फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   पानी संचय के लिए जिले में 27 हजार हेक्टेयर में 7 प्रोजेक्ट पर चल रहा है काम,70 गांवों को लाभ

पानी संचय के लिए जिले में 27 हजार हेक्टेयर में 7 प्रोजेक्ट पर चल रहा है काम,70 गांवों को लाभ

Thu, 26 Jul 2018 12:41 AM IST
Updated Thu, 26 Jul 2018 12:41 AM IST
विज्ञापन
पानी संचय के लिए जिले में 27 हजार हेक्टेयर में 7 प्रोजेक्ट पर चल रहा है काम,70 गांवों को लाभ
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

नारनौल। उपायुक्त डॉ. गरिमा मित्तल ने कहा कि सरकार पानी संरक्षण को लेकर गंभीर है। इसके लिए एकीकृत जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन कार्यक्रम (आईडब्ल्यूएमपी) पर काम किया जा रहा है। डीसी ने उक्त जानकारी बुधवार को लघु सचिवालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेेंस में उन्होंने स्वच्छता, प्रधानमंत्री आवास व आईडब्ल्यूएमपी से जुड़ी योजनाओं की प्रगति के बारे में भी पत्रकारों को दी।
उन्होंने बताया कि बारिश के पानी की एक-एक बूंद को सहेजने के लिए एकीकृत जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन कार्यक्रम (आईडब्ल्यूएमपी) के तहत जिले में लगभग 27 हजार हेक्टेयर में 7 प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत चल रहे इस कार्यक्रम के तहत लगभग 70 गांवों में इसका लाभ मिल रहा है। उपायुक्त गरिमा मित्तल ने बताया कि एकीकृत जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है कि बारिश के पानी को बहने से रोकने के लिए बांध बनाए जाएं। इसके अलावा पहाड़ों में से एक साथ पानी का बहाव ज्यादा न हो। इसके लिए भी छोटी-छोटी रुकावट बनाई गई हैं। ताकि एक साथ ज्यादा पानी समतल में न आए और पहाड़ों पर हरियाली बरकरार रहे। ये प्रोजेक्ट गांव मौसनूता, पाली, बैरावास, ढाणी बाठोठा, चितलांग, रामबास व नांगल काठा में बनाए गए हैं। इनमें डाइवर्सन बांध, चैनल, गली प्लानिंग व चेक डैम बनाए गए हैं। डीसी ने बताया कि इस बार हुई बारिश से जमीनी पानी का स्तर बढ़ेगा।
विज्ञापन


2917 प्रार्थियों में से 518 पात्र पाए गए
नारनौल। जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बेघर परिवारों तथा कच्चे मकानों में रह रहे परिवारों को 2022 तक बुनियादी सुविधायुक्त पक्का आवास मुहैया करवाने का लक्ष्य है। इस योजना के तहत लाभार्थी को मकान बनाने के लिए एक लाख 38 हजार रुपये की अनुदान राशि दी जाती है। उपायुक्त डॉ. गरिमा मित्तल ने बताया कि योजना में लाभार्थियों का निर्धारण और चयन मकानों की कमी और सामाजिक आर्थिक जातिगत जनगणना 2011 के आंकड़ों में दर्शाए गए अन्य सामाजिक मापदंडों के आधार पर किया जाता है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिले को कुल 2917 प्रार्थियों की सूची मुख्यालय से प्राप्त हुई थी। इसमें से ग्राम सभा से पारित करवाने तथा खंड कार्यालय से उनकी पात्रता की जांच के बाद कुल 518 लाभार्थी ही पात्र पाए गए हैं। जिन्हें दो वर्षों से स्वीकृत किया जा चुका है। इस योजना के तहत लाभार्थियों को तीन किस्तों में पैसा दिया जाता है। पहली किस्त में मकान स्वीकृति के समय 45 हजार, दूसरी में मकान निर्माण लेंटर स्तर पर बनाने पर 60 हजार तथा तीसरी किस्त के रूप में मकान निर्माण पूरा होने पर 33 हजार रुपये दिए जाते हैं। ज्यादातर लाभार्थियों को पहली व दूसरी किस्त की राशि दी जा चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


10 गांवों में स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य की टीम जांच करेगी
नारनौल। स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण-2018 के तहत 1 से 31 अगस्त तक पहली बार देश के सभी जिलों का स्वच्छता मूल्यांकन किया जाएगा। सर्वेक्षण एजेंसी चुने हुए गांवों के लोगों से स्वच्छता के बारे में फीडबैक लेगी। लोगों के साक्षात्कार व सामूहिक वार्तालाप के माध्यम से फीडबैक लिया जाएगा। उपायुक्त डॉ. गरिमा मित्तल ने बताया कि मुख्यमंत्री ने 24 जुलाई को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से शुभारंभ किया है। सर्वेक्षण के दौरान चयनित 10 गांवों में स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बाजार तथा धार्मिक स्थलों का सर्वेक्षण एजेंसी दौरा करेगी। इस दौरान निर्धारित अंकों के हिसाब से गांव को अंक देगी। अगर कोई जिला रैंकिंग में अव्वल रहता है तो 2 अक्टूबर को प्रधानमंत्री द्वारा उन्हें सम्मानित किया जाएगा। यह बहुत ही अच्छी योजना है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य है कि ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना। कोई भी कार्य बिना सामाजिक सहभागिता के सिरे नहीं चढ़ सकता। इसी बात को ध्यान में रखते हुए इसमें सभी ग्रामीणों को सहभागी बनाना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed