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राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा : जिले से 55 विद्यार्थियों ने पाई दूसरे फेज में सफलता
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शिक्षा का हब माने जाने वाले जिला महेंद्रगढ़ एक बार फिर राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा में अव्वल रहा है। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् (एनसीईआरटी) ने राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा का दूसरी चरण का परिणाम घोषित किया। इस परिणाम में महेंद्रगढ़ जिले के 55 विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त की है। जिले के विशेषज्ञों ने दावा किया है महेंद्रगढ़ का परिणाम पूरे देश में अव्वल है। राष्ट्रीय स्तर की इस परीक्षा में एक जिले इतने ज्यादा विद्यार्थी सफलता मिलना संभव नहीं है।
बता दें कि प्रदेश में महेंद्रगढ़ जिला शिक्षा का हब है। जिले में निजी स्कूल अच्छी क्वालिटी होने की वजह से दूसरे राज्य एवं जिलों के परिजन अपने बच्चों को यहां पर किराए पर रहकर पढ़ाते हैं। 12वीं, आईआईटी तथा नीट जैसी परीक्षा में जिले के विद्यार्थी देश में टॉप 10 रैंकिंग में होते हैं जबकि एनटीएसई परीक्षा परिणाम हमेशा ही अच्छा रहता है। एनटीएसई फेज-1 में प्रदेश की 200 सीटों में इस बार जिले के लगभग 73 विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त की थी। यदुवंशी स्कूल की छात्रा भाविका ने अपनी कटेगरी में पूरे हरियाणा में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। वहीं नितिन अग्रवाल व हिमांशु प्रदेश में तृतीय स्थान पर रहे थे। दूसरी फेज की परीक्षा में यदुवंशी स्कूल महेंद्रगढ़ 27, आरपीएस स्कूल 26 तथा यूरो स्कूल के 2 विद्यार्थियों सहित 55 विद्यार्थियों का चयन हुआ है। इन विद्यार्थियों ने देश के 2000 छात्रों की सूची में अपना नाम दर्ज करवाया है। पिछले वर्ष भी जिले से लगभग 40 विद्यार्थी पास हुए थे।
बता दें कि राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा दो चरण में आयोजित की जाती है। यह परीक्षा कक्षा दसवीं में पढ़ने वाले विद्यार्थी दे सकते हैं। प्रथम स्टेज की परीक्षा में राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण (एससीईआरटी) द्वारा ली जाती है। इस परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले विद्यार्थी दूसरे चरण की परीक्षा में शामिल होते हैं। यह परीक्षा राष्ट्रीय स्तर पर एनसीईआरटी द्वारा ली जाती है जिसमें पूरे देश लगभग आठ हजार विद्यार्थी बैठते हैं। जिनमें मात्र 2 हजार विद्यार्थियों को चयनित किया जाता है। चयनित छात्र-छात्राओं को 11वीं से लेकर पीएचडी तक छात्रवृत्ति सरकार द्वारा दी जाती है।
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एनटीएसई की परीक्षा राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है। इस परीक्षा में लगभग आठ हजार विद्यार्थी भाग लेते हैं जिनमें मात्र 2000 विद्यार्थी का चयन किया जाता है। प्रथम फेज की परीक्षा में से 75 प्रतिशत विद्यार्थी (55) पास हुए हैं। ऐसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में इतने विद्यार्थियों का एक जिले या संस्था से होना बहुत असंभव है।
-राजेंद्र सिंह, एजूकेशन एक्सपर्ट।
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बता दें कि प्रदेश में महेंद्रगढ़ जिला शिक्षा का हब है। जिले में निजी स्कूल अच्छी क्वालिटी होने की वजह से दूसरे राज्य एवं जिलों के परिजन अपने बच्चों को यहां पर किराए पर रहकर पढ़ाते हैं। 12वीं, आईआईटी तथा नीट जैसी परीक्षा में जिले के विद्यार्थी देश में टॉप 10 रैंकिंग में होते हैं जबकि एनटीएसई परीक्षा परिणाम हमेशा ही अच्छा रहता है। एनटीएसई फेज-1 में प्रदेश की 200 सीटों में इस बार जिले के लगभग 73 विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त की थी। यदुवंशी स्कूल की छात्रा भाविका ने अपनी कटेगरी में पूरे हरियाणा में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। वहीं नितिन अग्रवाल व हिमांशु प्रदेश में तृतीय स्थान पर रहे थे। दूसरी फेज की परीक्षा में यदुवंशी स्कूल महेंद्रगढ़ 27, आरपीएस स्कूल 26 तथा यूरो स्कूल के 2 विद्यार्थियों सहित 55 विद्यार्थियों का चयन हुआ है। इन विद्यार्थियों ने देश के 2000 छात्रों की सूची में अपना नाम दर्ज करवाया है। पिछले वर्ष भी जिले से लगभग 40 विद्यार्थी पास हुए थे।
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बता दें कि राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा दो चरण में आयोजित की जाती है। यह परीक्षा कक्षा दसवीं में पढ़ने वाले विद्यार्थी दे सकते हैं। प्रथम स्टेज की परीक्षा में राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण (एससीईआरटी) द्वारा ली जाती है। इस परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले विद्यार्थी दूसरे चरण की परीक्षा में शामिल होते हैं। यह परीक्षा राष्ट्रीय स्तर पर एनसीईआरटी द्वारा ली जाती है जिसमें पूरे देश लगभग आठ हजार विद्यार्थी बैठते हैं। जिनमें मात्र 2 हजार विद्यार्थियों को चयनित किया जाता है। चयनित छात्र-छात्राओं को 11वीं से लेकर पीएचडी तक छात्रवृत्ति सरकार द्वारा दी जाती है।
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एनटीएसई की परीक्षा राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है। इस परीक्षा में लगभग आठ हजार विद्यार्थी भाग लेते हैं जिनमें मात्र 2000 विद्यार्थी का चयन किया जाता है। प्रथम फेज की परीक्षा में से 75 प्रतिशत विद्यार्थी (55) पास हुए हैं। ऐसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में इतने विद्यार्थियों का एक जिले या संस्था से होना बहुत असंभव है।
-राजेंद्र सिंह, एजूकेशन एक्सपर्ट।