{"_id":"627d625890bbe7796b2ec605","slug":"250-villages-of-five-districts-will-benefit-if-medical-college-is-established-narnol-news-rtk646473442","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेडिकल कॉलेज स्थापित होने पर पांच जिले के 250 गांवों को होगा फायदा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेडिकल कॉलेज स्थापित होने पर पांच जिले के 250 गांवों को होगा फायदा
विज्ञापन
केंद्र सरकार ने हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय(हकेंविवि) में मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। अब गेंद राज्य सरकार के पाले हैं। अगर राज्य सरकार इसका प्रस्ताव बनाकर केंद्र को भेज देती है तो हकेंविवि में जल्द ही मेडिकल कॉलेज की कार्रवाई शुरू हो जाएगी। मेडिकल कॉलेज स्थापित होने पर महेंद्रगढ़ से लगते रेवाड़ी, चरखी दादरी, भिवानी, झुंझुनू जिले के लगभग 250 गांवों को फायदा मिलेगा। मरीजों को रोहतक, जयपुर, गुरुग्राम, दिल्ली जाने की आवश्यकता नहीं होगी। वर्तमान मेडिकल की अच्छी सुविधा नहीं होने की वजह से प्रतिदिन 300 से अधिक दूसरे जिलों एवं राज्यों में जाते हैं। वहीं हादसे में घायलों रेफर किए जाने के बाद बीच रास्ते में दम तोड़ने वालों की संख्या में भी कमी आएगी। इसके अलावा मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए बाहर जाने वाले विद्यार्थी अपने ही जिले में पढ़ाई कर सकेंगे।
नहीं खरीदनी होगी जमीन
अगर हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में मेडिकल कॉलेज की मंजूरी मिल जाती है तो केंद्र सरकार को 50 प्रतिशत बजट का फायदा हो जाएगा। केंद्र सरकार को कॉलेज के लिए जमीन एक्वायर करने की आवश्यकता नहीं होगी। हकेंविवि में मेडिकल कॉलेज के लिए पर्याप्त मात्रा में जमीन है। अगर दूसरी जगह बनाते हैं तो करोड़ों रुपये की जमीन खरीदनी पड़ती है। खास बात यह है कि प्रदेश सरकार को इस पर एक रुपया खर्चा नहीं करना पड़ेगा केवल उनको सैद्धांतिक मंजूरी देनी है। विवि प्रशासन पहले ही हर संभव मदद और जमीन दिए जाने का आश्वासन दे चुका है।
नेशनल हाईवे से रहेगी कनेक्टिविटी
हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय स्टेट हाईवे 148बी पर बना हुआ है। यह रोड सीधा राजधानी चंडीगढ़ से कनेक्ट है। वहीं विश्वविद्यालय के पीछे की ओर से ग्रीन कॉरिडोर 152 डी लगभग बनकर तैयार हो गया। इसके अलावा हिसार से केएमपी तक वाया तोशाम, लोहारू, सतनाली, महेंद्रगढ़ की केंद्र सरकार से सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है जिसकी एचएसआरडीसी की ओर से डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाई जा रही है। जिले का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट आईएमटी भी विश्वविद्यालय से मात्र दो किलोमीटर दूरी पर रहेगी।
विज्ञापन
महेंद्रगढ़ हरियाणा में शिक्षा का हब, प्रति वर्ष लगभग 100 विद्यार्थी करते नीट क्वालीफाई
प्रदेश में महेंद्रगढ़ शिक्षा का हब माना जाता है। बतौर पढ़ाई के जिले ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना ली है। इस क्षेत्र में बड़े-बड़े निजी शिक्षण संस्थान हैं। इन संस्थानों से प्रति वर्ष लगभग 100 विद्यार्थी नीट की परीक्षा क्वालीफाई करते हैं जो दूसरे राज्यों में जाकर एमबीबीएस, बीडीएस तथा बीएएमएस की पढ़ाई करते हैं। अगर मेडिकल कॉलेज यहां स्थापित हो जाता है तो क्षेत्र के विद्यार्थियों को दूसरे राज्यों में डाक्टर की पढ़ाई करने की जरूरत नहीं होगी, उनको वह सुविधा यहीं मिल जाएगी।
महेंद्रगढ़ से दूर पड़ने वाले मेडिकल कॉलेज
रोहतक- 110 किलोमीटर
जयपुर - 190 किलोमीटर
गुरुग्राम - 100 किलोमीटर
दिल्ली - 135 किलोमीटर
एक-दो दिन में करेंगे मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्यमंत्री से मुलाकात: रामबिलास शर्मा
मेरी पहले भी कौशिश रही थी कि हकेंविवि में मेडिकल कॉलेज की स्थापना हो और अब भी है। एक दो दिन में चंडीगढ़ जाकर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज और मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मुलाकात करेंगे और इस प्रोजेक्ट की जोरदार पैरवी करेंगे। मेरी कौशिश रहेगी कि आईएमटी खुडाना एवं मेडिकल कॉलेज दोनों का एक साथ उद्घाटन करवाया जाए। मुख्यमंत्री पर हमें भरोसा है कि वो इस प्रोजेक्ट की सैद्धांतिक मंजूरी दे देंगे।
12वीं मेडिकल के छात्र बोले
हकेंविवि में मेडिकल कॉलेज बनना चाहिए। इससे मेडिकल में सीटें बढ़ेंगी और विद्यार्थियों को प्रवेश भी मिलेगा। साथ ही क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाएं भी बढ़ेंगी। -यश यादव, विद्यार्थी, आरपीएस स्कूल।
----------
प्रदेश सरकार को इस प्रोजेक्ट पर अपनी सैंद्धांतिक मंजूरी देनी जानी चाहिए। मेडिकल कॉलेज बनने के बाद क्षेत्र के विद्यार्थियों को मेडिकल की पढ़ाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।- नेहा, विद्यार्थी, आरपीएस स्कूल।
----------
3. मेडिकल कॉलेज खुलने से सीटें बढ़ेंगी, ऐेसे में उन विद्यार्थियों को फायदा होगा जिनका कुछ नंबर कम रहने पर एडमिशन नहीं हो पाता था, उन्हें एक वर्ष दोबारा से तैयारी करनी पड़ती थी। -श्रीयुक्ता गौड़, विद्यार्थी, आरपीएस स्कूल।
-------------
सीटें कम रहने की वजह से नीट की परीक्षा में रैंकिंग पाना बड़ा मुश्किल होता है। जिस वजह से कई विद्यार्थी दो से तीन प्रयास में भी सफल नहीं हो पाते, उनका चिकित्सक बनने का सपना अधूरा रह जाता है। -आयुष्मान, विद्यार्थी, आरपीएस स्कूल।
जिला शिक्षा का हब है। इस क्षेत्र से प्रति वर्ष 100 विद्यार्थी नीट क्वालीफाई करते हैं। ऐसे क्षेत्र में तो मेडिकल कॉलेज बहुत आवश्यक है। इससे उनको पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा। -रजत, विद्यार्थी, हैप्पी स्कूल।
मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हर विद्यार्थी का सपना डॉक्टर बनने का होता है और वह पूरे वर्ष उसके लिए काफी मेहनत भी करता है लेकिन रेकिंग ठीक नहीं आने की वजह से या तो उसका होता नहीं या फिर कॉलेज अच्छा नहीं मिल पाता जिससे वह हत्तोसाहित हो जाता है। -अनिश कुमार, विद्यार्थी, हैप्पी स्कूल।
नीट की परीक्षा में 80 प्रतिशत राज्य का कोटा होता है। अगर केंद्र सरकार यहां मेडिकल कॉलेज स्थापित करती है तो विद्यार्थियों को उस कोटे का फायदा मिलेगा और अपने ही जिले में रहकर डॉक्टर बनने का सपना साकार कर सकेंगे। -केशव विद्यार्थी, हैप्पी स्कूल।
------------
कई गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवार के बच्चे रैंकिंग में पिछड़ जाते हैं जिससे उनका प्रवेश सरकारी कॉलेज में नहीं हो पाता। प्राइवेट कॉलेज की फीस परिजन वहन नहीं कर सकते। ऐसे में उनका डॉक्टर बनने का सपना अधूरा रह जाता है। -अन्नु
विज्ञापन
नहीं खरीदनी होगी जमीन
अगर हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में मेडिकल कॉलेज की मंजूरी मिल जाती है तो केंद्र सरकार को 50 प्रतिशत बजट का फायदा हो जाएगा। केंद्र सरकार को कॉलेज के लिए जमीन एक्वायर करने की आवश्यकता नहीं होगी। हकेंविवि में मेडिकल कॉलेज के लिए पर्याप्त मात्रा में जमीन है। अगर दूसरी जगह बनाते हैं तो करोड़ों रुपये की जमीन खरीदनी पड़ती है। खास बात यह है कि प्रदेश सरकार को इस पर एक रुपया खर्चा नहीं करना पड़ेगा केवल उनको सैद्धांतिक मंजूरी देनी है। विवि प्रशासन पहले ही हर संभव मदद और जमीन दिए जाने का आश्वासन दे चुका है।
विज्ञापन
नेशनल हाईवे से रहेगी कनेक्टिविटी
हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय स्टेट हाईवे 148बी पर बना हुआ है। यह रोड सीधा राजधानी चंडीगढ़ से कनेक्ट है। वहीं विश्वविद्यालय के पीछे की ओर से ग्रीन कॉरिडोर 152 डी लगभग बनकर तैयार हो गया। इसके अलावा हिसार से केएमपी तक वाया तोशाम, लोहारू, सतनाली, महेंद्रगढ़ की केंद्र सरकार से सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है जिसकी एचएसआरडीसी की ओर से डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाई जा रही है। जिले का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट आईएमटी भी विश्वविद्यालय से मात्र दो किलोमीटर दूरी पर रहेगी।
विज्ञापन
महेंद्रगढ़ हरियाणा में शिक्षा का हब, प्रति वर्ष लगभग 100 विद्यार्थी करते नीट क्वालीफाई
प्रदेश में महेंद्रगढ़ शिक्षा का हब माना जाता है। बतौर पढ़ाई के जिले ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना ली है। इस क्षेत्र में बड़े-बड़े निजी शिक्षण संस्थान हैं। इन संस्थानों से प्रति वर्ष लगभग 100 विद्यार्थी नीट की परीक्षा क्वालीफाई करते हैं जो दूसरे राज्यों में जाकर एमबीबीएस, बीडीएस तथा बीएएमएस की पढ़ाई करते हैं। अगर मेडिकल कॉलेज यहां स्थापित हो जाता है तो क्षेत्र के विद्यार्थियों को दूसरे राज्यों में डाक्टर की पढ़ाई करने की जरूरत नहीं होगी, उनको वह सुविधा यहीं मिल जाएगी।
महेंद्रगढ़ से दूर पड़ने वाले मेडिकल कॉलेज
रोहतक- 110 किलोमीटर
जयपुर - 190 किलोमीटर
गुरुग्राम - 100 किलोमीटर
दिल्ली - 135 किलोमीटर
एक-दो दिन में करेंगे मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्यमंत्री से मुलाकात: रामबिलास शर्मा
मेरी पहले भी कौशिश रही थी कि हकेंविवि में मेडिकल कॉलेज की स्थापना हो और अब भी है। एक दो दिन में चंडीगढ़ जाकर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज और मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मुलाकात करेंगे और इस प्रोजेक्ट की जोरदार पैरवी करेंगे। मेरी कौशिश रहेगी कि आईएमटी खुडाना एवं मेडिकल कॉलेज दोनों का एक साथ उद्घाटन करवाया जाए। मुख्यमंत्री पर हमें भरोसा है कि वो इस प्रोजेक्ट की सैद्धांतिक मंजूरी दे देंगे।
12वीं मेडिकल के छात्र बोले
हकेंविवि में मेडिकल कॉलेज बनना चाहिए। इससे मेडिकल में सीटें बढ़ेंगी और विद्यार्थियों को प्रवेश भी मिलेगा। साथ ही क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाएं भी बढ़ेंगी। -यश यादव, विद्यार्थी, आरपीएस स्कूल।
----------
प्रदेश सरकार को इस प्रोजेक्ट पर अपनी सैंद्धांतिक मंजूरी देनी जानी चाहिए। मेडिकल कॉलेज बनने के बाद क्षेत्र के विद्यार्थियों को मेडिकल की पढ़ाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।- नेहा, विद्यार्थी, आरपीएस स्कूल।
----------
3. मेडिकल कॉलेज खुलने से सीटें बढ़ेंगी, ऐेसे में उन विद्यार्थियों को फायदा होगा जिनका कुछ नंबर कम रहने पर एडमिशन नहीं हो पाता था, उन्हें एक वर्ष दोबारा से तैयारी करनी पड़ती थी। -श्रीयुक्ता गौड़, विद्यार्थी, आरपीएस स्कूल।
-------------
सीटें कम रहने की वजह से नीट की परीक्षा में रैंकिंग पाना बड़ा मुश्किल होता है। जिस वजह से कई विद्यार्थी दो से तीन प्रयास में भी सफल नहीं हो पाते, उनका चिकित्सक बनने का सपना अधूरा रह जाता है। -आयुष्मान, विद्यार्थी, आरपीएस स्कूल।
जिला शिक्षा का हब है। इस क्षेत्र से प्रति वर्ष 100 विद्यार्थी नीट क्वालीफाई करते हैं। ऐसे क्षेत्र में तो मेडिकल कॉलेज बहुत आवश्यक है। इससे उनको पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा। -रजत, विद्यार्थी, हैप्पी स्कूल।
मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हर विद्यार्थी का सपना डॉक्टर बनने का होता है और वह पूरे वर्ष उसके लिए काफी मेहनत भी करता है लेकिन रेकिंग ठीक नहीं आने की वजह से या तो उसका होता नहीं या फिर कॉलेज अच्छा नहीं मिल पाता जिससे वह हत्तोसाहित हो जाता है। -अनिश कुमार, विद्यार्थी, हैप्पी स्कूल।
नीट की परीक्षा में 80 प्रतिशत राज्य का कोटा होता है। अगर केंद्र सरकार यहां मेडिकल कॉलेज स्थापित करती है तो विद्यार्थियों को उस कोटे का फायदा मिलेगा और अपने ही जिले में रहकर डॉक्टर बनने का सपना साकार कर सकेंगे। -केशव विद्यार्थी, हैप्पी स्कूल।
------------
कई गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवार के बच्चे रैंकिंग में पिछड़ जाते हैं जिससे उनका प्रवेश सरकारी कॉलेज में नहीं हो पाता। प्राइवेट कॉलेज की फीस परिजन वहन नहीं कर सकते। ऐसे में उनका डॉक्टर बनने का सपना अधूरा रह जाता है। -अन्नु