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किसानों ने खाद्य वितरण में एडीओ पर लगाया भेदभाव का आरोप
Updated Sat, 28 Jul 2018 12:47 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग महेंद्रगढ़ में एडीओ द्वारा खाद्य वितरण में भेदभाव करने का आरोप लगाया है। इस भेदभाव को लेकर गांव बसई गांव के किसानों में रोष व्याप्त है। ग्रामीण पवन, संदीप, हरिओम सरपंच, सुनील, हरि सिंह, पर्वत सिंह, इंद्र सिंह, शैतान सिंह, जोगेंद्र सिंह, मनोज, सुरेंद्र ने बताया कि बृहस्पितवार सुबह 11 बजे वो एसएसपी खाद्य, स्प्रे और बाजरा लेने के लिए आए थे।
उन्होंने बताया कि 52 में से मात्र 28 किसानों को तीन-तीन बैग खाद्य के दिए गए थे। परंतु उनको एक भी बैग खाद्य का नहीं मिला जबकि वो सबसे पहले आए थे। उन्होंने बताया कि गांव मार्केट कमेटी के चेयरमैन के कहने पर कृषि विभाग के अधिकारियों ने उनका नाम काट दिया। सुबह गांव के सरपंच प्रतिनिधि हरिओम ने विभाग के एडीओ से बातचीत की था।
एडीओ ने सरपंच को 10 किसानों को खाद्य देने के लिए कहा था। जब सरपंच प्रतिनिधि सहित नौ किसान दोपहर एक बजे कार्यालय पहुंचे तो उनके आने से पहले ही एडीओ निकल गया। उन्होंने बताया कि एडीओ जानबूझकर चेयरमैन के कहने पर उनको खाद्य नहीं दे रहा। इसको लेकर किसानों में रोष व्याप्त है।
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वर्जन
किसानों के आरोप निराधार है। जो किसान सबसे पहले आए थे, उन्हीं को खाद्य के बैग दिए गए थे। सरपंच प्रतिनिधि से उनकी बात हुई थी वो कुछ किसानों खाद्य के बैग दे देंगे। लेकिन अचानक कोई काम आ जाने के कारण मुझे जल्दी जाना पड़ा।
- सज्जन कुमार, एडीओ, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग।
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महेंद्रगढ़। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग महेंद्रगढ़ में एडीओ द्वारा खाद्य वितरण में भेदभाव करने का आरोप लगाया है। इस भेदभाव को लेकर गांव बसई गांव के किसानों में रोष व्याप्त है। ग्रामीण पवन, संदीप, हरिओम सरपंच, सुनील, हरि सिंह, पर्वत सिंह, इंद्र सिंह, शैतान सिंह, जोगेंद्र सिंह, मनोज, सुरेंद्र ने बताया कि बृहस्पितवार सुबह 11 बजे वो एसएसपी खाद्य, स्प्रे और बाजरा लेने के लिए आए थे।
उन्होंने बताया कि 52 में से मात्र 28 किसानों को तीन-तीन बैग खाद्य के दिए गए थे। परंतु उनको एक भी बैग खाद्य का नहीं मिला जबकि वो सबसे पहले आए थे। उन्होंने बताया कि गांव मार्केट कमेटी के चेयरमैन के कहने पर कृषि विभाग के अधिकारियों ने उनका नाम काट दिया। सुबह गांव के सरपंच प्रतिनिधि हरिओम ने विभाग के एडीओ से बातचीत की था।
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एडीओ ने सरपंच को 10 किसानों को खाद्य देने के लिए कहा था। जब सरपंच प्रतिनिधि सहित नौ किसान दोपहर एक बजे कार्यालय पहुंचे तो उनके आने से पहले ही एडीओ निकल गया। उन्होंने बताया कि एडीओ जानबूझकर चेयरमैन के कहने पर उनको खाद्य नहीं दे रहा। इसको लेकर किसानों में रोष व्याप्त है।
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किसानों के आरोप निराधार है। जो किसान सबसे पहले आए थे, उन्हीं को खाद्य के बैग दिए गए थे। सरपंच प्रतिनिधि से उनकी बात हुई थी वो कुछ किसानों खाद्य के बैग दे देंगे। लेकिन अचानक कोई काम आ जाने के कारण मुझे जल्दी जाना पड़ा।
- सज्जन कुमार, एडीओ, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग।