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किसानों ने सीटीएम को ज्ञापन सौंपकर अधिग्रहित जमीन का मुआवजा बढ़वाने की मांग
Updated Sun, 16 Dec 2018 01:00 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। नेशनल हाईवे के निर्माण में गांव बड़गांव, बड़कोदा, कुतबापुर के किसानों ने मुआवजा राशि बढ़वाने की मांग को लेकर शनिवार को सीटीएम को ज्ञापन सौंपा। उपायुक्त के नाम सीटीएम को सौंपे ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि नेशनल हाईवे के निर्माण में गांव बड़गांव, बड़कोदा व कुतबापुर की अधिग्रहण की गई जमीन की मुआवजा राशि में सरकार भेदभाव कर रही है। इन गांवों की अधिगृहित की गई जमीन की मुआवजा राशि सरकार ने 32 लाख 48 हजार रुपये रखी है, जबकि इनके साथ लगते पड़ोसी गांव नीरपुर व सुराण की जमीन की मुआवजा राशि एक करोड़ 72 लाख रुपये रखी है।
सरकार एक ही क्षेत्र में किसानों के साथ भेदभाव कर रही है। इन गांवों में अधिकतर लोग कृषि पर आधारित है। सरकार ने जमीन के कलेक्टर रेट बहुत कम लगाकर किसानों के साथ धोखा कर रही है। जबकि साथ लगते दूसरे गांव लहरोदा, नसीबपुर, नीरपुर व सुराणा की जमीनों के रेट बहुत ज्यादा है। किसानों ने मांग करते हुए कहा कि हमें भी पड़ोसी गांवों के हिसाब से मुआवजा दिया जाए। अगर सरकार ने इन गांवों के किसानों के साथ भेदभाव किया तो वे आत्महत्या करने को मजबूर होंगे।
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नारनौल। नेशनल हाईवे के निर्माण में गांव बड़गांव, बड़कोदा, कुतबापुर के किसानों ने मुआवजा राशि बढ़वाने की मांग को लेकर शनिवार को सीटीएम को ज्ञापन सौंपा। उपायुक्त के नाम सीटीएम को सौंपे ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि नेशनल हाईवे के निर्माण में गांव बड़गांव, बड़कोदा व कुतबापुर की अधिग्रहण की गई जमीन की मुआवजा राशि में सरकार भेदभाव कर रही है। इन गांवों की अधिगृहित की गई जमीन की मुआवजा राशि सरकार ने 32 लाख 48 हजार रुपये रखी है, जबकि इनके साथ लगते पड़ोसी गांव नीरपुर व सुराण की जमीन की मुआवजा राशि एक करोड़ 72 लाख रुपये रखी है।
सरकार एक ही क्षेत्र में किसानों के साथ भेदभाव कर रही है। इन गांवों में अधिकतर लोग कृषि पर आधारित है। सरकार ने जमीन के कलेक्टर रेट बहुत कम लगाकर किसानों के साथ धोखा कर रही है। जबकि साथ लगते दूसरे गांव लहरोदा, नसीबपुर, नीरपुर व सुराणा की जमीनों के रेट बहुत ज्यादा है। किसानों ने मांग करते हुए कहा कि हमें भी पड़ोसी गांवों के हिसाब से मुआवजा दिया जाए। अगर सरकार ने इन गांवों के किसानों के साथ भेदभाव किया तो वे आत्महत्या करने को मजबूर होंगे।
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