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सीएम विंडो और ट्विटर पर सीएम को शिकायत के बाद भी शेरागुवाड़ी मोहल्ले में गंदा पानी
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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। शहर के शेरागुवाड़ी मोहल्ले में दूषित पानी की सप्लाई का सिलसिला बदस्तूर जारी है। 20 दिनों से दूषित पानी से आजिज मोहल्ले के लोगों में गुस्सा और आक्रोश है। ज्यादा आक्रोश इस बात को लेकर है कि इन लोगों ने सीएम मनोहर लाल के अधिकारिक ट्विटर हेंडल पर भी समस्या साझा कर हल की उम्म्मीद लगाई, लेकिन चार दिन बीतने के बाद भी उन्हें यहां से भी निराशा ही मिली। इसके अलावा छह मार्च को लोगों ने सीएम विंडो पर ऑनलाइन शिकायत भी की हुई है। जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग को फाल्ट नहीं मिल रहा है।
मोहल्ला के लोग विभागीय अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री पर काफी गुस्सा जाहिर कर रहे हैं।
मोहल्ला निवासी छात्र राहुल ने बताया कि उसने समस्या की शिकायत छह मार्च को सीएम विंडो पर ऑनलाइन शिकायत की। इंतजार के भी जब समस्या हल नहीं हुई तो 11 तारीख को सीएम के अधिकारिक ट्विटर हेंडल (एट दा रेट सीएमओएचआरवाई) पर भी साझा की। दस तारीख को उन्होंने एसई राहुल बेरवाल को मोबाइल पर समस्या बताई। एसई ने समस्या के हल का आश्वासन दिया था। इससे पहले लगातार 15 दिनों से अलग-अलग लोग किसी न किसी माध्यम से लगातार शिकायत कर रहे हैं, लेकिन हल कराने का कोई नाम नहीं ले रहा।
इसे माना जा रहा है कारण
अशोक कुमार, बबीता गोयल, राजदुलारी, नितिन, राजकुमार, राकेश, प्रेमलता आदि ने बताया कि 15 साल पहले मोहल्ले की पेयजल सप्लाई नहरी पानी से शुरू की गई। इससे पहले मोहल्ले में शहर के आर्य समाज के बोरवेल से पेयजल सप्लाई हो रही थी। जब से बोरवेल की सप्लाई बंद हुई तब से ही यहां समस्या शुरू हो गई। इस बार तो हद हो गई। पानी की टोंटी खोलते ही पूरा घर बदबू से भर जाता है।
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डायरिया के साथ बढ़ रहे एलर्जी के मरीज
लोगों के अनुसार मोहल्ले में डायरिया के साथ एलर्जी के मरीज भी बढ़ रहे हैं। अब लोगों ने पानी पीना बंद कर दिया है। लेकिन मजबूरी में बर्तन आदि धुलने में इसी पानी का प्रयोग करना पड़ रहा है। साथ कपड़े धुलने और नहाने का काम भी इसी पानी से करना पड़ रहा है। ऐसे में शहरी में खुजली की समस्या बढ़ रही है। चार-पांच महीने के नवजात से 70 साल तक के बुजुर्ग डायरिया और एलर्जी से ग्रस्त हो रहे हैं।
समस्या मेरे संज्ञान में हैं। जेई, एसडीओ और एक्सईएन समस्या के समाधान में जुटे हैं। कुछ बंद कनेक्शन काटे भी हैं। अभी फाल्ट नहीं मिल रहा है। पाइप लाइन बहुत पुरानी है। फाल्ट ढूंढने का प्रयास किया जा रहा है। फाल्ट का पता लगते ही चंद घंटों में समस्या का हल कर दिया जाएगा।
- राहुल बेरवाल, अधीक्षक अभियंता, पब्लिक हेल्थ।
वर्जन::::
डायरिया, उल्टी दस्त के केस की जानकारी मिली है। शुक्रवार को मोहल्ला में टीम भेजकर जांच कराएंगे। अगर किसी मरीज की हालत गंभीर हो तो आपातकालीन वार्ड में आ सकता है। पानी के सैंपल की जांच भी कराई जाएगी।
डॉ. मोनू यादव, कार्यवाहक, एसएमएओ।
क्या है डायरिया
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, अगर दिन में 3 से ज्यादा बार पानी के साथ अधिक मात्रा में मलत्याग हो रहा हो तो यह डायरिया का लक्षण है। डायरिया में रोगी के शरीर में पानी की अत्यधिक कमी हो जाती है, जिससे उसका शरीर कमजोर हो जाता है। इसके बाद शरीर में इंफेक्शन फैलने का खतरा बहुत बढ़ जाता है। उचित समय पर सही इलाज नहीं होने पर रोगी की जान भी जा सकती है। सामान्य रूप से डायरिया 3 से 7 दिनों तक में ही ठीक हो पाता है। छोटे बच्चे और बुजुर्ग इसकी चपेट में ज्यादा आते हैं।
डायरिया के कारण
1) इसकी मुख्य वजह पानी और खाना-पीना है।
2) पेट में कीड़ों या बैक्टेरिया के संक्रमण से।
3) वायरल इन्फेक्शन के कारण।
4) साफ सफाई ठीक से न होने से।
5) शरीर में जल की कमी होने से।
डायरिया के लक्षण
1) बार-बार मल त्याग करना
2) मल बहुत पतला होना, या
3) उपरोक्त दोनों ही स्थितियां हो जाना।
4) पतले दस्त, जिनमें जल का भाग अधिक होता है, थोड़े-थोड़े समय के अंतर से आते रहना।
5) तीव्र दशाओं में रोगी के पेट के पूरे निचले भाग में दर्द और बेचैनी महसूस होती है।
6) किसी रोगी को यह मलत्याग के कुछ समय पहले अधिक मालूम होती है।
डायरिया होने पर बचाव
1) पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लें।
2) तेल-मसालों वाले खाने से परहेज करें।
3) डायरिया होने के पहले दो दिन तक बच्चे को फल, कैफिन पेय पदार्थ, दूध और वसायुक्त भोजन न दें।
4) दूध या दूध से बने पदार्थ नहीं खाएं अन्यथा मरीज की हालत और बिगड़ सकती है।
5) केले, चावल, सेब का मुरब्बा और टोस्ट का मिश्रण उपयोग करें।
6) कच्चा केला और चावल का सेवन करें
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महेंद्रगढ़। शहर के शेरागुवाड़ी मोहल्ले में दूषित पानी की सप्लाई का सिलसिला बदस्तूर जारी है। 20 दिनों से दूषित पानी से आजिज मोहल्ले के लोगों में गुस्सा और आक्रोश है। ज्यादा आक्रोश इस बात को लेकर है कि इन लोगों ने सीएम मनोहर लाल के अधिकारिक ट्विटर हेंडल पर भी समस्या साझा कर हल की उम्म्मीद लगाई, लेकिन चार दिन बीतने के बाद भी उन्हें यहां से भी निराशा ही मिली। इसके अलावा छह मार्च को लोगों ने सीएम विंडो पर ऑनलाइन शिकायत भी की हुई है। जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग को फाल्ट नहीं मिल रहा है।
मोहल्ला के लोग विभागीय अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री पर काफी गुस्सा जाहिर कर रहे हैं।
मोहल्ला निवासी छात्र राहुल ने बताया कि उसने समस्या की शिकायत छह मार्च को सीएम विंडो पर ऑनलाइन शिकायत की। इंतजार के भी जब समस्या हल नहीं हुई तो 11 तारीख को सीएम के अधिकारिक ट्विटर हेंडल (एट दा रेट सीएमओएचआरवाई) पर भी साझा की। दस तारीख को उन्होंने एसई राहुल बेरवाल को मोबाइल पर समस्या बताई। एसई ने समस्या के हल का आश्वासन दिया था। इससे पहले लगातार 15 दिनों से अलग-अलग लोग किसी न किसी माध्यम से लगातार शिकायत कर रहे हैं, लेकिन हल कराने का कोई नाम नहीं ले रहा।
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इसे माना जा रहा है कारण
अशोक कुमार, बबीता गोयल, राजदुलारी, नितिन, राजकुमार, राकेश, प्रेमलता आदि ने बताया कि 15 साल पहले मोहल्ले की पेयजल सप्लाई नहरी पानी से शुरू की गई। इससे पहले मोहल्ले में शहर के आर्य समाज के बोरवेल से पेयजल सप्लाई हो रही थी। जब से बोरवेल की सप्लाई बंद हुई तब से ही यहां समस्या शुरू हो गई। इस बार तो हद हो गई। पानी की टोंटी खोलते ही पूरा घर बदबू से भर जाता है।
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डायरिया के साथ बढ़ रहे एलर्जी के मरीज
लोगों के अनुसार मोहल्ले में डायरिया के साथ एलर्जी के मरीज भी बढ़ रहे हैं। अब लोगों ने पानी पीना बंद कर दिया है। लेकिन मजबूरी में बर्तन आदि धुलने में इसी पानी का प्रयोग करना पड़ रहा है। साथ कपड़े धुलने और नहाने का काम भी इसी पानी से करना पड़ रहा है। ऐसे में शहरी में खुजली की समस्या बढ़ रही है। चार-पांच महीने के नवजात से 70 साल तक के बुजुर्ग डायरिया और एलर्जी से ग्रस्त हो रहे हैं।
समस्या मेरे संज्ञान में हैं। जेई, एसडीओ और एक्सईएन समस्या के समाधान में जुटे हैं। कुछ बंद कनेक्शन काटे भी हैं। अभी फाल्ट नहीं मिल रहा है। पाइप लाइन बहुत पुरानी है। फाल्ट ढूंढने का प्रयास किया जा रहा है। फाल्ट का पता लगते ही चंद घंटों में समस्या का हल कर दिया जाएगा।
- राहुल बेरवाल, अधीक्षक अभियंता, पब्लिक हेल्थ।
वर्जन::::
डायरिया, उल्टी दस्त के केस की जानकारी मिली है। शुक्रवार को मोहल्ला में टीम भेजकर जांच कराएंगे। अगर किसी मरीज की हालत गंभीर हो तो आपातकालीन वार्ड में आ सकता है। पानी के सैंपल की जांच भी कराई जाएगी।
डॉ. मोनू यादव, कार्यवाहक, एसएमएओ।
क्या है डायरिया
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, अगर दिन में 3 से ज्यादा बार पानी के साथ अधिक मात्रा में मलत्याग हो रहा हो तो यह डायरिया का लक्षण है। डायरिया में रोगी के शरीर में पानी की अत्यधिक कमी हो जाती है, जिससे उसका शरीर कमजोर हो जाता है। इसके बाद शरीर में इंफेक्शन फैलने का खतरा बहुत बढ़ जाता है। उचित समय पर सही इलाज नहीं होने पर रोगी की जान भी जा सकती है। सामान्य रूप से डायरिया 3 से 7 दिनों तक में ही ठीक हो पाता है। छोटे बच्चे और बुजुर्ग इसकी चपेट में ज्यादा आते हैं।
डायरिया के कारण
1) इसकी मुख्य वजह पानी और खाना-पीना है।
2) पेट में कीड़ों या बैक्टेरिया के संक्रमण से।
3) वायरल इन्फेक्शन के कारण।
4) साफ सफाई ठीक से न होने से।
5) शरीर में जल की कमी होने से।
डायरिया के लक्षण
1) बार-बार मल त्याग करना
2) मल बहुत पतला होना, या
3) उपरोक्त दोनों ही स्थितियां हो जाना।
4) पतले दस्त, जिनमें जल का भाग अधिक होता है, थोड़े-थोड़े समय के अंतर से आते रहना।
5) तीव्र दशाओं में रोगी के पेट के पूरे निचले भाग में दर्द और बेचैनी महसूस होती है।
6) किसी रोगी को यह मलत्याग के कुछ समय पहले अधिक मालूम होती है।
डायरिया होने पर बचाव
1) पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लें।
2) तेल-मसालों वाले खाने से परहेज करें।
3) डायरिया होने के पहले दो दिन तक बच्चे को फल, कैफिन पेय पदार्थ, दूध और वसायुक्त भोजन न दें।
4) दूध या दूध से बने पदार्थ नहीं खाएं अन्यथा मरीज की हालत और बिगड़ सकती है।
5) केले, चावल, सेब का मुरब्बा और टोस्ट का मिश्रण उपयोग करें।
6) कच्चा केला और चावल का सेवन करें