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जन परिवेदना शिविर में 70 शिकायतें आई, संबंधित अधिकारियों को सुनने का दिए आदेश
Updated Tue, 11 Sep 2018 12:48 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। गांव सुरेहती पिलानियां में सोमवार को रात्रि ठहराव एवं जन परिवेदना शिविर आयोजित किया गया। इस मौके पर जिला उपायुक्त गरिमा मित्तल ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता गांव के सरपंच राजबीर सिंह पिलानियां ने की। इस मौके पर ग्रामीणों ने लगभग 70 समस्याएं रखी गई। इनमें से जिला उपायुक्त ने समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देेश दिए। इस मौके पर विभिन्न विभागों द्वारा हेल्प डेस्क बनाई गई थी, जहां लोगों को संबंधित विभाग की योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई।
जन परिवेदन शिविर निर्धारित समय पर 4:30 पर शुरू हो गया था। जिला उपायुक्त गरिमा मित्तल, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, एडीसी तथा एसडीएम विनेश कुमार के पहुंचने पर ग्रामीणों द्वारा जोरदार स्वागत किया गया। जिला उपायुक्त ने सर्व प्रथम विभिन्न विभागों द्वारा लगाई हेल्प डेस्क से शिकायतों के बारे में जानकारी ली। इसके बाद स्कूल बच्चों ने अधिकारियों के स्वागत में स्वागत गीत गाया। तत्पश्चात गांव के प्रविंद्र पिलानियां ने हमारा पावन... कविता सुनाई। इसके अलावा सरकारी स्कूल की छात्रा ने प्रीति ने औरतों पर एक मार्मिक कविता सुनाई। कविता सुनकर कई महिलाओं की आंखों में पानी भर आया। प्रीति की यह कविता जिला उपायुक्त को भी भा गई और उन्होंने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करने 70 शिकायतें आईं। इन शिकायतों को संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान करने का निर्देश दिए। अधिकतर समस्या अतिक्रमण हटवाने, जलभराव, बीपीएल प्लाटों का कब्जा की थीं। इस मौके पर बाबा सीतानाथ युवा क्लब के सदस्यों ने शिविर में पूूरा सहयोग किया। गांव के सरपंच राजबीर सिंह ने शिविर में पहुंचने वाले सभी अधिकारियों का आभार प्रकट किया। गांव में रात्रि प्रवास की पूरी व्यवस्था की गई थी। गांव की तरफ से व्यवस्था में कोई कमी नहीं थी।
लिंगानुपात में फर्क नहीं समझने पर गांव को शिविर के लिए चुना
इस मौके पर जिला उपायुक्त गरिमा मित्तल ने कहा कि गांव में लिंगानुपात में अंतर नहीं समझने के कारण गांव में शिविर लगाने का निर्णय लिया था। उन्होंने बताया कि बेटा और बेटियां में अंतर नहीं समझना चाहिए। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने कहा कि गांव में एकता बहुत जरुरी है। एकता में ही ताकत होती है।
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आपको बता दें कि 2017 में गांव का लिंगानुपात 1357 रही थीं।
15 मिनट में सुनी 64 समस्याएं
गांव में लगभग 64 समस्याएं डीपीआरओ ने मंच संचालन करते हुए रखी थी। डीपीआरओ ने जल्दी-जल्दी समस्याएं बोलकर संबंधित अधिकारियों को शिकायतें दे दी। 20 से 25 शिकायतें बताने में डीसी को 10 मिनट का समय लगा। उसके बाद सभी शिकायत पत्र संबंधित अधिकारियों को देने के बारे में कहा गया। परिवेदना शिविर में बीच में दो मिनट के लिए लाइट गुल हो गई थी। किंतु दो मिनट बाद ही लाइट पुन: आ गई।
ये रखी मांगें
सरपंच राजबीर सिंह ने 23 मांगों को एक मांग पत्र जिला उपायुक्त को सौंपा। उन्होंने अपने मांग पत्र में बताया कि गांव में मैथ, कॉमर्स प्रवक्ताओं की कमी पूरा करने तथा स्थायी प्राचार्य की नियुक्त करने, स्कूल का 2.50 लाख रुपये बिजली बिल भरने, गांव में पुस्तकालय भवन बनाने, पार्क बनवाने, पशु अस्पताल बनवाने, स्टेडियम में कोच की नियुक्ति करवाने, पानी के लिए गांव में दो बोर करवाने, गांव के जोहड़ को नहर से जोड़ने, लोकल रूटों की बसें वाया ढाणा तथा सुरेहती पिलानियां चलवाने, लोह के बिजली खंभे हटवाकर सीमेंट के लगवाने, ढीले तारों का ऊंचा करने के लिए दस खंभे देने, स्कूल में से जारी 11 हजार वोल्ट लाइन को हटवाने, हरिजन चौपाल बनवाने, एक आंगनबाड़ी भवन बनवाने, बीपीएल प्लाट धारकों की रजिस्टरी करवाने, कपास की खराब हुई फसल की गिरदावरी करवाने की मांग की।
किस विभाग में कितनी शिकायतें और सुझाव आए
शिविर में विभिन्न विभागों की ओर शिकायतें तथा सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी देने के लिए लगभग 20 हेल्प डेस्क बनाई गई थी। इस मौके पर सबसे कम शिकायतें शिक्षा विभाग में शून्य दर्ज की गई। स्वास्थ्य विभाग के आयुर्वेदिक विभाग की ओर से ओपीडी सेवा शुरू की गई थी जिसमें लगभग 470 मरीजों अपनी जांच करवाई। इस मौके पर महिला पुलिस और ट्रेफिक पुलिस में 50, मत्सय पालन 35, जिला बागवानी विभाग 35, कृषि विभाग 71, पशुपालन विभाग 54 जिला उद्योग 10, प्रधानमंत्री आवास योजना 67, दुर्गा शक्ति एक्ट की जानकारी 20, अग्रणी जिला कार्यालय 60, बिजली निगम 145 बल्ब वितरित, सात शिकायतें, रोजगार कार्यालय 12, जिला कल्याण विभाग 30, समाज कल्याण 250, पटवारी 32, सैनिक अर्ध सैनिक कल्याण बोर्ड नारनौल 10 लोगों ने जानकारी ली। इस मौके पर 45 लोगों ने लाइसेंस भी बनवाए जबकि 30 रिहायशी प्रमाण पत्र बनवाए गए। इसके अलावा महिला बाल विकास विभाग की ओर से प्रदर्शनी लगाई गई तथा महिलाओं को उनके बारे में जानकारी दी गई।
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महेंद्रगढ़। गांव सुरेहती पिलानियां में सोमवार को रात्रि ठहराव एवं जन परिवेदना शिविर आयोजित किया गया। इस मौके पर जिला उपायुक्त गरिमा मित्तल ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता गांव के सरपंच राजबीर सिंह पिलानियां ने की। इस मौके पर ग्रामीणों ने लगभग 70 समस्याएं रखी गई। इनमें से जिला उपायुक्त ने समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देेश दिए। इस मौके पर विभिन्न विभागों द्वारा हेल्प डेस्क बनाई गई थी, जहां लोगों को संबंधित विभाग की योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई।
जन परिवेदन शिविर निर्धारित समय पर 4:30 पर शुरू हो गया था। जिला उपायुक्त गरिमा मित्तल, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, एडीसी तथा एसडीएम विनेश कुमार के पहुंचने पर ग्रामीणों द्वारा जोरदार स्वागत किया गया। जिला उपायुक्त ने सर्व प्रथम विभिन्न विभागों द्वारा लगाई हेल्प डेस्क से शिकायतों के बारे में जानकारी ली। इसके बाद स्कूल बच्चों ने अधिकारियों के स्वागत में स्वागत गीत गाया। तत्पश्चात गांव के प्रविंद्र पिलानियां ने हमारा पावन... कविता सुनाई। इसके अलावा सरकारी स्कूल की छात्रा ने प्रीति ने औरतों पर एक मार्मिक कविता सुनाई। कविता सुनकर कई महिलाओं की आंखों में पानी भर आया। प्रीति की यह कविता जिला उपायुक्त को भी भा गई और उन्होंने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करने 70 शिकायतें आईं। इन शिकायतों को संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान करने का निर्देश दिए। अधिकतर समस्या अतिक्रमण हटवाने, जलभराव, बीपीएल प्लाटों का कब्जा की थीं। इस मौके पर बाबा सीतानाथ युवा क्लब के सदस्यों ने शिविर में पूूरा सहयोग किया। गांव के सरपंच राजबीर सिंह ने शिविर में पहुंचने वाले सभी अधिकारियों का आभार प्रकट किया। गांव में रात्रि प्रवास की पूरी व्यवस्था की गई थी। गांव की तरफ से व्यवस्था में कोई कमी नहीं थी।
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लिंगानुपात में फर्क नहीं समझने पर गांव को शिविर के लिए चुना
इस मौके पर जिला उपायुक्त गरिमा मित्तल ने कहा कि गांव में लिंगानुपात में अंतर नहीं समझने के कारण गांव में शिविर लगाने का निर्णय लिया था। उन्होंने बताया कि बेटा और बेटियां में अंतर नहीं समझना चाहिए। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने कहा कि गांव में एकता बहुत जरुरी है। एकता में ही ताकत होती है।
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आपको बता दें कि 2017 में गांव का लिंगानुपात 1357 रही थीं।
15 मिनट में सुनी 64 समस्याएं
गांव में लगभग 64 समस्याएं डीपीआरओ ने मंच संचालन करते हुए रखी थी। डीपीआरओ ने जल्दी-जल्दी समस्याएं बोलकर संबंधित अधिकारियों को शिकायतें दे दी। 20 से 25 शिकायतें बताने में डीसी को 10 मिनट का समय लगा। उसके बाद सभी शिकायत पत्र संबंधित अधिकारियों को देने के बारे में कहा गया। परिवेदना शिविर में बीच में दो मिनट के लिए लाइट गुल हो गई थी। किंतु दो मिनट बाद ही लाइट पुन: आ गई।
ये रखी मांगें
सरपंच राजबीर सिंह ने 23 मांगों को एक मांग पत्र जिला उपायुक्त को सौंपा। उन्होंने अपने मांग पत्र में बताया कि गांव में मैथ, कॉमर्स प्रवक्ताओं की कमी पूरा करने तथा स्थायी प्राचार्य की नियुक्त करने, स्कूल का 2.50 लाख रुपये बिजली बिल भरने, गांव में पुस्तकालय भवन बनाने, पार्क बनवाने, पशु अस्पताल बनवाने, स्टेडियम में कोच की नियुक्ति करवाने, पानी के लिए गांव में दो बोर करवाने, गांव के जोहड़ को नहर से जोड़ने, लोकल रूटों की बसें वाया ढाणा तथा सुरेहती पिलानियां चलवाने, लोह के बिजली खंभे हटवाकर सीमेंट के लगवाने, ढीले तारों का ऊंचा करने के लिए दस खंभे देने, स्कूल में से जारी 11 हजार वोल्ट लाइन को हटवाने, हरिजन चौपाल बनवाने, एक आंगनबाड़ी भवन बनवाने, बीपीएल प्लाट धारकों की रजिस्टरी करवाने, कपास की खराब हुई फसल की गिरदावरी करवाने की मांग की।
किस विभाग में कितनी शिकायतें और सुझाव आए
शिविर में विभिन्न विभागों की ओर शिकायतें तथा सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी देने के लिए लगभग 20 हेल्प डेस्क बनाई गई थी। इस मौके पर सबसे कम शिकायतें शिक्षा विभाग में शून्य दर्ज की गई। स्वास्थ्य विभाग के आयुर्वेदिक विभाग की ओर से ओपीडी सेवा शुरू की गई थी जिसमें लगभग 470 मरीजों अपनी जांच करवाई। इस मौके पर महिला पुलिस और ट्रेफिक पुलिस में 50, मत्सय पालन 35, जिला बागवानी विभाग 35, कृषि विभाग 71, पशुपालन विभाग 54 जिला उद्योग 10, प्रधानमंत्री आवास योजना 67, दुर्गा शक्ति एक्ट की जानकारी 20, अग्रणी जिला कार्यालय 60, बिजली निगम 145 बल्ब वितरित, सात शिकायतें, रोजगार कार्यालय 12, जिला कल्याण विभाग 30, समाज कल्याण 250, पटवारी 32, सैनिक अर्ध सैनिक कल्याण बोर्ड नारनौल 10 लोगों ने जानकारी ली। इस मौके पर 45 लोगों ने लाइसेंस भी बनवाए जबकि 30 रिहायशी प्रमाण पत्र बनवाए गए। इसके अलावा महिला बाल विकास विभाग की ओर से प्रदर्शनी लगाई गई तथा महिलाओं को उनके बारे में जानकारी दी गई।