फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   कनीना रेलवे स्टेशन पर सुविधाओं का अभाव

कनीना रेलवे स्टेशन पर सुविधाओं का अभाव

Tue, 26 Jun 2018 12:24 AM IST
Updated Tue, 26 Jun 2018 12:24 AM IST
विज्ञापन
कनीना रेलवे स्टेशन पर  सुविधाओं का अभाव
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

कनीना। कनीना रेलवे स्टेशन पर सुविधाओं का अभाव है। केंद्र सरकार भले ही स्वच्छ भारत अभियान चला रखा है लेकिन हकीकत यह है कि यहां पर महिला शौचालय पर ताला लटका रहता और पुरुष शौचालय की सफाई नहीं होती। इससे यात्रियों को खुले में शौच जाना पड़ता है। साथ ही टॉयलेट का वॉशवेसन टूटे हैं। ये हालात तब हैं जब फरवरी में रेलवे की जीएम के आगमन पर सारा काम करवाया गया था। छह माह में ही पूरी व्यवस्था बदहाल हो चली है। यहां लगाई गई 20 लाइटें खराब हो गई हैं इन्हें बहुत पहले रिप्लेसमेंट के लिए भेजा गया था जो वापिस नहीं आ सकी हैं। स्टेशन पर सुविधा न होने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
कनीना स्टेशन से पैसेंजर और एक्सप्रेस सहित 30 ट्रेनें संचालित होती हैं। इनमें यहां से करीब 10 हजार लोग रोज यात्रा करते हैं। इससे रेलवे को 30 हजार से अधिक का राजस्व मिलता है। वर्ष 2009 में रेवाड़ी-सादुलपुर के इस मार्ग को मीटर गेज से ब्रॉडगेज अपग्रेड करने के बाद यात्रियों को जो सुविधाएं मिलनी चाहिए थी नहीं मिल रही हैं। केंद्र एवं प्रदेश सरकार का स्वच्छता पर फोकस है लेकिन यहां पर सफाई की कमीं है।
विज्ञापन


प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर हैं ये समस्याएं:
यात्रियों को यहां पर पेयजल, शौचालय जैसी सुविधाओं की कमी महसूस होती है। इस स्टेशन पर ठंडे पेयजल के लिए स्पॉन्सरशिप से एक आरओ वाटर कूलर लगाया गया है, जो जरूरत पूरी नहीं कर पाता। प्लेटफॉर्म 2 पर टीनशेड और पंखो की कमी है जिससे यात्री गर्मी में खुले में रहकर ट्रेन का इंतजार करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


फुट ओवरब्रिज न होनेे से हादसे का रहता है खतरा:
प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर जाने के लिए फुटओवरब्रिज की कमी है। यात्रियों को रेल लाइनों पार करके जाना पड़ता है। बुजुर्ग महिलाएं एवं बच्चों के यहां से गुजरना खतरे से खाली नहीं है। स्टेशन पर कर्मचारियों की कमी है इससे रोजमर्रा के काम प्रभावित होते हैं। यात्रियों ने कहा कि कर्मचारियों के अभाव में स्टेशन अधीक्षक खुद पीआरएस बुकिंग और गाड़ी संचालन का काम एकसाथ कर रहे हैं।
वर्जन:
रेलवे स्टेशन पर फुटओवरब्रिज न होने से प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर जाने के लिए बुजुर्गों और महिलाओं को परेशानी होती है। लाइन क्रास के लिए ओवर ब्रिज होना चाहिए ताकि कोई हादसा न हो सके।
-होशियार सिंह, दैनिक रेलयात्री

महिला शौचालय पर ताला लगा रहता है। इससे महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। शौचालय हमेशा खुला रहना चाहिए ताकि महिलाओं को परेशानी न हो।
-नेहा, छात्रा

प्लेटफॉर्म नंबर दो पर पीने के पानी की कोई सुविधा नहीं है न ही कोई टीनशेड है। यात्रियों को धूप और बारिश में खुले में रहना पड़ता है। रेलवे प्रशासन को चाहिए कि वो यात्रियों की सुविधा के लिए प्लेट फार्म 2 पर टीनशेड की व्यवस्था करें।

-हेमराज, व्यापारी

वर्जन:
मेरे स्तर की जो समस्याएं होती हैं उनका निदान कर दिया जाता है उनके दायरे से बाहर होती हैं तो उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया जाता है। प्लेटफॉर्म 2 पर जाने के लिए फुटओवरब्रिज व टीनशेड के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है। पेयजल व सफाई के लिए और प्रयास किए जाएगें।
-दलीप सिंह, स्टेशन अधीक्षक, कनीना।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed