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कॉलेज में एक बार फिर विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे किराये के गुरुजी

Fri, 22 Jun 2018 12:52 AM IST
Updated Fri, 22 Jun 2018 12:52 AM IST
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कॉलेज में एक बार फिर विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे किराये के गुरुजी
अमर उजाला ब्यूरो
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महेंद्रगढ़। राजकीय महाविद्यालयों में स्टाफ की कमी को लेकर उच्चत्तर शिक्षा विभाग को एक बार फिर किराये के गुरुजी का सहारा लेना पड़ सकता है। पिछले छह वर्षों से महाविद्यालयों में चली आर रही स्टाफ की कमी अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। सरकार 2013 से एक्सटेंशन लेक्चरर के सहारे ही महाविद्यालयों का काम चला रही है। महेंद्रगढ़ के पीजी कॉलेज की ही बात करें तो कॉलेज में 57 पोस्टों पर 10 रेगुलर तथा शेष एक्सटेंशन कार्यरत है। लाइब्रेरी के भी चार पद रिक्त हैं। उधर सरकार व शिक्षा विभाग खेलों पर जोर देते हुए विद्यार्थियों को खेलों में आगे बढ़ने व शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ रखने की बात कर रहा है लेकर हकीकत यह है कि कॉलेजों में फिजिकल एजुकेशन के प्रशिक्षकों का अभाव है।

विद्यार्थियों को हो सकती हैं परेशानी:
बता दें कि महेंद्रगढ़ जिले के सभी कॉलेजों में विभिन्न विषयों के प्रोफेसरों की स्थिति चिंताजनक है। कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया जारी है परंतु स्थायी प्रोफेसरों का अभाव है। अगर इस बार भी महाविद्यालयों में स्थायी लेक्चरर की भर्ती नहीं हुई तो इसका खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ेगा। महाविद्यालय करने को तो यूजीसी के मापदंड के अनुसार ही एक्सटेंशन लेक्चरर की भर्ती करते हैं। एक्सटेंशन लेक्चरर महीने में लगभग 20 दिन ही बच्चों को पढ़ाई करवाते हैं। शेष 10 दिन बच्चों की पढ़ाई बाधित रहती है। इसके अलावा अच्छा परीक्षा परिणाम को लेकर उनकी कोई जबावदेही भी तय नहीं होती।
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ये है कॉलेजों की स्थिति
आपको बता दें कि 15 जुलाई से महाविद्यालयों में नया सेशन की शुरूआत होगी। स्कूलों से 12वीं पास करने के बाद विद्यार्थी प्रथम बार महाविद्यालयों की दहलीज पर पैर रखेंगे। देखना यह होगा कि लेक्चरर के अभाव में विद्यार्थी अपना बेस्ट किसी प्रकार दे पाएंगे। महेंद्रगढ़ के पीजी कॉलेज में 57 पदों पर 10 रेगुलर, शेष एक्सटेंशन, महिला कॉलेज में 38 पदों पर 10 रेगुलर, 28 एक्सटेंशन, सतनाली कॉलेज में 11 रेगुलर 8 एक्सटेंशन, कनीना कॉलेज में 26 पदों पर 7 रेगुलर तथा वर्क लोड के हिसाब से 30 एक्सटेंशन कार्यरत है। महेंद्रगढ़ के पीजी कॉलेज में लाइब्रेरी में 4 पद है जो सभी रिक्त है तथा एलए के सात पदों पर महज एक कर्मचारी है, शेष छह पद रिक्त है।
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नहीं कॉलेज में डीपीई
सरकार और विभाग खेलों को बढ़ावा देने व खेलों में भविष्य संवारने को लेकर हर संभव प्रयास कर रहे हैं परंतु स्कूल स्तर की शिक्षा पूरी कर आए अच्छे खिलाड़ियों को यदि कॉलेजों में प्रशिक्षक ही नहीं मिले तो उनके खेलों के करियर का क्या होगा? यह सोचने का विषय है। खेल भविष्य ही नहीं अपितु विद्यार्थियों को शारीरिक व मानसिक रूप से भी स्वस्थ रखते हैं परंतु प्रशिक्षकों का अभाव विद्यार्थियों के अहित में हैं।
साइंस की हालत खस्ता:
आपको बता दें कि पीजी कॉलेज महेंद्रगढ़ में एडमिशन के लिए सबसे अधिक मारामारी मेडिकल एवं नॉन मेडिकल के लिए हो रही है। परंतु मेडिकल एवं नॉन मेडिकल में रेगुलर स्टाफ मात्र 2 का ही है। फिजिक्स, केमिस्ट्री एवं मैथ की छह-छह सेंक्शन पोस्ट हैं। बोटनी एवं जुलोजी की दो-दो सेंक्शन पोस्ट हैं। इनमें फिजिक्स एवं कैमिस्ट्री के एक-एक लेक्चरर हैं। जबकि मैथ, जुलोजी और बॉटनी के पद खाली पड़े हैं। अगर बात करें भाषा की तो मात्रा भाषा हिंदी एवं अंग्रेजी की 8-8 सेंक्शन पोस्ट हैं। परंतु अंग्रेजी की तीन पोस्टें भरी हैं जबकि हिंदी का एक भी रेगुलर लेक्चरर नहीं हैं।

वर्जन
महाविद्यालयों में स्थायी प्रोफेसरों की कमी हैं। एक्सटेंशन लेक्चरर से काम चलाया जा रहा है। सरकार को स्टाफ की कमी के बारे में लिखा हुआ है। रेगुलर भर्ती होने पर स्टाफ की कमी पूरी हो जाएगी।

- पीके यादव, अतिरिक्त कार्यभार, प्राचार्य, राजकीय महाविद्यालय, महेंद्रगढ़।

राजकीय कॉलेज की बढ़ाई 80 सीटें
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय महेंद्रगढ़ में मेडिकल एवं नॉन मेडिकल संकाय में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। इस बार शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ने मेडिकल एवं नॉन मेडिकल संकाय में एक-एक यूनिट बढ़ा दी है। नॉन मेडिकल में सीटें 320 से बढ़ाकर 400 तथा मेडिकल में 80 से बढ़ाकर 160 कर दी है। इससे विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों को काफी राहत मिलेगी तथा कट ऑफ भी डाउन जाएगी। विगत वर्ष सीटें कम होने के कारण बहुत से विद्यार्थियों का सांइस में प्रवेश नहीं हो पाया था। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पीके यादव ने बताया कि उच्चत्तर शिक्षा विभाग की ओर से सीटें बढ़ाने का लेटर आ चुका है। लेटर में मेडिकल एवं नॉन मेडिकल में एक-एक यूनिट (80) बढ़ाई गई है।
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