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Mahendragarh-Narnaul News: नारनाैल में रोज निकलता है 50 टन कूड़ा, खाद रत्तीभर नहीं बनती
Sat, 11 Jan 2025 02:11 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 11 Jan 2025 02:11 PM IST
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फोटो नंबर-06खालड़ा की पहाड़ी के पास मैदान में डाला जा रहा शहर कूड़ा। संवाद
नारनौल। शहर से रोज निकलने वाले करीब 50 टन कूड़े को नगर परिषद खालड़ा की पहाड़ियों के पास खाली मैदान में डालता है, लेकिन कूड़े से खाद नहीं बनती है। अधिकारी खाद बनाने का दावा करते हैं।
शहर से करीब पांच किलोमीटर दूर खालड़ा में नंदी गोशाला के पास काफी जगह खाली पड़ी है। शहर में जिस हिसाब से कूड़ा निकलता उस हिसाब से बड़ा प्लांट नहीं है। जिससे कूड़े से खाद बनाया जा सके। खालड़ा में दूर-दूर तक कूड़े के ढेर लगे हैं। खालड़ा में एक मशीन लगी है जो कूड़े से थैलियों को अलग करती है। भारी मात्रा में कूड़ा जमा हो जाने के कारण बदबू उठती है। इसके कारण कोई व्यक्ति यहां ज्यादा देर तक नहीं ठहर सकता।
वर्जन-
खालड़ा में जहां कूड़ा डाला जाता है, वहीं एक प्लांट भी है। यहां कूड़े को अलग-अलग करके खाद भी तैयार की जाती है। इस काम के लिए एक मशीन है। शहर से उठाए जाने वाले कूड़े का जो प्रयोग होना चाहिए, वह किया जा रहा है।- दीपक गोयल, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद
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शहर से करीब पांच किलोमीटर दूर खालड़ा में नंदी गोशाला के पास काफी जगह खाली पड़ी है। शहर में जिस हिसाब से कूड़ा निकलता उस हिसाब से बड़ा प्लांट नहीं है। जिससे कूड़े से खाद बनाया जा सके। खालड़ा में दूर-दूर तक कूड़े के ढेर लगे हैं। खालड़ा में एक मशीन लगी है जो कूड़े से थैलियों को अलग करती है। भारी मात्रा में कूड़ा जमा हो जाने के कारण बदबू उठती है। इसके कारण कोई व्यक्ति यहां ज्यादा देर तक नहीं ठहर सकता।
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वर्जन-
खालड़ा में जहां कूड़ा डाला जाता है, वहीं एक प्लांट भी है। यहां कूड़े को अलग-अलग करके खाद भी तैयार की जाती है। इस काम के लिए एक मशीन है। शहर से उठाए जाने वाले कूड़े का जो प्रयोग होना चाहिए, वह किया जा रहा है।- दीपक गोयल, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद

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