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ट्रायल के लिए आई ऑटोमैटिक स्वीविंग मशीन से उठवाया कचरा
Updated Fri, 02 Nov 2018 12:45 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। एक निजी कंपनी ने वीरवार को शहर में स्वीपिंग मशीन का ट्रायल दिया। नगर पालिका चेयरपर्सन प्रतिनिधि सुरेंद्र बंटी, पार्षद मनीष सैनी, कृष्णा जांगड़ा ने मशीन के सफाई के कार्य का मुआयना किया। मशीन के बारे में रिपोर्ट ली। मशीन से ट्रायल के दौरान शहर के कई हिस्सों में सफाई कराई गई।
निजी कंपनी के प्रतिनिधि ने बताया कि यह मशीन छोटे शहरों के लिए उपयोगी है। मशीन करीब 50 लोगों का काम एक साथ कर सकती है। छोटी, पतली, संकरी गलियों में आसानी से काम कर सकती है। मशीन कचरा उठाने के अलावा झाडू़ लगाने, पेड़ों के लिए गड्ढे खोदने, अवैध निर्माण गिराने सहित अन्य सभी तरह के काम कर सकती है। मशीन की कीमत करीब 20 लाख रुपये है। इसके अलावा करीब 125 तरह की अटैचमेंट जोड़ी जा सकती हैं। इन अटैचमेंट की कीमत अलग है। फिलहाल हरियाणा में हिसार की जिंदल कंपनी में इस प्रकार की 20 मशीनों का प्रयोग किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश नगर निकाय विभाग की ओर से भी मशीनों के लिए आर्डर मिला है। प्रदेश की अलग-अलग नगर पालिकाओं व परिषदों में डेेेमो दे रहे हैं। सुरेंद्र बंटी ने कहा कि मशीन की टेक्निकल रिपोर्ट के बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा। पालिका के जूनियर इंजीनियर व अन्य अधिकारियों को भी डेमो दिखाएंगे। इसके बाद आगे बात की जाएगी।
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महेंद्रगढ़। एक निजी कंपनी ने वीरवार को शहर में स्वीपिंग मशीन का ट्रायल दिया। नगर पालिका चेयरपर्सन प्रतिनिधि सुरेंद्र बंटी, पार्षद मनीष सैनी, कृष्णा जांगड़ा ने मशीन के सफाई के कार्य का मुआयना किया। मशीन के बारे में रिपोर्ट ली। मशीन से ट्रायल के दौरान शहर के कई हिस्सों में सफाई कराई गई।
निजी कंपनी के प्रतिनिधि ने बताया कि यह मशीन छोटे शहरों के लिए उपयोगी है। मशीन करीब 50 लोगों का काम एक साथ कर सकती है। छोटी, पतली, संकरी गलियों में आसानी से काम कर सकती है। मशीन कचरा उठाने के अलावा झाडू़ लगाने, पेड़ों के लिए गड्ढे खोदने, अवैध निर्माण गिराने सहित अन्य सभी तरह के काम कर सकती है। मशीन की कीमत करीब 20 लाख रुपये है। इसके अलावा करीब 125 तरह की अटैचमेंट जोड़ी जा सकती हैं। इन अटैचमेंट की कीमत अलग है। फिलहाल हरियाणा में हिसार की जिंदल कंपनी में इस प्रकार की 20 मशीनों का प्रयोग किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश नगर निकाय विभाग की ओर से भी मशीनों के लिए आर्डर मिला है। प्रदेश की अलग-अलग नगर पालिकाओं व परिषदों में डेेेमो दे रहे हैं। सुरेंद्र बंटी ने कहा कि मशीन की टेक्निकल रिपोर्ट के बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा। पालिका के जूनियर इंजीनियर व अन्य अधिकारियों को भी डेमो दिखाएंगे। इसके बाद आगे बात की जाएगी।
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