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लावारिस हालात में पकड़े गए तीन नाबालिग बच्चे
Updated Sun, 22 Oct 2017 11:31 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। ऑपरेशन मुस्कान के तहत रेलवे पुलिस महेंद्रगढ़ ने लावारिस हालात में पकड़े गए तीन नाबालिग बच्चों को जिला बाल कल्याण समिति की चेयरपर्सन मंजू कौशिक के समक्ष प्रस्तुत कर उनके अभिभावकों को सौंपा। तीनों ही बच्चों की आयु 13 वर्ष से कम थी। सीडब्ल्यूसी चेयरपर्सन मंजू कौशिक ने तीनों ही नाबालिग बच्चों को उनके अभिभावकों के हवाले किया।
ऑपरेशन मुस्कान योजना के तहत रेलवे पुलिस की ओर से रेलवे स्टेशनों पर विशेष निगरानी रखी जाती है। इसके चलते शुक्रवार को महेंद्रगढ़ रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी पर तैनात रेलवे पुलिस कर्मियों ने तीन बच्चों को लावारिस स्थिति में रेलवे स्टेशन पर घूमते हुए पाया। रेलवे पुलिस चौकी के एएसआई दयाराम के अनुसार रेलवे स्टेशन पर लगभग पंकज (8), तेजवीर (12) और जसबीर (13) लावारिस स्थिति में घूमते नजर आए। काफी पूछताछ के बाद भी बच्चे अपने परिजनों के बारे में कुछ नहीं बता पाए। रेलवे पुलिस ने इसकी सूचना सीडब्ल्यूसी चेयरपर्सन मंजू कौशिक को दी। काफी भागदौड़ के बाद जीआरपी महेंद्रगढ़ ने उन बच्चों के परिजनों की जानकारी जुटाई। तीनों बच्चे निकटवर्ती गांव दुलोठ अहीर के पाए गए। एएसआई दयाराम, कांस्टेबल जयप्रकाश, पिंकी व भतेरी ने परिजनों को बुलाकर बच्चों को परिजनों सहित सीडब्ल्यूसी चेयरपर्सन के समक्ष पेश किया। बाद में तीनों बच्चों के परिजनों के लिखित प्रार्थना पत्र पर बच्चों को उनके हवाले किया गया। मंजू कौशिक ने बच्चों को उनके परिजनों को सौंपते हुए कहा कि नाबालिग बच्चों का अच्छी तरह से पालन पोषण किया जाए।
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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। ऑपरेशन मुस्कान के तहत रेलवे पुलिस महेंद्रगढ़ ने लावारिस हालात में पकड़े गए तीन नाबालिग बच्चों को जिला बाल कल्याण समिति की चेयरपर्सन मंजू कौशिक के समक्ष प्रस्तुत कर उनके अभिभावकों को सौंपा। तीनों ही बच्चों की आयु 13 वर्ष से कम थी। सीडब्ल्यूसी चेयरपर्सन मंजू कौशिक ने तीनों ही नाबालिग बच्चों को उनके अभिभावकों के हवाले किया।
ऑपरेशन मुस्कान योजना के तहत रेलवे पुलिस की ओर से रेलवे स्टेशनों पर विशेष निगरानी रखी जाती है। इसके चलते शुक्रवार को महेंद्रगढ़ रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी पर तैनात रेलवे पुलिस कर्मियों ने तीन बच्चों को लावारिस स्थिति में रेलवे स्टेशन पर घूमते हुए पाया। रेलवे पुलिस चौकी के एएसआई दयाराम के अनुसार रेलवे स्टेशन पर लगभग पंकज (8), तेजवीर (12) और जसबीर (13) लावारिस स्थिति में घूमते नजर आए। काफी पूछताछ के बाद भी बच्चे अपने परिजनों के बारे में कुछ नहीं बता पाए। रेलवे पुलिस ने इसकी सूचना सीडब्ल्यूसी चेयरपर्सन मंजू कौशिक को दी। काफी भागदौड़ के बाद जीआरपी महेंद्रगढ़ ने उन बच्चों के परिजनों की जानकारी जुटाई। तीनों बच्चे निकटवर्ती गांव दुलोठ अहीर के पाए गए। एएसआई दयाराम, कांस्टेबल जयप्रकाश, पिंकी व भतेरी ने परिजनों को बुलाकर बच्चों को परिजनों सहित सीडब्ल्यूसी चेयरपर्सन के समक्ष पेश किया। बाद में तीनों बच्चों के परिजनों के लिखित प्रार्थना पत्र पर बच्चों को उनके हवाले किया गया। मंजू कौशिक ने बच्चों को उनके परिजनों को सौंपते हुए कहा कि नाबालिग बच्चों का अच्छी तरह से पालन पोषण किया जाए।
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