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Mahendragarh-Narnaul News: 60 विद्यार्थियों को पोषण वाटिका तैयार करने के लिए प्रशिक्षण दिया
Mon, 11 Nov 2024 05:08 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Mon, 11 Nov 2024 05:08 PM IST
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महेंद्रगढ़। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बेरावास में एक दिवसीय पोषण वाटिका कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का आयोजन चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के विस्तार विभाग कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से हुआ। कृषि वैज्ञानिकों द्वारा पोषण वाटिका के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
कार्यक्रम में वरिष्ठ संयोजक डॉ. जयलाल यादव ने बताया की स्कूली उम्र के बच्चों में कुपोषण के लिए विभिन्न कारक जिम्मेदार हैं। इस संदर्भ में पोषण के महत्व एवं स्वस्थ आहार के बारे में जागरूकता की कमी एक महत्वपूर्ण कारण है। जीवन के प्रारंभिक वर्षों में समुचित पौष्टिक आहार न मिलने से आवश्यक विटामिन और पोषक तत्वों की कमी हो जाती है, जिससे किशोरावस्था सहित बाद के वर्षों में बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है।
पोषण वाटिका के लिए ऐसे स्थान का चुनाव करना चाहिए जहां पानी पर्याप्त मात्रा में मिल सके। वाटिका की मिट्टी उपजाऊ, स्थान खुला हो ताकि उस में सूरज की भरपूर रोशनी पहुंच सके। डॉ. पूनम यादव ने बताया की पोषण वाटिका कार्यक्रम द्वारा खाद्य सुरक्षा व पोषण सुरक्षा को प्राप्त किया जा सकता है। एक पांच सदस्य वाले औसतन परिवार को पूरे सालभर की इन सब्जियों की जरूरत को पूरा करने के लिए 200 से 250 वर्ग मीटर गज जमीन काफी है। इसमें छोटी-छोटी क्यारियां बनाकर उसमें जरूरत के अनुसार पोषक तत्व वाली सब्जियों को उगाया जा सकता है। प्रशिक्षण के दौरान 60 स्कूली बच्चों एवं स्कूल स्टाफ को सब्जी बीज पैकेट वितरित किए गए। इस अवसर पर विद्यार्थी एवं स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
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कार्यक्रम में वरिष्ठ संयोजक डॉ. जयलाल यादव ने बताया की स्कूली उम्र के बच्चों में कुपोषण के लिए विभिन्न कारक जिम्मेदार हैं। इस संदर्भ में पोषण के महत्व एवं स्वस्थ आहार के बारे में जागरूकता की कमी एक महत्वपूर्ण कारण है। जीवन के प्रारंभिक वर्षों में समुचित पौष्टिक आहार न मिलने से आवश्यक विटामिन और पोषक तत्वों की कमी हो जाती है, जिससे किशोरावस्था सहित बाद के वर्षों में बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है।
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पोषण वाटिका के लिए ऐसे स्थान का चुनाव करना चाहिए जहां पानी पर्याप्त मात्रा में मिल सके। वाटिका की मिट्टी उपजाऊ, स्थान खुला हो ताकि उस में सूरज की भरपूर रोशनी पहुंच सके। डॉ. पूनम यादव ने बताया की पोषण वाटिका कार्यक्रम द्वारा खाद्य सुरक्षा व पोषण सुरक्षा को प्राप्त किया जा सकता है। एक पांच सदस्य वाले औसतन परिवार को पूरे सालभर की इन सब्जियों की जरूरत को पूरा करने के लिए 200 से 250 वर्ग मीटर गज जमीन काफी है। इसमें छोटी-छोटी क्यारियां बनाकर उसमें जरूरत के अनुसार पोषक तत्व वाली सब्जियों को उगाया जा सकता है। प्रशिक्षण के दौरान 60 स्कूली बच्चों एवं स्कूल स्टाफ को सब्जी बीज पैकेट वितरित किए गए। इस अवसर पर विद्यार्थी एवं स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
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