगर उचित संसाधन एवं मार्गदर्शन मिले तो यहां से भी अनेक प्रतिभाएं सामने आ सकती हैं और देश खेलों में महाशक्ति बन सकता है।
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गौरतलब है कि संदीप कुमार 2016 में आयोजित रियो ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। सतनाली खंड के गांव सुरेहती जाखल के एक गरीब किसान परिवार में जन्मे संदीप के सिर से बचपन में ही मां ओमपती देवी का साया छिन गया था। संदीप ने बताया कि पिता प्रीतम पूनिया ने मेहनत मजदूरी और भेड़-बकरी चराते हुए माता एवं पिता की जिम्मेदारी निभाते हुए उसे सतनाली स्थित एलएनबी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से दस जमा दो तक की पढ़ाई पूरी करवाई। इसके बाद संदीप 2006 में भारतीय सेना की जाट रेजीमेंट में भर्ती हो गया जहां 2008 में सेना के कोच सूबेदार मेजर सीताराम से संदीप के वाकिंग कौशल को पहचानते हुए उसे वाकिंग की बारीकियों से अवगत कराया, जिसकी बदौलत मई 2012 में रूस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय 50 किलोमीटर की वाकिंग प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल प्राप्त किया और इसके बाद अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए रियो ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
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