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जिले की 45 पंचायतों का रिकार्ड हुआ हाइटेक -ऑनलाइन करने की प्रक्रिया आरंभ, विकास कार्यों में बढ़ेगी पारदर्शिता
Updated Sat, 21 Oct 2017 10:55 PM IST
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जिले की 45 पंचायतों का रिकार्ड हुआ हाईटेक
ऑनलाइन करने की प्रक्रिया आरंभ, विकास कार्यों में बढ़ेगी पारदर्शिता
अमर उजाला ब्यूरो
नांगल चौधरी। केंद्र सरकार की ओर से पंचायतों को इंटरनेट सुविधा मुहैया करवाने की योजना के तहत सबसे पहले नांगल चौधरी, नारनौल ब्लॉक की 45 पंचायतें हाईटेक हुई हैं। इनमें रिकार्ड को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अन्य पंचायतों में केबल बिछाने का वर्क अंतिम चरण में है। जल्द ही ग्रामीणों को सरकार की ओर से क्रियान्वित योजनाओं की जानकारी ऑनलाइन मिलने लगेगी।
बता दें कि देश की करीब 65 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है। ग्रामीणों की बेहतर सुविधाओं को लेकर सरकार गंभीर है। इसलिए पंचायतों को सीधी ग्रांट भेजने के दिशा-निर्देश जारी कर दिए। प्रस्ताव पारित करवाने के बाद पंचायत बजट राशि खर्च करने में सक्षम होगी। इससे वार्ड स्तर पर संपूर्ण विकास हो सकेगा, लेकिन पिछले 5-10 साल से धांधली को बढ़ावा देने संबंधित शिकायतें बढ़ गईं। ब्लॉक स्तर पर जांच के दौरान कई सरपंच सस्पेंड हो चुके हैं। विकास राशि खुर्दबुर्द होने के कारण ग्रामीणों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। समाधान को लेकर पूरे देश की पंचायतों को इंटरनेट से जोड़कर भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की रूपरेखा बनाई गई है। महेंद्रगढ़ जिले की सभी पंचायतों को इंटरनेट सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क (बीबीएनएल) विभाग गठित कर दिया गया। बीएसएनएल अधिकारियों ने खंड मुख्यालय से विभिन्न पंचायतों की दूरी की रिपोर्ट तैयार कर लागत का एस्टिमेट बनाया था। टेंडर छोडने के बाद नांगल चौधरी ब्लॉक की 04 तथा नारनौल खंड की 41 पंचायतों में ब्रांडबैंड कनेक्शन हो चुके। निजामपुर, महेंद्रगढ़, अटेली, सतनाली, सिहमा में केबल दबा दी गई। अगले दो-तीन महीने में इंटरनेट सुविधा उपलब्ध होने की उम्मीद है। इंटरनेट सुविधा मिलने पर पंचायतों को विकास कार्यों का लेखाजोखा आनलाइन करना होगा। इससे धांधली की शिकायतों पर अंकुश लगेगा, वहीं सरकार की ओर से क्रियान्वित योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचेगा।
ऑनलाइन आवेदन जमा करवा सकेंगे
प्रदेश व केंद्र सरकार की ओर से हर साल लाखों रिक्तियां प्रकाशित की जाती हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में अधिकांश युवा आवेदन नहीं करते। गांव में इंटरनेट सुविधा उपलब्ध होने पर युवा आनलाइन आवेदन जमा करवा सकेंगे। इससे उन्हें समय व आर्थिक बचत होगी। साथ ही उनका सामान्य ज्ञान अपडेट रहेगा।
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शिकायत के लिए नहीं आना पड़ेगा दफ्तर
विकास कार्यों में धांधली, बिजली-पानी व अन्य शिकायत दर्ज करवाने के लिए ग्रामीणों को शहर नहीं आना पड़ेगा। पंचायत भवन में स्थापित साइबर रूम में आनलाइन कंप्लेंट दर्ज करवा सकेंगे। इन शिकायतों को संबंधित विभाग के अधिकारी नजरंदाज नहीं कर सकेंगे। जल्द समाधान होने पर ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार आएगा।
प्रशासनिक अधिकारियों के संपर्क में रहेंगे ग्रामीण
दोस्तपुर के सरपंच देवेंद्र यादव, हरीराम भेडंटी, बलबीर नियामतपुर आदि ने योजना को ग्रामीण हितैषी करार दिया। उन्होंने कहा कि पंचायतों को इंटरनेट सुविधा मिलने के बाद ग्रामीण प्रशासनिक अधिकारियों के संपर्क में रहेंगे। इससे विकास कार्यों को पारदर्शिता तथा गति मिलेगी।
346 पंचायतों में 400 किलोमीटर केबल दबाई
विभाग द्वारा जिले की 346 पंचायतों में लगभग 400 किलोमीटर लंबी केबल दबवा दी गई है। गांव के पंचायत घर कंप्यूटर व इन्वर्टर आदि उपकरण रखे जाएंगे। पंचायत को फर्नीचर, बिजली कनेक्शन, पानी, कुर्सी व अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाने होंगे।
पंचायत स्तर पर रोजगार का विकल्प
एनओएफएम कंपनी के जिला इंचार्ज जितेंद्र सिंह ने बताया कि पंचायतों में कमीशन एजेंट बनाने की योजना है। बीएसएनएल कूपन रिचार्ज पर 50 प्रतिशत तक कमीशन मिलेगा, जबकि बाजार में 5-6 प्रतिशत से अधिक नहीं मिलता। 45 पंचायतों में इंटरनेट सुविधा शुरू हो गई। अन्य पंचायतों में जल्द ही सिस्टम लगा दिए जाएंगे। योजना से धांधली पर अंकुश लगेगा।
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ऑनलाइन करने की प्रक्रिया आरंभ, विकास कार्यों में बढ़ेगी पारदर्शिता
अमर उजाला ब्यूरो
नांगल चौधरी। केंद्र सरकार की ओर से पंचायतों को इंटरनेट सुविधा मुहैया करवाने की योजना के तहत सबसे पहले नांगल चौधरी, नारनौल ब्लॉक की 45 पंचायतें हाईटेक हुई हैं। इनमें रिकार्ड को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अन्य पंचायतों में केबल बिछाने का वर्क अंतिम चरण में है। जल्द ही ग्रामीणों को सरकार की ओर से क्रियान्वित योजनाओं की जानकारी ऑनलाइन मिलने लगेगी।
बता दें कि देश की करीब 65 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है। ग्रामीणों की बेहतर सुविधाओं को लेकर सरकार गंभीर है। इसलिए पंचायतों को सीधी ग्रांट भेजने के दिशा-निर्देश जारी कर दिए। प्रस्ताव पारित करवाने के बाद पंचायत बजट राशि खर्च करने में सक्षम होगी। इससे वार्ड स्तर पर संपूर्ण विकास हो सकेगा, लेकिन पिछले 5-10 साल से धांधली को बढ़ावा देने संबंधित शिकायतें बढ़ गईं। ब्लॉक स्तर पर जांच के दौरान कई सरपंच सस्पेंड हो चुके हैं। विकास राशि खुर्दबुर्द होने के कारण ग्रामीणों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। समाधान को लेकर पूरे देश की पंचायतों को इंटरनेट से जोड़कर भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की रूपरेखा बनाई गई है। महेंद्रगढ़ जिले की सभी पंचायतों को इंटरनेट सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क (बीबीएनएल) विभाग गठित कर दिया गया। बीएसएनएल अधिकारियों ने खंड मुख्यालय से विभिन्न पंचायतों की दूरी की रिपोर्ट तैयार कर लागत का एस्टिमेट बनाया था। टेंडर छोडने के बाद नांगल चौधरी ब्लॉक की 04 तथा नारनौल खंड की 41 पंचायतों में ब्रांडबैंड कनेक्शन हो चुके। निजामपुर, महेंद्रगढ़, अटेली, सतनाली, सिहमा में केबल दबा दी गई। अगले दो-तीन महीने में इंटरनेट सुविधा उपलब्ध होने की उम्मीद है। इंटरनेट सुविधा मिलने पर पंचायतों को विकास कार्यों का लेखाजोखा आनलाइन करना होगा। इससे धांधली की शिकायतों पर अंकुश लगेगा, वहीं सरकार की ओर से क्रियान्वित योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचेगा।
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ऑनलाइन आवेदन जमा करवा सकेंगे
प्रदेश व केंद्र सरकार की ओर से हर साल लाखों रिक्तियां प्रकाशित की जाती हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में अधिकांश युवा आवेदन नहीं करते। गांव में इंटरनेट सुविधा उपलब्ध होने पर युवा आनलाइन आवेदन जमा करवा सकेंगे। इससे उन्हें समय व आर्थिक बचत होगी। साथ ही उनका सामान्य ज्ञान अपडेट रहेगा।
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शिकायत के लिए नहीं आना पड़ेगा दफ्तर
विकास कार्यों में धांधली, बिजली-पानी व अन्य शिकायत दर्ज करवाने के लिए ग्रामीणों को शहर नहीं आना पड़ेगा। पंचायत भवन में स्थापित साइबर रूम में आनलाइन कंप्लेंट दर्ज करवा सकेंगे। इन शिकायतों को संबंधित विभाग के अधिकारी नजरंदाज नहीं कर सकेंगे। जल्द समाधान होने पर ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार आएगा।
प्रशासनिक अधिकारियों के संपर्क में रहेंगे ग्रामीण
दोस्तपुर के सरपंच देवेंद्र यादव, हरीराम भेडंटी, बलबीर नियामतपुर आदि ने योजना को ग्रामीण हितैषी करार दिया। उन्होंने कहा कि पंचायतों को इंटरनेट सुविधा मिलने के बाद ग्रामीण प्रशासनिक अधिकारियों के संपर्क में रहेंगे। इससे विकास कार्यों को पारदर्शिता तथा गति मिलेगी।
346 पंचायतों में 400 किलोमीटर केबल दबाई
विभाग द्वारा जिले की 346 पंचायतों में लगभग 400 किलोमीटर लंबी केबल दबवा दी गई है। गांव के पंचायत घर कंप्यूटर व इन्वर्टर आदि उपकरण रखे जाएंगे। पंचायत को फर्नीचर, बिजली कनेक्शन, पानी, कुर्सी व अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाने होंगे।
पंचायत स्तर पर रोजगार का विकल्प
एनओएफएम कंपनी के जिला इंचार्ज जितेंद्र सिंह ने बताया कि पंचायतों में कमीशन एजेंट बनाने की योजना है। बीएसएनएल कूपन रिचार्ज पर 50 प्रतिशत तक कमीशन मिलेगा, जबकि बाजार में 5-6 प्रतिशत से अधिक नहीं मिलता। 45 पंचायतों में इंटरनेट सुविधा शुरू हो गई। अन्य पंचायतों में जल्द ही सिस्टम लगा दिए जाएंगे। योजना से धांधली पर अंकुश लगेगा।