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झोलाछाप चिकित्सकों पर कसा सरकार ने शिकंजा
Updated Fri, 10 Nov 2017 02:38 AM IST
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बिना डिग्री के मरीजों की जांच कर रहे तीन झोलाछाप चिकित्सकों को पकड़ा, एक क्लीनिक छोड़कर भागा
नारनौल।
प्रदेश सरकार के आदेशानुसार वीरवार को गुप्तचर विभाग और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जिले के विभिन्न गांवों में झोलाछाप चिकित्सकों पर शिकंजा कसने के लिए छापामारी की। इस दौरान टीम ने अटेली क्षेत्र के गांव चंदपुरा व नारनौल क्षेत्र के गांव मढ़ाना में निजी क्लीनिकों पर बिना डिग्री के ही मरीजों की जांच कर रहे तीन फर्जी चिकित्सकों को हिरासत लिया। वहीं नांगल चौधरी में टीम की कार्रवाई के चलते चिकित्सक क्लीनिक को छोड़कर भाग निकला। इन निजी क्लीनिकों पर बिना डिग्री के ही लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे इन फर्जी चिकित्सकों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
गुप्तचर विभाग के डीआई विश्वजीत सिंह ने बताया कि सरकार के आदेशानुसार वीरवार को निजी क्लीनिकों में बिना डिग्री ही लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ शिकंजा कसने के लिए क्षेत्र के विभिन्न गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीम की सहायता से छापामारी की गई। इसमें सबसे पहले टीम दोपहर करीब 12 बजे नारनौल नागरिक अस्पताल के चिकित्सक नवीन कुमार को लेकर गांव मढ़ाना पहुंची। जहां उन्होंने गांव मढ़ाना के बस स्टैंड पर यादव क्लीनिक के नाम चल रहे क्लीनिक पहुंचे, जहां उन्होंने देखा कि क्लीनिक में तीन बेड लगे हुए है। इसके अलावा क्लीनिक में मरीजों की जांच में इस्तेमाल होने वाली अन्य उपकरण भी मौजूद थे। इस पर टीम सदस्यों ने क्लीनिक में बैठे चिकित्सक से उनकी डिग्री आदि दिखाने की बात कही, लेकिन वह टीम को डिग्री संबंधित कोई सबूत नहीं दे पाया। इस पर टीम ने उक्त फर्जी चिकित्सक को हिरासत में ले लिया। इसके बाद टीम गांव में ही अन्य निजी क्लीनिक पर पहुंची। जहां टीम को क्लीनिक में अनेक दवाईयों व अन्य उपकरण मिले। इस पर टीम ने उक्त चिकित्सक भी अपनी डिग्री दिखाते की बात कही, लेकिन वह टीम को डिग्री संबंधित कोई सबूत नहीं दे पाया। इस पर टीम ने उसे भी हिरासत में लिया। इसके बाद टीम दोनों फर्जी चिकित्सकों को लेकर नारनौल के नागरिक के अस्पताल लेकर पहुंची, जहां उन्होंने उनसे पूछताछ की। इसके बाद दोनों फर्जी चिकित्सकों को सदर थाना ले जाया गया। जहां दोनों फर्जी चिकित्सकों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। इस कार्रवाई में गुप्तचर विभाग से एएसआई होशियार सिंह, एएसआई ईश्वर सिंह, एएसआई राजेंद्र सिंह, एचसी अनिल कुमार सहित पुलिस कर्मचारी भी शामिल थे।
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टीम ने अटेली क्षेत्र में भी की छापामारी
अटेली। गुप्तचर विभाग व स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा अटेली क्षेत्र के गांव गढ़ी रुथल व चंदपुरा में भी निजी क्लीनिक पर छापामारी की। इस दौरान टीम ने चंदपुरा में अशोक नामक व्यक्ति को बिना डिग्री के गांव में क्लीनिक खोलकर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने पर हिरासत लिया। इसके बाद उक्त फर्जी चिकित्सक के खिलाफ भी पुलिस में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करवाया गया। इस टीम में गुप्तचर विभाग से एएसआई भीम सिंह, पवन कुमार, जसबीर सिंह आदि शामिल थे। वहीं स्वास्थ्य विभाग से डा. आदित्य भी टीम में शामिल थे।
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क्या कहना है फर्जी चिकित्सक का
यादव क्लीनिक पर बैठे तथाकथित चिकित्सक कृष्ण कुमार ने बताया कि वह दुकान का मालिक होने के नाते क्लीनिक में बैठा था। उसके किसी भी मरीज का उपचार या दवाई नहीं दी। उसका बेटा फार्मासिस्ट है। जोकि आज किसी कार्य से बाहर गया हुआ है। वहीं दयाराम ने बताया कि उसके पास वैद्य विशारद की डिग्री है।
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सीएम फ्लाइंग ने निजी क्लीनिक मारा छापा
नांगल चौधरी। गुप्तचर विभाग व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वीरवार को नांगल चौधरी की एक निजी क्लीनिक पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान टीम को डिग्री की फोटो कापी सौंपी गई। जिसके डुप्लीकेट होने का संदेह होने पर गंभीरता पूर्वक पूछताछ की गई। जिससे घबराकर दीवार कूदकर भाग गया। जानकारी के मुताबिक सीआईडी फ्लाइंग को नांगल चौधरी में फर्जी डिग्री के अस्पताल संचालन की सूचना मिली थी। अस्पताल की पुष्टि होने पर छापे की योजना बनाई गई। फ्लाइंग के इंचार्ज विश्वजीत ने सीएमओ को स्थिति से अवगत कराया तथा चिकित्सकों की टीम गठन करने की हिदायत दी। सीएमओ नांगल चौधरी सीएचसी इंचार्ज डा. मनीष यादव की अगुवाई में डा. अभिषेक सिंघानिया, सुभाष आशा कोआर्डिनेटर को टीम में शामिल किया। सुबह करीब 11.30 बजे टीम अस्थायी बस अड्डे पर पहुंची, यहां से पूजा अस्पताल पर छापा डालने की मंजूरी दी। टीम के केबिन में घुसते ही डॉक्टर हैरान रह गया, उन्होंने कारण पूछा। जिस पर जांच कार्रवाई की सूचना दी गई। टीम इंचार्ज ने अस्पताल का रजिस्ट्रेशन तथा डिग्री प्रस्तुत करने को कहा। 15-20 मिनट तक डॉक्टर अलमारी की चाबी नहीं होने का बहाना बनाता रहा। रिपोर्ट बनाने की चेतावनी पर उन्होंने दो डिग्री की फोटो कापी उपलब्ध कराई। जिसमें एक महिला चिकित्सक की थी। उसने कहा कि महिला चिकित्सक ही मरीजों का इलाज करती है, जो किसी काम से नारनौल गई है। लेकिन टीम को डिग्री देखते ही डुप्लीकेट होने का संदेह हो गया। इस दौरान आरोपी डॉक्टर से डिग्री संबंधित कालेज का नाम पूछा गया। जिस पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। ऐसे में टीम का संदेह पुख्ता होने लगा। इसके बाद टीम ने मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया। जिसमें बैठी कर्मचारी से मेडिकल का लाइसेंस मांगा गया। उन्होंने जवाब दिया कि फार्मासिस्ट किसी काम से नारनौल गया हुआ है। उसकी गैर मौजूदगी में दवाइयों की रखवाली कर रहे हैं। जवाब सुनकर टीम ने दवाइयों की जांच शुरू कर दी। करीब 11 किस्म की टेबलेट, इंजेक्शन के सैंपल लिए गए। इसके बाद ग्राउंड फ्लोर में भारी मात्रा में दवाइयां मिली।
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टीम को चकमा देकर भागा डॉक्टर
कार्रवाई शुरू होते ही टीम ने डॉक्टर को ओपीडी से बाहर नहीं जाने के निर्देश दिए। जिस पर डॉक्टर हड़बड़ा गया तथा भागने की योजना पर मंथन करने लगा। टीम को बरगलाकर अस्पताल में लोगों से बात करने लगा। मौका मिलते ही अस्पताल का पिछला दरवाजा खोलकर फरार हो गया।
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जालसाजी का होगा केस दर्ज
सीएम फ्लाइंग के इचार्ज विश्वजीत ने बताया कि नांगल चौधरी में फर्जी डिग्री से अस्पताल संचालन की शिकायत मिल रही थी। जिसके आधार पर छापेमार कार्रवाई को अंजाम दिया गया। आरोपी डॉक्टर के खिलाफ जालसाजी व अवैध प्रेक्टिस का मामला दर्ज कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि अवैध गतिविधियों के खिलाफ छापा जारी रहेगा।
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रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी
सीएचसी के इंचार्ज डा. मनीष यादव ने बताया कि सीएमओ के आदेशानुसार सीएम फ्लाइंग के साथ एक निजी क्लीनिक पर छापा मारा गया है। जहां बरामद डिग्री की फोटो कापी व दवाइयों के सैंपल पुलिस को सौंप दिए। कार्रवाई पुलिस व सीएम फ्लाइंग को ही करनी है।
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नारनौल।
प्रदेश सरकार के आदेशानुसार वीरवार को गुप्तचर विभाग और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जिले के विभिन्न गांवों में झोलाछाप चिकित्सकों पर शिकंजा कसने के लिए छापामारी की। इस दौरान टीम ने अटेली क्षेत्र के गांव चंदपुरा व नारनौल क्षेत्र के गांव मढ़ाना में निजी क्लीनिकों पर बिना डिग्री के ही मरीजों की जांच कर रहे तीन फर्जी चिकित्सकों को हिरासत लिया। वहीं नांगल चौधरी में टीम की कार्रवाई के चलते चिकित्सक क्लीनिक को छोड़कर भाग निकला। इन निजी क्लीनिकों पर बिना डिग्री के ही लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे इन फर्जी चिकित्सकों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
गुप्तचर विभाग के डीआई विश्वजीत सिंह ने बताया कि सरकार के आदेशानुसार वीरवार को निजी क्लीनिकों में बिना डिग्री ही लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ शिकंजा कसने के लिए क्षेत्र के विभिन्न गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीम की सहायता से छापामारी की गई। इसमें सबसे पहले टीम दोपहर करीब 12 बजे नारनौल नागरिक अस्पताल के चिकित्सक नवीन कुमार को लेकर गांव मढ़ाना पहुंची। जहां उन्होंने गांव मढ़ाना के बस स्टैंड पर यादव क्लीनिक के नाम चल रहे क्लीनिक पहुंचे, जहां उन्होंने देखा कि क्लीनिक में तीन बेड लगे हुए है। इसके अलावा क्लीनिक में मरीजों की जांच में इस्तेमाल होने वाली अन्य उपकरण भी मौजूद थे। इस पर टीम सदस्यों ने क्लीनिक में बैठे चिकित्सक से उनकी डिग्री आदि दिखाने की बात कही, लेकिन वह टीम को डिग्री संबंधित कोई सबूत नहीं दे पाया। इस पर टीम ने उक्त फर्जी चिकित्सक को हिरासत में ले लिया। इसके बाद टीम गांव में ही अन्य निजी क्लीनिक पर पहुंची। जहां टीम को क्लीनिक में अनेक दवाईयों व अन्य उपकरण मिले। इस पर टीम ने उक्त चिकित्सक भी अपनी डिग्री दिखाते की बात कही, लेकिन वह टीम को डिग्री संबंधित कोई सबूत नहीं दे पाया। इस पर टीम ने उसे भी हिरासत में लिया। इसके बाद टीम दोनों फर्जी चिकित्सकों को लेकर नारनौल के नागरिक के अस्पताल लेकर पहुंची, जहां उन्होंने उनसे पूछताछ की। इसके बाद दोनों फर्जी चिकित्सकों को सदर थाना ले जाया गया। जहां दोनों फर्जी चिकित्सकों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। इस कार्रवाई में गुप्तचर विभाग से एएसआई होशियार सिंह, एएसआई ईश्वर सिंह, एएसआई राजेंद्र सिंह, एचसी अनिल कुमार सहित पुलिस कर्मचारी भी शामिल थे।
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टीम ने अटेली क्षेत्र में भी की छापामारी
अटेली। गुप्तचर विभाग व स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा अटेली क्षेत्र के गांव गढ़ी रुथल व चंदपुरा में भी निजी क्लीनिक पर छापामारी की। इस दौरान टीम ने चंदपुरा में अशोक नामक व्यक्ति को बिना डिग्री के गांव में क्लीनिक खोलकर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने पर हिरासत लिया। इसके बाद उक्त फर्जी चिकित्सक के खिलाफ भी पुलिस में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करवाया गया। इस टीम में गुप्तचर विभाग से एएसआई भीम सिंह, पवन कुमार, जसबीर सिंह आदि शामिल थे। वहीं स्वास्थ्य विभाग से डा. आदित्य भी टीम में शामिल थे।
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यादव क्लीनिक पर बैठे तथाकथित चिकित्सक कृष्ण कुमार ने बताया कि वह दुकान का मालिक होने के नाते क्लीनिक में बैठा था। उसके किसी भी मरीज का उपचार या दवाई नहीं दी। उसका बेटा फार्मासिस्ट है। जोकि आज किसी कार्य से बाहर गया हुआ है। वहीं दयाराम ने बताया कि उसके पास वैद्य विशारद की डिग्री है।
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सीएम फ्लाइंग ने निजी क्लीनिक मारा छापा
नांगल चौधरी। गुप्तचर विभाग व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वीरवार को नांगल चौधरी की एक निजी क्लीनिक पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान टीम को डिग्री की फोटो कापी सौंपी गई। जिसके डुप्लीकेट होने का संदेह होने पर गंभीरता पूर्वक पूछताछ की गई। जिससे घबराकर दीवार कूदकर भाग गया। जानकारी के मुताबिक सीआईडी फ्लाइंग को नांगल चौधरी में फर्जी डिग्री के अस्पताल संचालन की सूचना मिली थी। अस्पताल की पुष्टि होने पर छापे की योजना बनाई गई। फ्लाइंग के इंचार्ज विश्वजीत ने सीएमओ को स्थिति से अवगत कराया तथा चिकित्सकों की टीम गठन करने की हिदायत दी। सीएमओ नांगल चौधरी सीएचसी इंचार्ज डा. मनीष यादव की अगुवाई में डा. अभिषेक सिंघानिया, सुभाष आशा कोआर्डिनेटर को टीम में शामिल किया। सुबह करीब 11.30 बजे टीम अस्थायी बस अड्डे पर पहुंची, यहां से पूजा अस्पताल पर छापा डालने की मंजूरी दी। टीम के केबिन में घुसते ही डॉक्टर हैरान रह गया, उन्होंने कारण पूछा। जिस पर जांच कार्रवाई की सूचना दी गई। टीम इंचार्ज ने अस्पताल का रजिस्ट्रेशन तथा डिग्री प्रस्तुत करने को कहा। 15-20 मिनट तक डॉक्टर अलमारी की चाबी नहीं होने का बहाना बनाता रहा। रिपोर्ट बनाने की चेतावनी पर उन्होंने दो डिग्री की फोटो कापी उपलब्ध कराई। जिसमें एक महिला चिकित्सक की थी। उसने कहा कि महिला चिकित्सक ही मरीजों का इलाज करती है, जो किसी काम से नारनौल गई है। लेकिन टीम को डिग्री देखते ही डुप्लीकेट होने का संदेह हो गया। इस दौरान आरोपी डॉक्टर से डिग्री संबंधित कालेज का नाम पूछा गया। जिस पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। ऐसे में टीम का संदेह पुख्ता होने लगा। इसके बाद टीम ने मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया। जिसमें बैठी कर्मचारी से मेडिकल का लाइसेंस मांगा गया। उन्होंने जवाब दिया कि फार्मासिस्ट किसी काम से नारनौल गया हुआ है। उसकी गैर मौजूदगी में दवाइयों की रखवाली कर रहे हैं। जवाब सुनकर टीम ने दवाइयों की जांच शुरू कर दी। करीब 11 किस्म की टेबलेट, इंजेक्शन के सैंपल लिए गए। इसके बाद ग्राउंड फ्लोर में भारी मात्रा में दवाइयां मिली।
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टीम को चकमा देकर भागा डॉक्टर
कार्रवाई शुरू होते ही टीम ने डॉक्टर को ओपीडी से बाहर नहीं जाने के निर्देश दिए। जिस पर डॉक्टर हड़बड़ा गया तथा भागने की योजना पर मंथन करने लगा। टीम को बरगलाकर अस्पताल में लोगों से बात करने लगा। मौका मिलते ही अस्पताल का पिछला दरवाजा खोलकर फरार हो गया।
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जालसाजी का होगा केस दर्ज
सीएम फ्लाइंग के इचार्ज विश्वजीत ने बताया कि नांगल चौधरी में फर्जी डिग्री से अस्पताल संचालन की शिकायत मिल रही थी। जिसके आधार पर छापेमार कार्रवाई को अंजाम दिया गया। आरोपी डॉक्टर के खिलाफ जालसाजी व अवैध प्रेक्टिस का मामला दर्ज कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि अवैध गतिविधियों के खिलाफ छापा जारी रहेगा।
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रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी
सीएचसी के इंचार्ज डा. मनीष यादव ने बताया कि सीएमओ के आदेशानुसार सीएम फ्लाइंग के साथ एक निजी क्लीनिक पर छापा मारा गया है। जहां बरामद डिग्री की फोटो कापी व दवाइयों के सैंपल पुलिस को सौंप दिए। कार्रवाई पुलिस व सीएम फ्लाइंग को ही करनी है।