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Mahendragarh-Narnaul News: ओडीएफ प्लस के लिए 5 शहरों ने किया आवेदन, 2 उतरे मापदंड पर खरे

Mon, 08 Jan 2024 12:13 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 08 Jan 2024 12:13 AM IST
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5 cities applied for ODF Plus, 2 met the criteria
नारनौल में शौचालय के उपर खाली पड़ी पानी की टंकी।
नारनौल। नगर परिषद अधिकारियों की लापरवाही की वजह से नारनौल व कनीना शहर ओडीएफ प्लस से ओडीएफ की श्रेणी में पहुंच गए हैं। यह दोनों वर्ष 2022 की स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग में ओडीएफ प्लस रहे थे, लेकिन शौचालय में गंदगी और खुले में शौच को रोकने में नगर परिषद कामयाब नहीं हो सका, जिसकी वजह से वर्ष 2023 में 200 अंकों से संतोष करना पड़ेगा। हाल ही में स्वच्छ भारत मिशन के तहत ओडीएफ, ओडीएफ प्लस व ओडीएफ प्लस प्लस के लिए परिणाम जारी किए हैं। इस बार महेंद्रगढ़ नपा, कनीना नपा, अटेली नपा, नांगल चौधरी नपा व नारनौल नगर परिषद ने ओडीएफ प्लस के लिए आवेदन किया था, लेकिन जारी परिणाम ने शहर की दुर्दशा पर मोहर लगा दी है। अब इस ओडीएफ के परिणाम का असर इस सप्ताह में जारी होने वाली स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग पर भी पड़ेगा। क्योंकि ओडीएफ को तीन श्रेणियों में बांटा हुआ है। ओडीएफ के 200 अंक, ओडीएफ प्लस के 400 और ओडीएफ प्लस प्लस के 600 अंक निर्धारित किए गए है। जिसकी वजह से नारनौल, अटेली व कनीना को ओडीएफ में रहने की वजह से 200 अंक ही मिल सकेंगे।
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महेंद्रगढ़ व नांगल चौधरी पहली बार हुए ओडएफ प्लस

इस बार महेंद्रगढ़ व नांगल चौधरी नगर पालिका ने सबको को चौका दिया है। जहां बीते वर्ष नारनौल व कनीना ओडीएफ प्लस की श्रेणी में शामिल हुए थे। वहीं इस बार महेंद्रगढ़ व नांगल चौधरी ने ओडीएफ से ओडीएफ प्लस में शामिल होने में कामयाब हो गया। इससे पहले कभी भी महेंद्रगढ़ व कनीना ओडीएफ प्लस की श्रेणी में शामिल नहीं हो सके थे, लेकिन इस बार शौचालयों में साफ-सफाई पर ध्यान दिया गया, जिससे ओडीएफ प्लस की श्रेणी में शामिल हो सके।
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लाखों रुपये शौचालयों पर खर्च करने के बाद भी नहीं हुआ सुधार

नगर परिषद अपने 100 मीटर दूरी के शौचालय में भी पानी व गंदगी की सफाई नहीं करवा सका है तो वह शहर के अन्य सार्वजनिक शौचालयों की कैसे सफाई व देखरेख करवा रहा होगा, यह तो जारी परिणाम ने भी बता दिया है, लेकिन शौचालयों के नाम पर लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी रैंकिंग में सुधार नहीं होना अपने आप में चिंता का विषय है।
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वर्ष 2022 में स्वच्छता सर्वेक्षण में रहा था अच्छा प्रदर्शन
वर्ष 2022 में शहरवासी स्वच्छता सर्वेक्षण टीम को संतुष्ट करने में कामयाब रहे थे। इसकी वजह से नारनौल, अटेली, नांगल चौधरी व कनीना की रैंकिंग वर्ष 2021 से बेहतर रही थी। हालांकि महेंद्रगढ़ की रैंकिंग खराब रही थी। वर्ष 2022 में नारनौल को 50 हजार से एक लाख आबादी के 96 शहरों में 54 वां स्थान मिला था। वहीं 15 हजार की आबादी के 437 शहरों में से कनीना का 135वां, अटेली का 262 व नांगल चौधरी कस्बे को 73 वां स्थान मिला था। 25 हजार से 50 हजार की आबादी के 199 शहरों में से महेंद्रगढ़ को 190वां स्थान मिला था।
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