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धार्मिक आयोजन से आत्मा होती है पवित्र: राजेश देवी
Updated Mon, 18 Sep 2017 12:20 AM IST
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धार्मिक आयोजन से आत्मा होती है पवित्र: राजेश देवी
अमर उजाला ब्यूरो
मंडी अटेली। नगरपालिका परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का रविवार को हवन और भंडारे के साथ समापन हो गया। कथा के अंतिम दिन बतौर मुख्य अतिथि जिला प्रमुख राजेश देवी ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन होते रहने चाहिए। धार्मिक आयोजन से आत्मा पवित्र होती है। लोगों में एक दूसरे के प्रति प्यार बढ़ता है। मिलजुल कर रहने की शक्ति मिलती है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने गीता के माध्यम से जीवन का सार लोगों को समझाया था। श्रीमद्भागवत कथा में उसको बताया जाता है। लोगों को उसके चरित्र को बताकर उसके दिखाऐ मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया जाता है। कथा के माध्यम से लोगों को प्रेम का महत्व कथा वाचक केशव देव वृंदावन ने संगीतमय वाणी से समझाया। आचार्य नरेश शास्त्री ने बताया कि कथा से पितरों को मोक्ष प्राप्ति मिलती है। इस मौके पर राजेन्द्र दुबलाना, पूर्व पार्षद अनिल गुप्ता, हनुमान प्रसाद व रामकिशन शर्मा के अलावा सुरेश शर्मा आदि मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
मंडी अटेली। नगरपालिका परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का रविवार को हवन और भंडारे के साथ समापन हो गया। कथा के अंतिम दिन बतौर मुख्य अतिथि जिला प्रमुख राजेश देवी ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन होते रहने चाहिए। धार्मिक आयोजन से आत्मा पवित्र होती है। लोगों में एक दूसरे के प्रति प्यार बढ़ता है। मिलजुल कर रहने की शक्ति मिलती है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने गीता के माध्यम से जीवन का सार लोगों को समझाया था। श्रीमद्भागवत कथा में उसको बताया जाता है। लोगों को उसके चरित्र को बताकर उसके दिखाऐ मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया जाता है। कथा के माध्यम से लोगों को प्रेम का महत्व कथा वाचक केशव देव वृंदावन ने संगीतमय वाणी से समझाया। आचार्य नरेश शास्त्री ने बताया कि कथा से पितरों को मोक्ष प्राप्ति मिलती है। इस मौके पर राजेन्द्र दुबलाना, पूर्व पार्षद अनिल गुप्ता, हनुमान प्रसाद व रामकिशन शर्मा के अलावा सुरेश शर्मा आदि मौजूद रहे।
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