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चाइनीज वस्तुओं के इस्तेमाल नहीं करने का संकल्प दिलवाया
Updated Mon, 24 Jul 2017 12:20 AM IST
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चाइनीज वस्तुओं का इस्तेमाल नहीं करने का दिलवाया संकल्प
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। धर्ममुनि महाराज ने रविवार मानक चौक स्थित जैन स्थानक भवन में चाइनीज वस्तुओं का इस्तेमाल (उपयोग) नहीं करने का हजारों लोगों को संकल्प दिलवाया।
इस दौरान महाराज ने कहा कि राष्ट्र धर्म से बढ़कर कोई धर्म नहीं होता। राष्ट्र हित में वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए चाइना निर्मित चीजों का बहिष्कार करना होगा। कहा कि रोज हमारे पर परोक्ष-अपरोक्ष आक्रमण करके हमारे सैनिकों को चीन और पाकिस्तान मार रहा है। इतिहास गवाह है कि जब-जब देश पर संकट आया तो इस देश के साधु-संतों ने लोगों में देशप्रेम की भावना को जागृत किया है। वर्षों से हमारी मानसिकता दिन-प्रतिदिन संकुचित होती जा रही है। समाज और देश से किसी को सरोकार नहीं है। जैन संत ने कहा कि भगवान महावीर ने अहिंसा परमो धर्म का उपदेश दुनिया को दिया। एक प्राणी को दूसरे के जीवन में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। इससे कर्मों का बंध होता है। कर्मों की निर्जरा के लिए अच्छे विचार मस्तिष्क में रखने चाहिए। बुरे कर्मों से व्यक्ति अपने अगले भव को नरक में डाल रहा है। बुद्धिमान प्राणी को न केवल धर्म करना चाहिए, बल्कि अन्य व्यक्तियों में धर्म प्रभावना देनी चाहिए। इस मौके पर दिल्ली, राजस्थान, पंजाब के श्रावक-श्राविका उपस्थित थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। धर्ममुनि महाराज ने रविवार मानक चौक स्थित जैन स्थानक भवन में चाइनीज वस्तुओं का इस्तेमाल (उपयोग) नहीं करने का हजारों लोगों को संकल्प दिलवाया।
इस दौरान महाराज ने कहा कि राष्ट्र धर्म से बढ़कर कोई धर्म नहीं होता। राष्ट्र हित में वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए चाइना निर्मित चीजों का बहिष्कार करना होगा। कहा कि रोज हमारे पर परोक्ष-अपरोक्ष आक्रमण करके हमारे सैनिकों को चीन और पाकिस्तान मार रहा है। इतिहास गवाह है कि जब-जब देश पर संकट आया तो इस देश के साधु-संतों ने लोगों में देशप्रेम की भावना को जागृत किया है। वर्षों से हमारी मानसिकता दिन-प्रतिदिन संकुचित होती जा रही है। समाज और देश से किसी को सरोकार नहीं है। जैन संत ने कहा कि भगवान महावीर ने अहिंसा परमो धर्म का उपदेश दुनिया को दिया। एक प्राणी को दूसरे के जीवन में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। इससे कर्मों का बंध होता है। कर्मों की निर्जरा के लिए अच्छे विचार मस्तिष्क में रखने चाहिए। बुरे कर्मों से व्यक्ति अपने अगले भव को नरक में डाल रहा है। बुद्धिमान प्राणी को न केवल धर्म करना चाहिए, बल्कि अन्य व्यक्तियों में धर्म प्रभावना देनी चाहिए। इस मौके पर दिल्ली, राजस्थान, पंजाब के श्रावक-श्राविका उपस्थित थे।