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Mahendragarh-Narnaul News: 3 साल 10 माह का समय बीता आईएमटी खुडाना प्रोजेक्ट नहीं उतरा धरातल पर
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सीएम की घोषणा को 3 साल 10 माह का समय बीत चुका है लेकिन महेंद्रगढ़ क्षेत्र के विकास के लिए घोषित किए गए सबसे बड़े प्रोजेक्ट इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) खुडाना अभी तक सिरे नहीं चढ़ पाया है। 24 फरवरी 2019 को जब मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपनी पहली पारी में आईएमटी की आधारशिला रखी थी तो क्षेत्र के लोगों को भी लगा था कि अब उनके बच्चों को गृह जिले में ही रोजगार उपलब्ध हो पाएगा। लेकिन तीन साल बीतने के बावजूद भी आईएमटी प्रोजेक्ट फाइलों से बाहर नहीं निकल पाया है।
गांव खुडाना की 1300 एकड़ भूमि पंचायती एवं निजी भूमि पर प्रस्तावित इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू कराने की मांग को लेकर क्षेत्र के लोगों की तीन वर्षों में पांच बार महा पंचायत तक हो चुकी है। इसके अलावा सीएम भी महेंद्रगढ़ आगमन पर कई बार इसपर शीघ्र काम शुरू कराने का दावा कर चुके हैं। पिछले 3 सालों के दौरान जब भी लोगों द्वारा इस प्रोजेक्ट को पूरा कराने की मांग उठाई जाती है तो अधिकारी साइट का दौरा करने के साथ ही भागदौड़ शुरू कर देते हैं। लेकिन अभी तक यह योजना महज कागजों तक ही सिमट कर रह गया है। आकोदा से खुडाना तक 200 फुट चौड़ी सड़क मार्ग की अभी तक 50 प्रतिशत जमीन एचएसआईडीसी ई-भूमि पोर्टल पर अपलोड नहीं करा पाया है। वहीं छह माह पहले एचएसआईडीसी कार्यालय खोलने के दावे भी धरातल पर नहीं उतर पाए हैं।
बार-बार अधिकारी कर रहे हैं निरीक्षण
4 फरवरी 2019 को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गांव खुडाना में आईएमटी का शिलान्यास किया था। उस समय उनके साथ तत्कालीन शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा भी मौजूद थे। लेकिन तीन वर्ष का समय बीत जाने के बाद आईएमटी के लिए जमीनी स्तर पर कोई काम शुरू नहीं हो पाया। पांच बार हुई महापंचों के बाद पंचायत का प्रतिनिधिमंडल सीएम से मिला। सीएम ने असमंजस की स्थिति को विराम देते हुए आईएमटी का निर्माण खुडाना में ही कराने का आश्वासन दिया था। लेकिन धरातल पर कोई काम नहीं होने से लोगों की निराशा बनी हुई थी।
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3 नवंबर 2021 को सीएम ने पहले फेज पर काम शुरू करने के दिए थे आदेश
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 3 नवंबर 2021 को चंडीगढ़ में अधिकारियों के साथ बैठक कर आईएमटी खुडाना की जमीन स्थानांतरित कर पहले फेज पर काम शुरू करने का निर्देश दिया था। इसमें महेंद्रगढ़ उपायुक्त भी शामिल हुए थे। इसके बाद भी इस प्रोजेक्ट पर कार्य आगे बढ़ाया जा सका। अभी तक आईएमटी की जमीन तक स्थानांतरित नहीं की जा सकी है। मुख्यमंत्री ने बजट सत्र 2022-23 में आईएमटी बनाने का जिक्र किया था। मुख्यमंत्री ने आईएमटी खुडाना का शिलान्यास 24 फरवरी 2019 में किया था। उस समय जिले के लोग इस बात को लेकर खुश थे कि अब यहां के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे जनपदों में नहीं जाना पड़ेगा लेकिन अब तक निर्माण कार्य लंबित रहने से उनकी आस पर पानी फिरता नजर आ रहा है। जिले में औद्योगिक क्षेत्र नहीं होने से हजारों युवकों को रेवाड़ी, बावल, मानसेर, धारुहेड़ा, गुरुग्राम में कंपनियों तथा फैक्ट्रियों में काम के लिए जाना पड़ रहा है।
खुडाना में आईएमटी बनाने के लिए करीब 1500 एकड़ जमीन की जरूरत है।
971 एकड़ पंचायत की भूमि का प्रस्ताव गांव खुडाना की पंचायत दो-तीन बार दे चुकी है। उस समय ग्रामीण भी 12 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से अपनी पंचायती जमीन देने का तैयार थे। इसके अलावा 600 एकड़ कृषि भूमि है। यह भूमि देने के लिए लगभग 40 प्रतिशत किसान ई-भूमि पोर्टल पर अपनी जमीन अपलोड करवा चुके थे। प्रशासन का कहना है कि रास्ते को लेकर विवाद है। इस पर किसानों की सहमति नहीं बन पा रही है। जल्द ही मामले को सुलझा लिया जाएगा।
आईएमटी प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री की घोषणा व क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है। लगातार एचएसआईडीसी व राजस्व विभाग की टीमें काम कर रही हैं। मुख्य समस्या 200 फुट चौड़ाई वाले रास्ते में आ रही है। पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने के कारण कुछ समय इसकी प्रक्रिया धीमी जरूर हुई है। लेकिन अब तेजी से इस प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है। टीमें लगातार ग्रामीणों से संपर्क कर सहमति ले रही हैं। ग्रामीण भी अपनी सहमति दे रहे हैं जल्द ही इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया जाएगा। आकोदा से खुडाना की प्रस्तावित भूमि तक के लिए अब मुख्य मार्ग की समस्या का समाधान शीघ्रता से किया जा रहा है। ई-भूमि पोर्टल पर 75 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। ग्राम पंचायतों ने चार्ज संभाल लिया है अब इस प्रोजेक्ट के कार्यों में तेजी लाई जाएगी। वह स्वयं इस प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
-जयकृष्ण आभीर, उपायुक्त, महेंद्रगढ़।
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गांव खुडाना की 1300 एकड़ भूमि पंचायती एवं निजी भूमि पर प्रस्तावित इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू कराने की मांग को लेकर क्षेत्र के लोगों की तीन वर्षों में पांच बार महा पंचायत तक हो चुकी है। इसके अलावा सीएम भी महेंद्रगढ़ आगमन पर कई बार इसपर शीघ्र काम शुरू कराने का दावा कर चुके हैं। पिछले 3 सालों के दौरान जब भी लोगों द्वारा इस प्रोजेक्ट को पूरा कराने की मांग उठाई जाती है तो अधिकारी साइट का दौरा करने के साथ ही भागदौड़ शुरू कर देते हैं। लेकिन अभी तक यह योजना महज कागजों तक ही सिमट कर रह गया है। आकोदा से खुडाना तक 200 फुट चौड़ी सड़क मार्ग की अभी तक 50 प्रतिशत जमीन एचएसआईडीसी ई-भूमि पोर्टल पर अपलोड नहीं करा पाया है। वहीं छह माह पहले एचएसआईडीसी कार्यालय खोलने के दावे भी धरातल पर नहीं उतर पाए हैं।
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बार-बार अधिकारी कर रहे हैं निरीक्षण
4 फरवरी 2019 को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गांव खुडाना में आईएमटी का शिलान्यास किया था। उस समय उनके साथ तत्कालीन शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा भी मौजूद थे। लेकिन तीन वर्ष का समय बीत जाने के बाद आईएमटी के लिए जमीनी स्तर पर कोई काम शुरू नहीं हो पाया। पांच बार हुई महापंचों के बाद पंचायत का प्रतिनिधिमंडल सीएम से मिला। सीएम ने असमंजस की स्थिति को विराम देते हुए आईएमटी का निर्माण खुडाना में ही कराने का आश्वासन दिया था। लेकिन धरातल पर कोई काम नहीं होने से लोगों की निराशा बनी हुई थी।
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3 नवंबर 2021 को सीएम ने पहले फेज पर काम शुरू करने के दिए थे आदेश
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 3 नवंबर 2021 को चंडीगढ़ में अधिकारियों के साथ बैठक कर आईएमटी खुडाना की जमीन स्थानांतरित कर पहले फेज पर काम शुरू करने का निर्देश दिया था। इसमें महेंद्रगढ़ उपायुक्त भी शामिल हुए थे। इसके बाद भी इस प्रोजेक्ट पर कार्य आगे बढ़ाया जा सका। अभी तक आईएमटी की जमीन तक स्थानांतरित नहीं की जा सकी है। मुख्यमंत्री ने बजट सत्र 2022-23 में आईएमटी बनाने का जिक्र किया था। मुख्यमंत्री ने आईएमटी खुडाना का शिलान्यास 24 फरवरी 2019 में किया था। उस समय जिले के लोग इस बात को लेकर खुश थे कि अब यहां के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे जनपदों में नहीं जाना पड़ेगा लेकिन अब तक निर्माण कार्य लंबित रहने से उनकी आस पर पानी फिरता नजर आ रहा है। जिले में औद्योगिक क्षेत्र नहीं होने से हजारों युवकों को रेवाड़ी, बावल, मानसेर, धारुहेड़ा, गुरुग्राम में कंपनियों तथा फैक्ट्रियों में काम के लिए जाना पड़ रहा है।
खुडाना में आईएमटी बनाने के लिए करीब 1500 एकड़ जमीन की जरूरत है।
971 एकड़ पंचायत की भूमि का प्रस्ताव गांव खुडाना की पंचायत दो-तीन बार दे चुकी है। उस समय ग्रामीण भी 12 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से अपनी पंचायती जमीन देने का तैयार थे। इसके अलावा 600 एकड़ कृषि भूमि है। यह भूमि देने के लिए लगभग 40 प्रतिशत किसान ई-भूमि पोर्टल पर अपनी जमीन अपलोड करवा चुके थे। प्रशासन का कहना है कि रास्ते को लेकर विवाद है। इस पर किसानों की सहमति नहीं बन पा रही है। जल्द ही मामले को सुलझा लिया जाएगा।
आईएमटी प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री की घोषणा व क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है। लगातार एचएसआईडीसी व राजस्व विभाग की टीमें काम कर रही हैं। मुख्य समस्या 200 फुट चौड़ाई वाले रास्ते में आ रही है। पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने के कारण कुछ समय इसकी प्रक्रिया धीमी जरूर हुई है। लेकिन अब तेजी से इस प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है। टीमें लगातार ग्रामीणों से संपर्क कर सहमति ले रही हैं। ग्रामीण भी अपनी सहमति दे रहे हैं जल्द ही इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया जाएगा। आकोदा से खुडाना की प्रस्तावित भूमि तक के लिए अब मुख्य मार्ग की समस्या का समाधान शीघ्रता से किया जा रहा है। ई-भूमि पोर्टल पर 75 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। ग्राम पंचायतों ने चार्ज संभाल लिया है अब इस प्रोजेक्ट के कार्यों में तेजी लाई जाएगी। वह स्वयं इस प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
-जयकृष्ण आभीर, उपायुक्त, महेंद्रगढ़।