गोशाला में 20 गाय मृत मिलीं, हंगामा
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एक ओर सरकार गौ-माता की हत्या करने वालों के खिलाफ सख्त कानून बना रही है, वहीं दूसरी ओर देखरेख के अभाव में प्रतिदिन अनेक गायों की अकाल मौत हो रही है। एक ऐसा ही मामला नारनौल गोपाल गौशाला में सामने आया है। जहां देखरेख के अभाव में पिछले 15 दिनों में करीब 150 गायों की अकाल मौत हो चुकी है, जबकि गौशाला प्रबंधन इसे छोटी घटना मान रहा है। सोमवार को भी यहां करीब 20 गायों की मौत हो गई। इसकी सूचना जब लोगों और गोभक्तों को मिली तो गोभक्तों ने गोशाला में जमकर बवाल मचाया। बाद में किसी तरह गोभक्तों को लोगों ने शांत किया।
घटना का खुलासा सोमवार हुआ जब कुछ गो-भक्त मोहित, बलवंत तथा नरोत्तम आदि गौशाला में गायों को रोटी और गुड़ आदि खिलाने के लिए पहुंचे। जहां उन्होंने 10-15 मरी हुई तथा कुछ गायों को तड़पती हुई देखी जबकि 6-7 मरी हुई गायों को सुबह जल्द ही ट्रैक्टर द्वारा नदी में डलवाया जा चुका था। गो-भक्त गौशाला प्रबंधन को इस घटना के बारे सूचना देने पहुंचा तो वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। इसके बाद गोभक्तों ने गोपाल गौशाला प्रधान को फोन के माध्यम से घटना की जानकारी दी। इसके साथ उन्होंने मीडिया, कुछ संगठनों और अन्य गोभक्तों को भी उक्त घटना की सूचना दी। इसके बाद बजरंग दल के प्रदेश संयोजक हेमंत शर्मा, जिला संयोजक हेमंत चौबे, समाज सेवी मनोज जांगड़ा और मनीष सैनी आदि सहित अनेक लोग वहां पहुंचे। देखते ही देखते गौशाला में लोगों का तांता लग गया।
न प्रधान पहुंचा न चिकित्सक
काफी समय बीतने के बावजूद भी न तो गोशाला प्रधान मौके पर पहुंचे और न ही गोशाला में तैनात पशु चिकित्सक। गायों की गंभीर हालात देखकर गोभक्तों ने अपने स्तर पर पशु चिकित्सकों को मौके पर बुलाया और गायों को उपचार दिया गया। गौशाला की इस लापरवाही को देखकर लोगों ने गौशाला प्रबंधन की कड़े शब्दों में निंदा की।
नहीं ली जा रही गायों की सुध
वहीं गौशाला प्रधान का काफी समय बाद भी घटना स्थल पर नहीं पहुंचने से लोगों का गुस्सा बढ़ गया। कुछ समय पश्चात जैसे ही गौशाला के प्रधान रामकुमार भोजावासियां वहां पहुंचे तो लोगों ने गायों की हालत को देखते हुए गौशाला प्रधान को जमकर फटकार लगाई। वहीं लोगों ने गौशाला प्रबंधन कमेटी की कार्यशैली पर सवालिया निशान उठाते हुए कहा कि सभी गाय ठंड में गीलेे व गंदगी में पड़ी है, जबकि उनकी कोई सुध नहीं ले रहा।
आनन-फानन में कराई सफाई
लोगों का गुस्सा बढ़ता देख प्रधान ने आनन-फानन में कर्मचारियों को सफाई में लगाया। वहीं गायों के उपचार के पशु चिकित्सकों को फोन किया। एक रात में 20 गायों के मरने के बारे में जब सामाजिक संगठनों के लोगों ने पूछताछ की तो आस-पास के लोगों ने बताया कि यह आज ही की घटना नहीं बल्कि प्रतिदिन गौशाला से दो-चार मृत गायों ले जाया जाता है। यह बात को सुनकर सामाजिक संगठन के लोगों ने गौशाला के ट्रैक्टर चालक से सख्ती से पूछताछ की तो उसने बताया कि पिछले 15 दिन के दौरान प्रतिदिन दो चार गाय और बछड़े मर रहे है। इस पर गोभक्तों को गुस्सा बढ़ गया और माहौल गर्मा गया। इस पर गोशाला प्रधान ने भविष्य में इस प्रकार की घटना दोबारा नहीं होने की बात कहकर लोगों को शांत करवाया।
मौके पर पहुंचे पशु चिकित्सक, शुरू किया इलाज
कुछ समय बाद पशु चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंची और गायों का उपचार शुरू किया। जैसे ही गोपाल गोशाला में गायों के मरने का सूचना पुलिस को मिली तो सब इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे और मृत गायों के बारे में लोगों से जानकारी ली। वहीं गौ-भक्तों ने पुलिस को एक लिखित शिकायत देकर दोषी लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर सख्त करवाई करने की मांग की।
सर्दी से बचाव के कोई इंतजाम नहीं
इस दौरान लोगों को गौशाला में भारी अव्यवस्था देखने को मिली। लोगों ने देखा की गाय गौशाला में गंदगी कीचड़ में खड़ी है। वहीं सर्दी से बचाव के लिए भी कोई इंतजाम नहीं दिखा। सामाजिक संगठन के लोगों ने प्रधान को अपने कार्यालय की तरह गौशाला को साफ सुथरा रखने की हिदायत दी ताकि गायों को परेशानी न हो सके।