{"_id":"5aa18a8f4f1c1ba7758b462c","slug":"51520536207-mahendragarh-narnaul-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जवान और किसान की ताकत पर देश करता है तरक्की: रामप्रकाश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जवान और किसान की ताकत पर देश करता है तरक्की: रामप्रकाश
Updated Fri, 09 Mar 2018 12:45 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जवान और किसान की ताकत पर देश करता है तरक्की : रामप्रकाश
नारनौल। राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत गांव शेखपुरा मेें चल रहे में सात दिवसीय शिविर के चौथे दिन वीरवार को प्रथम सत्र में भारतीय वायु सेना के सेवानिवृत्त अधिकारी रामप्रकाश ने जय जवान-जय किसान विषय पर स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा के लिए जिस प्रकार सैनिक अपनी जान की परवाह न करते हुए सर्वोच्च बलिदान के लिए तैयार रहता है। उसी प्रकार देश का किसान देश को अपने खून पसीने की मेहनत के दम पर अनाज पैदा करके देश को अंदरूनी व खुशहाली देने का संकल्प लेता है। किसान के लिए भी सैनिक की तरह ही देश के अन्न अधिक से अधिक पैदा करने ध्येय होता।
शिविर के दूसरे सत्र में कार्यक्रम अधिकारी मधुसूदन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर बोलते हुए कहा कि दुनिया की आधी आबादी महिलाओं के रूप में विश्व को अपनी ताकत दे रही है। देश और दुनिया के इस नव जागरण के दौर में महिलाओं को आज बराबरी का दर्जा मिल चुका है। महिलाओं ने इस अवसर को बखूबी निभाते हुए अपनी प्रतिभा की छाप हर जगह छोड़ी है। इस अवसर पर प्रो. योगेश यादव, प्रो. प्रियंका, प्रो. सुमन यादव, प्रो. प्रेमप्रकाश, प्रो. नरेश यादव व प्रो. आशीष शास्त्री आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन
नारनौल। राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत गांव शेखपुरा मेें चल रहे में सात दिवसीय शिविर के चौथे दिन वीरवार को प्रथम सत्र में भारतीय वायु सेना के सेवानिवृत्त अधिकारी रामप्रकाश ने जय जवान-जय किसान विषय पर स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा के लिए जिस प्रकार सैनिक अपनी जान की परवाह न करते हुए सर्वोच्च बलिदान के लिए तैयार रहता है। उसी प्रकार देश का किसान देश को अपने खून पसीने की मेहनत के दम पर अनाज पैदा करके देश को अंदरूनी व खुशहाली देने का संकल्प लेता है। किसान के लिए भी सैनिक की तरह ही देश के अन्न अधिक से अधिक पैदा करने ध्येय होता।
शिविर के दूसरे सत्र में कार्यक्रम अधिकारी मधुसूदन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर बोलते हुए कहा कि दुनिया की आधी आबादी महिलाओं के रूप में विश्व को अपनी ताकत दे रही है। देश और दुनिया के इस नव जागरण के दौर में महिलाओं को आज बराबरी का दर्जा मिल चुका है। महिलाओं ने इस अवसर को बखूबी निभाते हुए अपनी प्रतिभा की छाप हर जगह छोड़ी है। इस अवसर पर प्रो. योगेश यादव, प्रो. प्रियंका, प्रो. सुमन यादव, प्रो. प्रेमप्रकाश, प्रो. नरेश यादव व प्रो. आशीष शास्त्री आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन