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सीएम विंडो पर जिले की 393 शिकायतें लंबित
Updated Sat, 17 Mar 2018 12:33 AM IST
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अधिकारी अवकाश के दिन भी कार्यालय में आकर निपटाएं लंबित शिकायतें : डीसी
नारनौल। सीएम विंडो पर जिले की 393 शिकायतें लंबित हैं। इन सभी को अधिकारी प्राथमिकता के आधार पर दूर करें। विशेष कर 2016 से लंबित शिकायतों के निपटान तक अधिकारी अवकाश के दौरान भी कार्यालय में रहें। यह निर्देश शुक्रवार को उपायुक्त डॉ. गरिमा मित्तल ने शुक्रवार को स्थानीय पंचायत भवन में सीएम विंडो के प्रोजेक्टर के माध्यम से दर्शायी शिकायतों की समीक्षा करते हुए दिए। उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि सीएम विंडो की शिकायतों में जिला का गिरता ग्राफ अधिकारियों की लापरवाही को दर्शाता है। इन शिकायतों के निपटान में होने वाली देरी के परिणामों के लिए अधिकारी स्वयं तैयार रहें।
उपायुक्त ने कहा कि इन शिकायतों को दूर करने के लिए 30 दिनों का इंतजार न करें। इन्हें 10 दिन में ही दूर करने का प्रयास करें। किसी कारणवश दस दिन में निपटान नहीं होता तो 20 दिन में शिकायत का निपटारा हर हाल में हो। अधिकारी अगर रुचि लेकर यह कार्य करेंगे तो समस्या का निदान निश्चित तौर पर होगा। उन्होंने कहा कि जिला विकास एवं पंचायत विभाग की अत्यधिक शिकायतें है। जिन विभागों की शिकायतें कम हैं वे भी जल्द निवारण करवाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस बैठक में स्वयं आना सुनिश्चित करें तथा शिकायतों से संबंधित किए कार्य की रिपोर्ट भी अपलोड करवाएं ताकि कार्य को प्रगति में दर्शाया जा सके। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि एटीआर को सावधानी से भरें और संशय में कोई खानापूर्ति न करें। इस अवसर पर उपमंडल अधिकारी नारनौल जगदीश शर्मा, नगराधीश डॉ. सुनील कुमार के अतिरिक्त अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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नारनौल। सीएम विंडो पर जिले की 393 शिकायतें लंबित हैं। इन सभी को अधिकारी प्राथमिकता के आधार पर दूर करें। विशेष कर 2016 से लंबित शिकायतों के निपटान तक अधिकारी अवकाश के दौरान भी कार्यालय में रहें। यह निर्देश शुक्रवार को उपायुक्त डॉ. गरिमा मित्तल ने शुक्रवार को स्थानीय पंचायत भवन में सीएम विंडो के प्रोजेक्टर के माध्यम से दर्शायी शिकायतों की समीक्षा करते हुए दिए। उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि सीएम विंडो की शिकायतों में जिला का गिरता ग्राफ अधिकारियों की लापरवाही को दर्शाता है। इन शिकायतों के निपटान में होने वाली देरी के परिणामों के लिए अधिकारी स्वयं तैयार रहें।
उपायुक्त ने कहा कि इन शिकायतों को दूर करने के लिए 30 दिनों का इंतजार न करें। इन्हें 10 दिन में ही दूर करने का प्रयास करें। किसी कारणवश दस दिन में निपटान नहीं होता तो 20 दिन में शिकायत का निपटारा हर हाल में हो। अधिकारी अगर रुचि लेकर यह कार्य करेंगे तो समस्या का निदान निश्चित तौर पर होगा। उन्होंने कहा कि जिला विकास एवं पंचायत विभाग की अत्यधिक शिकायतें है। जिन विभागों की शिकायतें कम हैं वे भी जल्द निवारण करवाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस बैठक में स्वयं आना सुनिश्चित करें तथा शिकायतों से संबंधित किए कार्य की रिपोर्ट भी अपलोड करवाएं ताकि कार्य को प्रगति में दर्शाया जा सके। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि एटीआर को सावधानी से भरें और संशय में कोई खानापूर्ति न करें। इस अवसर पर उपमंडल अधिकारी नारनौल जगदीश शर्मा, नगराधीश डॉ. सुनील कुमार के अतिरिक्त अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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