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तीसरे दिन भी नहीं बने हैंडलिंग एजेंट, सोमवार से हैफेड सीधे खरीदेगी सरसों
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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। हैंडलिंग एजेंट नहीं बनने के कारण तीसरे दिन शनिवार को भी सरसों की खरीद नहीं हो सकी। मंडी में सरसों लेकर आए तीन किसान अपनी फसल वापस ले गए। हैफेड ने सोमवार से सीधी खरीद करने का फैसला लिया है, जिसके लिए हैफेड अधिकारियों ने दो तीन जगह देखी हैं। रविवार को हैफेड की ओर से शेडयूल जारी किया जाएगा। साथ ही खरीद स्थल की जानकारी भी दी जाएगी।
हैफेड के अधिकारियों ने शनिवार को फिर से आढ़तियों के साथ बातचीत की, जिसमें चीफ कोर्डिनेटिंग आफिसर जोगेंद्र सिंह, हैफेड मैनेजर योगेश शेखावत, मार्केट कमेटी सचिव नुकूल यादव सहित अन्य अधिकारियों ने हिस्सा लिया, जिसमें हैंडलिंग एजेंट बनने को लेकर सहमति नहीं हो सकी। व्यापारियों ने सरसों की खरीद न करने का फैसला लिया। आढ़तियों ने कहा कि पिछली बार सरकार ने सरसों खरीद पर 2.5 प्रतिशत कमीशन दिया था। जिसमें एक क्विंटल पर करीब 100 रुपये मिलते थे। अब एक क्विंटल की खरीद पर 40 रुपये मिलेंगे, जिसमें आढ़ती का खर्च भी पूरा नहीं हो पाएगा। ऐसे में खरीद नहीं करेंगे। अनाज मंडी प्रधान जगराम गुप्ता ने कहा कि व्यापारी नुकसान में काम नहीं करेंगे।
सोमवार से सीधी खरीद
हैफेड के मैनेजर योगेश शेखावत ने कहा कि आढ़तियों की आपसी खींचतान के कारण तीन दिन से हैंडलिंग एजेंट नहीं बन रहे। जिस कारण किसानों को परेशानी हो रही है। हमारे तीन दिन बर्बाद हो गए। अब हैफेड सीधी खरीद करेगा। खरीद स्थल के लिए दो तीन जगह देखी हैं। रविवार को जगह फाइनल कर दी जाएगी। रविवार को ही नया शेडयूल भी जारी कर दिया जाएगा। किसानों को किसी तरह की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
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तीन दिन बाद भी नहीं बिकी सरसों
गांव बेरावास निवासी ओमप्रकाश वीरवार को सरसों लेकर पहुंचे थे। हैंडलिंग एजेंट नहीं होने के कारण शनिवार को भी उनकी सरसों नहीं बिक सकी। किसान की सरसों को फिलहाल गोदाम में रखवाया गया है। ओमप्रकाश ने कहा कि सोमवार को दोबारा से आएंगे तब उनकी सरसों बिक पाएगी। बुड़ीन निवासी दो किसान सरसों लेकर आए थे। हैंडलिंग एजेंट न होने के चलते सरसों को वापस ले गए।
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महेंद्रगढ़। हैंडलिंग एजेंट नहीं बनने के कारण तीसरे दिन शनिवार को भी सरसों की खरीद नहीं हो सकी। मंडी में सरसों लेकर आए तीन किसान अपनी फसल वापस ले गए। हैफेड ने सोमवार से सीधी खरीद करने का फैसला लिया है, जिसके लिए हैफेड अधिकारियों ने दो तीन जगह देखी हैं। रविवार को हैफेड की ओर से शेडयूल जारी किया जाएगा। साथ ही खरीद स्थल की जानकारी भी दी जाएगी।
हैफेड के अधिकारियों ने शनिवार को फिर से आढ़तियों के साथ बातचीत की, जिसमें चीफ कोर्डिनेटिंग आफिसर जोगेंद्र सिंह, हैफेड मैनेजर योगेश शेखावत, मार्केट कमेटी सचिव नुकूल यादव सहित अन्य अधिकारियों ने हिस्सा लिया, जिसमें हैंडलिंग एजेंट बनने को लेकर सहमति नहीं हो सकी। व्यापारियों ने सरसों की खरीद न करने का फैसला लिया। आढ़तियों ने कहा कि पिछली बार सरकार ने सरसों खरीद पर 2.5 प्रतिशत कमीशन दिया था। जिसमें एक क्विंटल पर करीब 100 रुपये मिलते थे। अब एक क्विंटल की खरीद पर 40 रुपये मिलेंगे, जिसमें आढ़ती का खर्च भी पूरा नहीं हो पाएगा। ऐसे में खरीद नहीं करेंगे। अनाज मंडी प्रधान जगराम गुप्ता ने कहा कि व्यापारी नुकसान में काम नहीं करेंगे।
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सोमवार से सीधी खरीद
हैफेड के मैनेजर योगेश शेखावत ने कहा कि आढ़तियों की आपसी खींचतान के कारण तीन दिन से हैंडलिंग एजेंट नहीं बन रहे। जिस कारण किसानों को परेशानी हो रही है। हमारे तीन दिन बर्बाद हो गए। अब हैफेड सीधी खरीद करेगा। खरीद स्थल के लिए दो तीन जगह देखी हैं। रविवार को जगह फाइनल कर दी जाएगी। रविवार को ही नया शेडयूल भी जारी कर दिया जाएगा। किसानों को किसी तरह की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
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तीन दिन बाद भी नहीं बिकी सरसों
गांव बेरावास निवासी ओमप्रकाश वीरवार को सरसों लेकर पहुंचे थे। हैंडलिंग एजेंट नहीं होने के कारण शनिवार को भी उनकी सरसों नहीं बिक सकी। किसान की सरसों को फिलहाल गोदाम में रखवाया गया है। ओमप्रकाश ने कहा कि सोमवार को दोबारा से आएंगे तब उनकी सरसों बिक पाएगी। बुड़ीन निवासी दो किसान सरसों लेकर आए थे। हैंडलिंग एजेंट न होने के चलते सरसों को वापस ले गए।