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क्षेत्र में हुई हल्की बारिश, कई जगहों पर ओले गिरने से फसलों में नुकसान
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। क्षेत्र में पिछले तीन दिन के बाद फिर मौसम ने करवट लेकर किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अटेली क्षेत्र में इस मौसम में दूसरी बार ओलावृष्टि होने से किसानों की मेहनत पर पानी फिरता दिख रहा है। वीरवार दोपहर बाद हुई बारिश से अटेली क्षेत्र के अनेक गांवों में ओलावृष्टि हुई है। इससे सरसों, चने व गेहूं की फसलों में 20 से 30 प्रतिशत नुकसान होने के संभावना जताई जा रही है। हालांकि डार्क जोन नारनौल व नांगल चौधरी में हल्की बूंदाबांदी रहने से फसलों में अभी तक कोई नुकसान नहीं हुआ है। लेकिन बादलों की गड़गड़ाहट से किसानों के चेहरों पर मायूसी नजर आ रही है।
क्षेत्र के गांव नावदी, तिगरा, रामपुरा, कांटी व खेड़ी में हुई ओलावृष्टि से सरसों व सब्जी की फसल में नुकसान होने की आशंका है। गत दो दिनों से आसमान में बादल छाये हुए थे। वीरवार सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए हुए थे जिससे कई जगहों पर बूंदाबांदी हुई। दिनभर तेज हवा चलने से बारिश की आंशक बन रही थी। दोपहर बाद तेज हवाओं के साथ मौसम से अचानक करवट ली। करीब तीन बजे क्षेत्र में बारिश शुरू हुई। अटेली क्षेत्र में बारिश के साथ गांव नावदी, तिगरा, रामपुरा, कांटी व खेड़ी, गुजरवार, भोडी, सलीमपुर में ओलावृष्टि हुई। जिससे किसानों की फसलों में करीब 20 से 30 प्रतिशत नुकसान की संभावना जताई जा रही है। इस समय सरसों की फसल पकाव की तरफ खड़ी है। ऐसे में ओलावृष्टि फसलों के लिए हानिकारक साबित हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिन मौसम मे बेरुखी बनी रहेगी।
इस संबंध में खंड कृषि विकास अधिकारी हरीश यादव ने बताया कि हल्की ओलावृष्टि से फसलों को 10 से 15 प्रतिशत तक नुकसान हो सकता है। अधिक जानकारी तो फसल को देखने के बाद ही लग पाएगा।
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नारनौल। क्षेत्र में पिछले तीन दिन के बाद फिर मौसम ने करवट लेकर किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अटेली क्षेत्र में इस मौसम में दूसरी बार ओलावृष्टि होने से किसानों की मेहनत पर पानी फिरता दिख रहा है। वीरवार दोपहर बाद हुई बारिश से अटेली क्षेत्र के अनेक गांवों में ओलावृष्टि हुई है। इससे सरसों, चने व गेहूं की फसलों में 20 से 30 प्रतिशत नुकसान होने के संभावना जताई जा रही है। हालांकि डार्क जोन नारनौल व नांगल चौधरी में हल्की बूंदाबांदी रहने से फसलों में अभी तक कोई नुकसान नहीं हुआ है। लेकिन बादलों की गड़गड़ाहट से किसानों के चेहरों पर मायूसी नजर आ रही है।
क्षेत्र के गांव नावदी, तिगरा, रामपुरा, कांटी व खेड़ी में हुई ओलावृष्टि से सरसों व सब्जी की फसल में नुकसान होने की आशंका है। गत दो दिनों से आसमान में बादल छाये हुए थे। वीरवार सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए हुए थे जिससे कई जगहों पर बूंदाबांदी हुई। दिनभर तेज हवा चलने से बारिश की आंशक बन रही थी। दोपहर बाद तेज हवाओं के साथ मौसम से अचानक करवट ली। करीब तीन बजे क्षेत्र में बारिश शुरू हुई। अटेली क्षेत्र में बारिश के साथ गांव नावदी, तिगरा, रामपुरा, कांटी व खेड़ी, गुजरवार, भोडी, सलीमपुर में ओलावृष्टि हुई। जिससे किसानों की फसलों में करीब 20 से 30 प्रतिशत नुकसान की संभावना जताई जा रही है। इस समय सरसों की फसल पकाव की तरफ खड़ी है। ऐसे में ओलावृष्टि फसलों के लिए हानिकारक साबित हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिन मौसम मे बेरुखी बनी रहेगी।
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इस संबंध में खंड कृषि विकास अधिकारी हरीश यादव ने बताया कि हल्की ओलावृष्टि से फसलों को 10 से 15 प्रतिशत तक नुकसान हो सकता है। अधिक जानकारी तो फसल को देखने के बाद ही लग पाएगा।
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