{"_id":"5a47c9a54f1c1bf61b8b5d5a","slug":"201514654117-mahendragarh-narnaul-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पॉलीथिन मुक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पॉलीथिन मुक्त
Updated Sat, 30 Dec 2017 10:49 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पॉलीथिन मुक्त गांव बनाने का लिया संकल्प
महेंद्रगढ़। जिले को 26 जनवरी 2018 तक पॉलीथिन मुक्त करने के बीडीपीओ कार्यालय में खंड महेंद्रगढ़ के पंच, सरपंच, आंगनबाड़ी वर्कर और स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण से जुडे़ लोगों के लिए सम्मेलन आयोजित किया गया। इस अवसर पर डीआरडीए परियोजना अधिकारी गोबिंदराम शर्मा ने लोगों से आह्वान किया कि कि वे सरकार की ओर से 26 जनवरी 2018 तक गांवों को पॉलीथिन मुक्त करने का निर्णय को पूरा करने का अथक प्रयास करेें।
उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी पंचायतें गांवों में मुनादी एवं प्रचार करवाएं। सभी लोग पॉलीथिन की थैलियां ग्राम सरपंच के पास जमा करवाए। कोई भी ग्रामीण पॉलीथिन की थैलियां बाहर न फेंके। इस अवसर पर पॉलीथिन का प्रयोग न करने एवं बाहर न फेंकने की शपथ दिलाई गई। आदलपुर,डुलाना, जोनावास एवं देवनगर के सरपंचों ने विश्वास दिलाया कि 10 जनवरी 2018 तक गांवों को पॉलीथिन मुक्त करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि खुले में शौच मुक्त के स्टेटस को बरकरार रखना है इसके लिए गांवों में गठित निगरानी कमेटियों को सक्रिय रखने को कहा, ठोस एवं तरल कचरे के निपटारे के लिए सभी सरपंचों को सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि गंदे पानी की निकासी तथा थ्री पौंड सिस्टम के जरिये उसे साफ कर पौधो में पानी देने में, चिनाई के कार्य में प्रयोग कर सकते है। उन्होंने आगे कहा कि गलनशील एवं अगलनशील कचरे को अलग-अलग छांटकर उचित स्थान पर उसे निपटारा करे और गलनशील कचरे से जैविक खाद तैयार करे। इससे वातावरण साफ -सुथरा होगा एवं बीमारियों से छुटकारा मिलेगा।
विज्ञापन
महेंद्रगढ़। जिले को 26 जनवरी 2018 तक पॉलीथिन मुक्त करने के बीडीपीओ कार्यालय में खंड महेंद्रगढ़ के पंच, सरपंच, आंगनबाड़ी वर्कर और स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण से जुडे़ लोगों के लिए सम्मेलन आयोजित किया गया। इस अवसर पर डीआरडीए परियोजना अधिकारी गोबिंदराम शर्मा ने लोगों से आह्वान किया कि कि वे सरकार की ओर से 26 जनवरी 2018 तक गांवों को पॉलीथिन मुक्त करने का निर्णय को पूरा करने का अथक प्रयास करेें।
उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी पंचायतें गांवों में मुनादी एवं प्रचार करवाएं। सभी लोग पॉलीथिन की थैलियां ग्राम सरपंच के पास जमा करवाए। कोई भी ग्रामीण पॉलीथिन की थैलियां बाहर न फेंके। इस अवसर पर पॉलीथिन का प्रयोग न करने एवं बाहर न फेंकने की शपथ दिलाई गई। आदलपुर,डुलाना, जोनावास एवं देवनगर के सरपंचों ने विश्वास दिलाया कि 10 जनवरी 2018 तक गांवों को पॉलीथिन मुक्त करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि खुले में शौच मुक्त के स्टेटस को बरकरार रखना है इसके लिए गांवों में गठित निगरानी कमेटियों को सक्रिय रखने को कहा, ठोस एवं तरल कचरे के निपटारे के लिए सभी सरपंचों को सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि गंदे पानी की निकासी तथा थ्री पौंड सिस्टम के जरिये उसे साफ कर पौधो में पानी देने में, चिनाई के कार्य में प्रयोग कर सकते है। उन्होंने आगे कहा कि गलनशील एवं अगलनशील कचरे को अलग-अलग छांटकर उचित स्थान पर उसे निपटारा करे और गलनशील कचरे से जैविक खाद तैयार करे। इससे वातावरण साफ -सुथरा होगा एवं बीमारियों से छुटकारा मिलेगा।
विज्ञापन