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अनुसूचित जाति के लोगों किए गए हमले के विरोध जताया रोष
Updated Sun, 07 Jan 2018 11:54 PM IST
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महाराष्ट्र सरकार पुतला फूंका, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल।
महाराष्ट्र हिंसा के विरोध में रविवार को अनुसूचित जाति संगठनों के लोगों ने महावीर चौक पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री का पुतला फूंककर रोष जताया। इस दौरान उपायुक्त के माध्यम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपकर इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर अनुसूचित जाति के लोगों को न्याय दिलवाने की मांग की गई। इससे पूर्व अनुसूचित जाति के लोग चितवन वाटिका में एकत्रित हुए, जहां उन्होंने हमले के विरोध में महाराष्ट्र सरकार के के खिलाफ नारेबाजी की। उपायुक्त को सौंपे इस ज्ञापन में समाज जोगेंद्र जैदिया, संजय अमन, ज्ञान चंद, सत्येंद्र सिरोहा, सुरेंद्र नारनौलिया, अशोकदास, ताराचंद, वेदप्रकाश, राकेश, चांदराम, गोबिंदराम, जगदीश, अमर सिंह, सत्यपाल, विक्रम, ओमवीर, रतिराम, हिमांशु, राधेश्याम आदि ने कहा कि एक जनवरी को महाराष्ट्र के भीमाकोरे गांव में शौर्य दिवस मना रहे अनुसूचित जाति के लोगों पर मनुवादी सोच वाले लोगों ने लाठी व पत्थरों से हमला कर उनकी गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। इसमें एक व्यक्ति की मौत भी हो गई थी। वहीं महाराष्ट्र सरकार मूल-निवासियों पर ही मामला दर्ज कर उन्हें ही प्रताड़ित कर रही है। इससे अनुसूचित जाति के लोगों में भी भारी रोष है। इसलिए तत्काल इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल।
महाराष्ट्र हिंसा के विरोध में रविवार को अनुसूचित जाति संगठनों के लोगों ने महावीर चौक पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री का पुतला फूंककर रोष जताया। इस दौरान उपायुक्त के माध्यम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपकर इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर अनुसूचित जाति के लोगों को न्याय दिलवाने की मांग की गई। इससे पूर्व अनुसूचित जाति के लोग चितवन वाटिका में एकत्रित हुए, जहां उन्होंने हमले के विरोध में महाराष्ट्र सरकार के के खिलाफ नारेबाजी की। उपायुक्त को सौंपे इस ज्ञापन में समाज जोगेंद्र जैदिया, संजय अमन, ज्ञान चंद, सत्येंद्र सिरोहा, सुरेंद्र नारनौलिया, अशोकदास, ताराचंद, वेदप्रकाश, राकेश, चांदराम, गोबिंदराम, जगदीश, अमर सिंह, सत्यपाल, विक्रम, ओमवीर, रतिराम, हिमांशु, राधेश्याम आदि ने कहा कि एक जनवरी को महाराष्ट्र के भीमाकोरे गांव में शौर्य दिवस मना रहे अनुसूचित जाति के लोगों पर मनुवादी सोच वाले लोगों ने लाठी व पत्थरों से हमला कर उनकी गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। इसमें एक व्यक्ति की मौत भी हो गई थी। वहीं महाराष्ट्र सरकार मूल-निवासियों पर ही मामला दर्ज कर उन्हें ही प्रताड़ित कर रही है। इससे अनुसूचित जाति के लोगों में भी भारी रोष है। इसलिए तत्काल इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।