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ओडीएफ देखने पहुंची क्यूसीआई टीम, सौंपी रिपोर्ट
Updated Fri, 22 Jun 2018 12:52 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
मंडी अटेली। प्रदेश में सबसे बाद में ओडीएफ हुई अटेली में क्यूसीआई (भारतीय गुणवत्ता परिषद) टीम वीरवार को कस्बे का दौरा करने पहुंची। टीम ने मोबाइल शौचालय, शहर में कचरा प्रबंधन का स्थान व अन्य साफ-सफाई देखी।
लोगों का कहना है कि टीम के आने की जानकारी मिलने के कारण कुछ जगह तो वीरवार को सफाई की गई है। टीम ने देखा कि अधिकतर स्थानों पर कचरा पसरा हुआ है। मोबाइल टायलेट बंद है तो कुछ की हालत ठीक है। क्यूसीआई के ऑल इंडिया समन्वयक कुमार गौरव व जिला समन्वयक जितेंद्र ने बताया कि हर छह माह रिपोर्ट प्रस्तुत करनी पड़ती है कि यहां की हालत कैसी है। पहले से अच्छी स्थिति में है या बदतर हालत में है।
नगरपालिका में स्थायी कर्मचारी के तबादले के स्थान पर आये दूसरे कर्मचारी ने यहां ज्वाइन नहीं किया है। यहां कर्मचारियों की कमी के चलते ओडीएफ स्थिति में कोई सुधार नहीं है। हालांकि टीम की जानकारी पहले से पता होने के कारण मोबाइल शौचालय में पानी डलवा दिया, अन्य दिनों में इनमें पानी तक नहीं रहता है। जहां भी मोबाइल टायलेट रखे हुए हैं लोग इसकी उठाने की मांग करते है। सार्वजनिक शौचालयों का कस्बा में भारी अभाव है। कांटी-बहरोड़ सड़क मार्ग पर सार्वजनिक शौचालय बनाये गये थे। उनको रेलवे ओवर ब्रिज का काम चलने के कारण तोड़ दिया था। नगरपालिका तो पता होते हुए यहां इन शौचालय का निर्माण करवाया था जो एक माह के बाद ही टूट गया। समन्वयक कुमार जितेन्द्र ने बताया कि रिपोर्ट को गोपनीय रखते हैं। जोकि उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
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मंडी अटेली। प्रदेश में सबसे बाद में ओडीएफ हुई अटेली में क्यूसीआई (भारतीय गुणवत्ता परिषद) टीम वीरवार को कस्बे का दौरा करने पहुंची। टीम ने मोबाइल शौचालय, शहर में कचरा प्रबंधन का स्थान व अन्य साफ-सफाई देखी।
लोगों का कहना है कि टीम के आने की जानकारी मिलने के कारण कुछ जगह तो वीरवार को सफाई की गई है। टीम ने देखा कि अधिकतर स्थानों पर कचरा पसरा हुआ है। मोबाइल टायलेट बंद है तो कुछ की हालत ठीक है। क्यूसीआई के ऑल इंडिया समन्वयक कुमार गौरव व जिला समन्वयक जितेंद्र ने बताया कि हर छह माह रिपोर्ट प्रस्तुत करनी पड़ती है कि यहां की हालत कैसी है। पहले से अच्छी स्थिति में है या बदतर हालत में है।
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नगरपालिका में स्थायी कर्मचारी के तबादले के स्थान पर आये दूसरे कर्मचारी ने यहां ज्वाइन नहीं किया है। यहां कर्मचारियों की कमी के चलते ओडीएफ स्थिति में कोई सुधार नहीं है। हालांकि टीम की जानकारी पहले से पता होने के कारण मोबाइल शौचालय में पानी डलवा दिया, अन्य दिनों में इनमें पानी तक नहीं रहता है। जहां भी मोबाइल टायलेट रखे हुए हैं लोग इसकी उठाने की मांग करते है। सार्वजनिक शौचालयों का कस्बा में भारी अभाव है। कांटी-बहरोड़ सड़क मार्ग पर सार्वजनिक शौचालय बनाये गये थे। उनको रेलवे ओवर ब्रिज का काम चलने के कारण तोड़ दिया था। नगरपालिका तो पता होते हुए यहां इन शौचालय का निर्माण करवाया था जो एक माह के बाद ही टूट गया। समन्वयक कुमार जितेन्द्र ने बताया कि रिपोर्ट को गोपनीय रखते हैं। जोकि उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
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