उपद्रवियों को मुआवजा न दिया जाए
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अहीर बाहुल्य क्षेत्र महेंद्रगढ़ से अब आंदोलन की आड़ में उपद्रव करने वालों के विरोध में आवाज उठने लगी है। मंगलवार को क्षेत्र की 35 बिरादरी ने एकजुटता दिखाकर नारनौल और महेंद्रगढ़ में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने करीब एक घंटे तक शहर के मुख्य महावीर चौराहे पर जाम लगाकर विरोध जताया। जाम लगाने वालों ने सरकार द्वारा जाटों को आरक्षण दिए जाने को गलत बताया। नाराज लोगों का कहना है कि आंदोलन में मारे गए लोगों को मुआवजा दिया गया तो भी इसका विरोध करेंगे। जाम के कारण शहर का यातायात बाधित हो गया। इस कारण दिल्ली से झुंझुनूं, जयपुर से भिवानी और अलवर, खेतड़ी, जयपुर जाने वाले सभी मार्ग बंद हो गए।
35 बिरादरी के आह्वïान पर मंगलवार को सैकड़ों की संख्या में लोग चितवन वाटिका में एकत्रित हुए। सुबह करीब साढ़े 11 बजे एक सभा का आयोजन किया गया। सभा के बाद लोग प्रदर्शन करते हुए महावीर चौक पर पहुंचे। वहां पहुंचकर लोगों ने अपनी मांगों को लेकर महावीर चौक पर दोपहर करीब साढ़े 12 बजे जाम लगा दिया। जाम में पैदल और एंबुलेंस को छोड़कर किसी को भी नहीं निकलने दिया।
डीएसपी पहुंचे जाम खुलवाने
जाम की सूचना मिलते ही डीएसपी महेश कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों से जाम खोलने की अपील की, मगर जाम लगाने वालों ने उनकी एक न सुनी। इसके बाद उन्होंने मौके पर पुलिस बल बुला लिया।
एसडीएम आए तो लगे ‘गो बैक’ के नारे
जाम की सूचना मिलने के बाद करीब एक बजे एसडीएम सुरेश कास्वानी मौके पर पहुंचे। उनके साथ डीएसपी महेश कुमार भी आए। मगर जब एसडीएम वहां पहुंचे तो आक्रोशित लोगों ने एसडीएम गो बैक के नारे लगाने लगे। अपना विरोध होता देखकर एसडीएम वापस चले गए।
डीसी को बुलाने की मांग पर अड़े लोग
जाम लगा रहे लोगों ने उपायुक्त को मौके पर बुलाने की मांग की, मगर उपायुक्त मौके पर नहीं पहुंचे। करीब डेढ़ बजे एसपी मनीषा चौधरी और एडीसी आरएस वर्मा मौैके पर पहुंचे और उन्होंने लोगों को समझाया। इसके बाद प्रदर्शन कर रहे लोगों ने सीएम के नाम एक ज्ञापन एसपी को सौंपा। इसके बाद ही लोगों ने जाम हटाया।
क्या है ज्ञापन में
ज्ञापन में 35 बिरादरी के लोगों ने मांग की है कि हरियाणा में आरक्षण के नाम पर लूटपाट, आगजनी और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाले उपद्रवियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर व्यापारियों को उचित मुआवजा दिया जाए। ज्ञापन में कहा गया है कि आरक्षण के नाम पर एक जाति विशेष के लोगों और उपद्रवियों ने हरियाणा में अराजकता का माहौल पैदा कर दिया है। व्यापारियों की दुकानों, शोरूम, घरों में लूटपाट करने के साथ ही महिलाओं के साथ बदसलूकी की गई है। इसका 35 बिरादरी विरोध करती है। लूटपाट करने वालों के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज हो, पीड़ित व्यापारियों को मुआवजा मिले। मंत्रियों और जाट नेताओं से सरकारी संपत्ति के नुकसान की भरपाई की जाए। उपद्रव करने वालों के परिवारों को न तो मुआवजा दिया जाए और न ही इनको किसी प्रकार की सरकारी नौकरी दी जाए। ज्ञापन में कहा गया है कि यदि 35 बिरादरी के हकों की अनदेखी की गई तो आंदोलन तेज कर दिया जाएगा।