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पदमावत फिल्म
Updated Thu, 25 Jan 2018 12:31 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। श्रीराष्ट्रीय राजपूत करणी सेना एवं राजपूत सभा महेंद्रगढ़ ने संयुक्त रूप से पदामावत फिल्म पर बैन करने को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस मौके पर राजपूत समाज सहित अन्य समाज के लगभग 200 युवाओं ने भाग लिया और फिल्म पर पूर्णतया बैन करने की केंद्र सरकार से मांग की। इस मौके पर राजपूत सभा की ओर से तहसीलदार को ज्ञापन भी सौंपा गया। किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात था। प्रदर्शन के दौरान नेशनल हाईवे पर जाम जैसी स्थिति पैदा हो गई थी किंतु पुलिस ने समय समय पर वाहनों का चलाए रखा। इस मौके पर करणी सेना ने कहा कि अगर महेंद्रगढ़ में किसी भी सिनेमाघर में यह फिल्म दिखाई गई तो उसको बख्शा नहीं जाएगी।
पदमावत फिल्म के विरोध को लेकर राष्ट्रीय करणी सेना तथा राजपूत समाज के लोग सुबह एकत्रित हुए। इस दौरान युवाओं ने कुछ समय के लिए नेशनल हाईवे जाम कर संजय लीला भंसाली का पुतला फूंका और उन्होेंने कहा कि अगर इस क्षेत्र में फिल्म चली तो सिनेमाघरों को राख से भी पतला कर दिया जाएगा। इस प्रदर्शन से निपटने के लिए काफी संख्या में पुलिस बल भी तैनात थी। करणी सेना जिला अध्यक्ष मनोज तंवर ने कहा कि 25 जनवरी को रिलीज होने वाली फिल्म पद्मावत क्षेत्र के किसी भी सिनेमा घर में नहीं चलने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जिला में कहीं भी पद्मावत फिल्म चली तो जिला के हालत कुछ भी हो सकता हैं। जिसके लिए केंद्र सरकार जिम्मेवार होगी।
सुभाष परमार ने कहा कि समजा की पुन: कमेटी बनाई गई थी। उस कमेटी ने यह फिल्म देखी है जिसमें ड्रीम स्कीवेंस दिखाया गया है वह हमारी परंपरा एवं सभ्यता के खिलाफ है। मां पदमावती को अलाउद्दीन खिलजी की प्रेमिका के रूप में दिखाया गया है। पदमावती को घूमर डांस करते हुए दिखाया गया है। राजपूत के इतिहास में क्षेत्राणियों ने कभी अपनी इज्जत को सरे आम नीलाम नहीं किया। कभी भी उन्होंने इस प्रकार डांस नहीं किया है। सुप्रीमकोर्ट में भी संदेह में नजर आ रही है। 24 घंटे में मां पदमावती फिल्म पर फैसला देना पूरे हिंदुस्तान को गले से नहीं उतर रहा।
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25 को फिल्म चली तो करेंगे प्रदर्शन:
उन्होंने कहा कि क्षत्रियों की अस्मिता के प्रति हो रहे खिलवाड़ को तुरंत रोका जाए। राजपूत सभा के जिला प्रधान सवाई सिंह राठोड़ व राजपूत समाज से विनोद तंवर पाली ने बताया की आज तो हमने केवल पुतला फूंका है और सरकार एवं प्रशासन को चेताया है अगर 25 तारीख को यह फिल्म इस क्षेत्र में चली तो फिर से इसी जगह धरना प्रदर्शन किया जाएगा और रोड़ भी किया जा सकता है। उन्होंने बताया की अगर समय रहते सरकार नहीं चेती और फिल्म पर रोक नहीं लगाई तो हम आर पार की लड़ाई लड़ने को मजबूर होंगे।
प्रदर्शन में नहीं बन रही थी एक राय
करणी सेना तथा राजपूत सभा की पूरे प्रदर्शन में एक राय कहीं भी नजर नहीं आई। करणी सेना एसडीएम को मौके पर बुलाने पर डटी हुई थी जबकि राजपूत सभा एसडीएम कार्यालय की ओर ज्ञापन सौंपने के लिए चल दिए थे। उसके बाद राजपूत सभा को थोड़ा आगे चलकर वापस धरने स्थल पर ही आना पड़ा। मौके पर पहुंचे तहसीलदार मुखत्यार सिंह को राजपूत सभा ने अपना ज्ञापन सौंप दिया। इसके बाद करणी सेना फिर नाराज नजर आई। करणी सेना ने अपना ज्ञापन नहीं सौंपा था। इसलिए ज्ञापन सौंपने के बाद वो लगभग आधे घंटे तक वहीं डटे रहे। करणी सेना के अध्यक्ष मनोज तंवर ने कहा कि उन्होंने अपना ज्ञापन नहीं सौंपा उससे पहले भी तहसीलदार वहां से चले गए।
ये रहे मौजूद:
इस अवसर पर राकेश तंवर बसई, राजकुमार शेखावत, मास्टर सतेंद्र सिंह, जिला प्रधान कंवर सिंह यादव, जिला पार्षद कुलदीप यादव, संजीव तंवर चितलांग, एडवोकेट रतनलाल सिंह भांडोर, संतु शेखावत, सुरेंद्र सिंह, सोनू तंवर, विष्णु राजपूत, सुभाष परमार, पूर्ण सिंह निम्बी, डॉ. अतरलाल, वीकी तंवर खुड़ाना, संजीव तंवर, रूद्रपाल जाट, उदय सिंह सरपंच सतनाली, सुखबीर तंवर, सुनील तंवर पाली, सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे। डीएसपी सतेंद्र कुमार ने बताया की इस तरह के आंदोलन से निपटने के लिए हमारे पास पर्याप्त संख्या में पुलिस बल है और जो भी अनैतिक तरीके से कानून को अपने हाथ में लेगा उससे कानून तरीके से निपटा जाएगा।
वर्जन:
भंसाली ने राजपूत समाज को काल्पनिक बताया है जो कि गलत है। हमने प्रदर्शन के माध्यम से सरकार से मांग की है कि अगर 7 दिन में देशद्रोह का केस दर्ज नहीं किया गया तो अखिल भारतीय राजपूत महासभा भंसाली को कनीना के कोर्ट में घुटने टेकने पर मजबूर कर देगी।
- ठाकुर अतरलाल, प्रदेश अध्यक्ष अखिल भारतीय राजपूत महासभा।
हम कहते हैं पदमावत फिल्म को रोक दो, वरना युवा वर्ग सरकार को रोकने का मादा रखते हैं। हमारी माता बहनों ने जोहर करने का पर्ण लिया है अगर माता बहनें जोहर किया तो ये युवा आरपार करने को मजबूर हो जाएंगे।
- दिग्विजय सिंह, सतनाली।
पदमावत फिल्म पर बेन के लिए पूरा हिंदुस्तान एक हो चुका है। इस मान सम्मान की लड़ाई के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा। हमारे मान सम्मान को ठेस पहुंची तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसलिए फिल्म पर बेन किया जाए। अगर बेन नहीं की तो इतिहास दोहराया जाएगा।
- ठाकुर रतन सिंह, पूर्व चेयरमैन मार्केट कमेटी।
हमने ज्ञापन नहीं दिया है। हमने एसडीएम साहब को यहां बुलाया था किंतु एसडीएम साहब न आकर तहसीलदार को किसी ओर ने कही ज्ञापन दे दिया। हमारा ज्ञापन हमारे पास है। जब तक पदमावत फिल्म बेन नहीं हो जाती तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
- मनोज तंवर, जिला अध्यक्ष, करनी सेना।
पदामवत फिल्म बनने के समय से हिंदु समाज विरोध कर रहा है। हम सबसे ज्यादा दोषी केंद्र सरकार को मानते हैं क्योंकि भंसाली ने उनकी इज्जत को 200 करोड़ रुपये से तोली है। जबकि इज्जत किसी से तोली नहीं जाती बल्कि अनमोल होती है। - सवाई सिंह राठोड़, जिला अध्यक्ष राजपूत समाज
पूरे हिंदुस्तान में बेन होनी चाहिए। इस फिल्म में ड्रीम स्कीवेंस दिखाए गया है जो कि सरासर गलत है। इस फिल्म में देश के इतिहास के साथ छेडछाड़ किया गया है। अगर यह फिल्म महेंद्रगढ़ में चली तो युवा वर्ग क्या करेंगे ये तो वे ही जाने।
- सुभाष परमार।
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महेंद्रगढ़। श्रीराष्ट्रीय राजपूत करणी सेना एवं राजपूत सभा महेंद्रगढ़ ने संयुक्त रूप से पदामावत फिल्म पर बैन करने को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस मौके पर राजपूत समाज सहित अन्य समाज के लगभग 200 युवाओं ने भाग लिया और फिल्म पर पूर्णतया बैन करने की केंद्र सरकार से मांग की। इस मौके पर राजपूत सभा की ओर से तहसीलदार को ज्ञापन भी सौंपा गया। किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात था। प्रदर्शन के दौरान नेशनल हाईवे पर जाम जैसी स्थिति पैदा हो गई थी किंतु पुलिस ने समय समय पर वाहनों का चलाए रखा। इस मौके पर करणी सेना ने कहा कि अगर महेंद्रगढ़ में किसी भी सिनेमाघर में यह फिल्म दिखाई गई तो उसको बख्शा नहीं जाएगी।
पदमावत फिल्म के विरोध को लेकर राष्ट्रीय करणी सेना तथा राजपूत समाज के लोग सुबह एकत्रित हुए। इस दौरान युवाओं ने कुछ समय के लिए नेशनल हाईवे जाम कर संजय लीला भंसाली का पुतला फूंका और उन्होेंने कहा कि अगर इस क्षेत्र में फिल्म चली तो सिनेमाघरों को राख से भी पतला कर दिया जाएगा। इस प्रदर्शन से निपटने के लिए काफी संख्या में पुलिस बल भी तैनात थी। करणी सेना जिला अध्यक्ष मनोज तंवर ने कहा कि 25 जनवरी को रिलीज होने वाली फिल्म पद्मावत क्षेत्र के किसी भी सिनेमा घर में नहीं चलने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जिला में कहीं भी पद्मावत फिल्म चली तो जिला के हालत कुछ भी हो सकता हैं। जिसके लिए केंद्र सरकार जिम्मेवार होगी।
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सुभाष परमार ने कहा कि समजा की पुन: कमेटी बनाई गई थी। उस कमेटी ने यह फिल्म देखी है जिसमें ड्रीम स्कीवेंस दिखाया गया है वह हमारी परंपरा एवं सभ्यता के खिलाफ है। मां पदमावती को अलाउद्दीन खिलजी की प्रेमिका के रूप में दिखाया गया है। पदमावती को घूमर डांस करते हुए दिखाया गया है। राजपूत के इतिहास में क्षेत्राणियों ने कभी अपनी इज्जत को सरे आम नीलाम नहीं किया। कभी भी उन्होंने इस प्रकार डांस नहीं किया है। सुप्रीमकोर्ट में भी संदेह में नजर आ रही है। 24 घंटे में मां पदमावती फिल्म पर फैसला देना पूरे हिंदुस्तान को गले से नहीं उतर रहा।
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25 को फिल्म चली तो करेंगे प्रदर्शन:
उन्होंने कहा कि क्षत्रियों की अस्मिता के प्रति हो रहे खिलवाड़ को तुरंत रोका जाए। राजपूत सभा के जिला प्रधान सवाई सिंह राठोड़ व राजपूत समाज से विनोद तंवर पाली ने बताया की आज तो हमने केवल पुतला फूंका है और सरकार एवं प्रशासन को चेताया है अगर 25 तारीख को यह फिल्म इस क्षेत्र में चली तो फिर से इसी जगह धरना प्रदर्शन किया जाएगा और रोड़ भी किया जा सकता है। उन्होंने बताया की अगर समय रहते सरकार नहीं चेती और फिल्म पर रोक नहीं लगाई तो हम आर पार की लड़ाई लड़ने को मजबूर होंगे।
प्रदर्शन में नहीं बन रही थी एक राय
करणी सेना तथा राजपूत सभा की पूरे प्रदर्शन में एक राय कहीं भी नजर नहीं आई। करणी सेना एसडीएम को मौके पर बुलाने पर डटी हुई थी जबकि राजपूत सभा एसडीएम कार्यालय की ओर ज्ञापन सौंपने के लिए चल दिए थे। उसके बाद राजपूत सभा को थोड़ा आगे चलकर वापस धरने स्थल पर ही आना पड़ा। मौके पर पहुंचे तहसीलदार मुखत्यार सिंह को राजपूत सभा ने अपना ज्ञापन सौंप दिया। इसके बाद करणी सेना फिर नाराज नजर आई। करणी सेना ने अपना ज्ञापन नहीं सौंपा था। इसलिए ज्ञापन सौंपने के बाद वो लगभग आधे घंटे तक वहीं डटे रहे। करणी सेना के अध्यक्ष मनोज तंवर ने कहा कि उन्होंने अपना ज्ञापन नहीं सौंपा उससे पहले भी तहसीलदार वहां से चले गए।
ये रहे मौजूद:
इस अवसर पर राकेश तंवर बसई, राजकुमार शेखावत, मास्टर सतेंद्र सिंह, जिला प्रधान कंवर सिंह यादव, जिला पार्षद कुलदीप यादव, संजीव तंवर चितलांग, एडवोकेट रतनलाल सिंह भांडोर, संतु शेखावत, सुरेंद्र सिंह, सोनू तंवर, विष्णु राजपूत, सुभाष परमार, पूर्ण सिंह निम्बी, डॉ. अतरलाल, वीकी तंवर खुड़ाना, संजीव तंवर, रूद्रपाल जाट, उदय सिंह सरपंच सतनाली, सुखबीर तंवर, सुनील तंवर पाली, सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे। डीएसपी सतेंद्र कुमार ने बताया की इस तरह के आंदोलन से निपटने के लिए हमारे पास पर्याप्त संख्या में पुलिस बल है और जो भी अनैतिक तरीके से कानून को अपने हाथ में लेगा उससे कानून तरीके से निपटा जाएगा।
वर्जन:
भंसाली ने राजपूत समाज को काल्पनिक बताया है जो कि गलत है। हमने प्रदर्शन के माध्यम से सरकार से मांग की है कि अगर 7 दिन में देशद्रोह का केस दर्ज नहीं किया गया तो अखिल भारतीय राजपूत महासभा भंसाली को कनीना के कोर्ट में घुटने टेकने पर मजबूर कर देगी।
- ठाकुर अतरलाल, प्रदेश अध्यक्ष अखिल भारतीय राजपूत महासभा।
हम कहते हैं पदमावत फिल्म को रोक दो, वरना युवा वर्ग सरकार को रोकने का मादा रखते हैं। हमारी माता बहनों ने जोहर करने का पर्ण लिया है अगर माता बहनें जोहर किया तो ये युवा आरपार करने को मजबूर हो जाएंगे।
- दिग्विजय सिंह, सतनाली।
पदमावत फिल्म पर बेन के लिए पूरा हिंदुस्तान एक हो चुका है। इस मान सम्मान की लड़ाई के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा। हमारे मान सम्मान को ठेस पहुंची तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसलिए फिल्म पर बेन किया जाए। अगर बेन नहीं की तो इतिहास दोहराया जाएगा।
- ठाकुर रतन सिंह, पूर्व चेयरमैन मार्केट कमेटी।
हमने ज्ञापन नहीं दिया है। हमने एसडीएम साहब को यहां बुलाया था किंतु एसडीएम साहब न आकर तहसीलदार को किसी ओर ने कही ज्ञापन दे दिया। हमारा ज्ञापन हमारे पास है। जब तक पदमावत फिल्म बेन नहीं हो जाती तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
- मनोज तंवर, जिला अध्यक्ष, करनी सेना।
पदामवत फिल्म बनने के समय से हिंदु समाज विरोध कर रहा है। हम सबसे ज्यादा दोषी केंद्र सरकार को मानते हैं क्योंकि भंसाली ने उनकी इज्जत को 200 करोड़ रुपये से तोली है। जबकि इज्जत किसी से तोली नहीं जाती बल्कि अनमोल होती है। - सवाई सिंह राठोड़, जिला अध्यक्ष राजपूत समाज
पूरे हिंदुस्तान में बेन होनी चाहिए। इस फिल्म में ड्रीम स्कीवेंस दिखाए गया है जो कि सरासर गलत है। इस फिल्म में देश के इतिहास के साथ छेडछाड़ किया गया है। अगर यह फिल्म महेंद्रगढ़ में चली तो युवा वर्ग क्या करेंगे ये तो वे ही जाने।
- सुभाष परमार।