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माइनर को ठीक करने के लिए रास्ते से उठाई मिट्टी, किसान नाराज
Updated Mon, 30 Jul 2018 12:34 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
मंडी अटेली। पिछले एक सप्ताह में तीन बार टूट चुकी नावदी रामपुरा माइनर को सिंचाई विभाग द्वारा ठीक करने के लिए किसानों के खेतों के रास्ते से मिट्टी उठाकर टूटे हुए हिस्से पर डालकर ठीक करने पर किसानों ने विभाग के प्रति नाराजगी जताई है।
किसान बाबूलाल, लख्मीचंद, बहादुरमल, महेन्द्र, कृष्ण, जसवंत, ओमप्रकाश व धनपत आदि ने बताया कि रामपुरा सब माइनर पिछले एक सप्ताह में तीन बार टूट चुकी है। लेकिन विभाग के अधिकारी इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। किसानों ने बताया कि गत 26 जुलाई की रात माइनर में अधिक पानी के बहाव के कारण ढाणी पृथ्वीपुरा के पास से तीसरी बार माइनर टूट गई थी।
इसके कारण 15 एकड़ में खड़ी बाजरे व कपास की फसल जल मग्न हो गई। किसानों ने बताया कि सिंचाई विभाग द्वारा एक बार फिर से इसको पूर्ण रूप से ठीक करने की बजाय खेतों के रास्तों से ही मिट्टी उठाकर मरम्मत कर दी। इससे किसानों में सिंचाई विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के प्रति काफी रोष बना हुआ है। किसानों का कहना है कि माइनर को ठीक करने के लिए विभाग को रास्ते से मिट्टी उठाकर उसकी लिपापोती करने की बजाय बाहर से मिट्टी लाकर माइनर को सही तरीके से ठीक करना चाहिए था।
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मंडी अटेली। पिछले एक सप्ताह में तीन बार टूट चुकी नावदी रामपुरा माइनर को सिंचाई विभाग द्वारा ठीक करने के लिए किसानों के खेतों के रास्ते से मिट्टी उठाकर टूटे हुए हिस्से पर डालकर ठीक करने पर किसानों ने विभाग के प्रति नाराजगी जताई है।
किसान बाबूलाल, लख्मीचंद, बहादुरमल, महेन्द्र, कृष्ण, जसवंत, ओमप्रकाश व धनपत आदि ने बताया कि रामपुरा सब माइनर पिछले एक सप्ताह में तीन बार टूट चुकी है। लेकिन विभाग के अधिकारी इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। किसानों ने बताया कि गत 26 जुलाई की रात माइनर में अधिक पानी के बहाव के कारण ढाणी पृथ्वीपुरा के पास से तीसरी बार माइनर टूट गई थी।
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इसके कारण 15 एकड़ में खड़ी बाजरे व कपास की फसल जल मग्न हो गई। किसानों ने बताया कि सिंचाई विभाग द्वारा एक बार फिर से इसको पूर्ण रूप से ठीक करने की बजाय खेतों के रास्तों से ही मिट्टी उठाकर मरम्मत कर दी। इससे किसानों में सिंचाई विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के प्रति काफी रोष बना हुआ है। किसानों का कहना है कि माइनर को ठीक करने के लिए विभाग को रास्ते से मिट्टी उठाकर उसकी लिपापोती करने की बजाय बाहर से मिट्टी लाकर माइनर को सही तरीके से ठीक करना चाहिए था।
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