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धरती के प्राणियों को पराबैंगनी किरणों से बचाती है ओजोन
Updated Sun, 17 Sep 2017 01:23 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। टैगोर विद्यालय में शनिवार को विश्व ओजोन दिवस मनाया गया। विद्यालय की प्रिंसिपल डॉ. निशा यादव ने विद्यार्थियों से कहा कि पृथ्वी से 10 किलोमीटर से लेकर 50 किलोमीटर तक की ऊंचाई पर ओजोन परत है। यह पृथ्वी पर सभी प्राणियों को सूर्य से आने वाली पराबैंगनी किरणों से बचाती है। यदि पराबैंगनी किरणें सीधी पृथ्वी पर आ जाएं तो सभी जीव जंतु और मानव जातियों का जीवन संकट में पड़ जाएगा।
विद्यालय के चेयरमैन बीएल यादव ने कहा कि अंटार्कटिका में ओजोन परत में एक बड़ा छेद हो गया है। यह विश्व के लिए एक बड़ा खतरा है। ओजोन परत में और छिद्र न हों, इसके लिए हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए। इससे पृथ्वी पर अधिक से अधिक ऑक्सीजन उपलब्ध होगी। यह ओजोन लेयर को मजबूती प्रदान करेगी। उन्होंने एसी, फ्रिज, कूलर का कम से कम प्रयोग करने के लिए कहा। साथ ही फोम के गद्दों का प्रयोग नहीं करने की सलाह दी। विद्यालय के डायरेक्टर राहुल यादव ने बताया कि ओजोन लेयर की सुरक्षा के लिए यूएनओ ने 16 सितंबर को ओजोन दिवस मनाने का निर्णय लिया है। उप प्रधानाचार्य रामनिवास यादव, प्रवक्ता सुभाष यादव, अमित शर्मा, बलेश्वर और सोना मैडम ने ओजोन परत के महत्व के बारे में बताया। आशु कवि और प्रवक्ता निर्मल शर्मा ने अपनी रचना के माध्यम से ओजोन परत को बचाने का आह्वान किया। इस अवसर पर विद्यालय का पूरा स्टाफ और सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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महेंद्रगढ़। टैगोर विद्यालय में शनिवार को विश्व ओजोन दिवस मनाया गया। विद्यालय की प्रिंसिपल डॉ. निशा यादव ने विद्यार्थियों से कहा कि पृथ्वी से 10 किलोमीटर से लेकर 50 किलोमीटर तक की ऊंचाई पर ओजोन परत है। यह पृथ्वी पर सभी प्राणियों को सूर्य से आने वाली पराबैंगनी किरणों से बचाती है। यदि पराबैंगनी किरणें सीधी पृथ्वी पर आ जाएं तो सभी जीव जंतु और मानव जातियों का जीवन संकट में पड़ जाएगा।
विद्यालय के चेयरमैन बीएल यादव ने कहा कि अंटार्कटिका में ओजोन परत में एक बड़ा छेद हो गया है। यह विश्व के लिए एक बड़ा खतरा है। ओजोन परत में और छिद्र न हों, इसके लिए हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए। इससे पृथ्वी पर अधिक से अधिक ऑक्सीजन उपलब्ध होगी। यह ओजोन लेयर को मजबूती प्रदान करेगी। उन्होंने एसी, फ्रिज, कूलर का कम से कम प्रयोग करने के लिए कहा। साथ ही फोम के गद्दों का प्रयोग नहीं करने की सलाह दी। विद्यालय के डायरेक्टर राहुल यादव ने बताया कि ओजोन लेयर की सुरक्षा के लिए यूएनओ ने 16 सितंबर को ओजोन दिवस मनाने का निर्णय लिया है। उप प्रधानाचार्य रामनिवास यादव, प्रवक्ता सुभाष यादव, अमित शर्मा, बलेश्वर और सोना मैडम ने ओजोन परत के महत्व के बारे में बताया। आशु कवि और प्रवक्ता निर्मल शर्मा ने अपनी रचना के माध्यम से ओजोन परत को बचाने का आह्वान किया। इस अवसर पर विद्यालय का पूरा स्टाफ और सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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