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शहर के बाजारों में नहीं हो रही सफाई, दुकानदार परेशान
Updated Tue, 21 Nov 2017 12:10 AM IST
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शहर की सफाई व्यवस्था चरमराई, जगह-जगह गंदगी के ढेर
फोटो नंबर 13 से 18
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। शहर की सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। करीब एक लाख लोगों की आबादी वाले शहर के बाजारों और 25 वार्डों के सैकड़ों मोहल्लों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं है। शहर में अनेक जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। सबसे ज्यादा बुरे हालात आजाद चौक, सब्जी मंडी के पास व खटीकान चौक के साथ मोहल्ला रावका में हैं।
सफाई-व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने हेतु भले ही नगर परिषद ने करीब एक लाख की आबादी वाले शहर को चार जोन में बांटा हुआ है, इसके बावजूद नगर में सफाई का बुरा हाल है। नगर परिषद नारनौल के अंतर्गत 25 वार्ड बने हुए हैं और इन 25 वार्डों को चार जोन में बांटा गया है। इन चार जोन में से तीन जोन की सफाई का कार्य 175 कर्मचारियों के जिम्मे है। इनमें से 100 कर्मचारी डेली वेजिज या ठेके पर हैं, जबकि 70-75 कर्मचारी नगर परिषद के स्थायी सफाई कर्मचारी हैं। सफाई व्यवस्था ठीक रखने के लिए इतने कर्मचारी होने के बावजूद शहर में सफाई व्यवस्था लचर बनी हुई है।
शहर के मुख्य बाजार में सब्जी मंडी के पास स्थित आजाद चौक पर सफाई व्यवस्था बुरी तरह चरमराई हुई है। यहां पर सही प्रकार से सफाई नहीं होने के कारण आसपास के दुकानदार भी परेशान हैं। दुकानदारों का कहना है कि नप के कर्मचारी कभी भी यहां से कूड़े का उठान नहीं करते। दस-दस दिन तक एक ही जगह कूड़ा सड़ता रहता है।
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175 में से ज्यादातर कर्मचारी व्यस्त
इन 175 कर्मचारियों में से ज्यादातर कर्मचारी विभिन्न कार्यों में व्यस्त रहते हैं। इनमें से दो दर्जन से अधिक कर्मचारी विभिन्न अधिकारियों की कोठियों पर ड्यूटी कर रहे हैं। वहीं 32 कर्मचारी शहर में कूड़ा उठाने के लिए चल रही ट्रालियों में लगे हुए हैं। कूड़ा उठाने के लिए लगाए गए आठ टैंपो पर भी दर्जनों कर्मचारी लगे हुए हैं। इस प्रकार 80-90 कर्मचारी विभिन्न जगहों पर काम कर रहे हैं।
नप ने मान रखी 80 हजार की आबादी, 400 व्यक्ति पर एक कर्मचारी
नगर परिषद ने शहर में 80 हजार की आबादी मानी हुई है। इसी के हिसाब से शहर में 180 सफाई कर्मचारी हैं, यानी 450 व्यक्तियों पर एक सफाई कर्मचारी है। वहीं हकीकत देखी जाए तो शहर की जनसंख्या करीब एक लाख है। ऐसे में एक लाख की आबादी वाले शहर की सफाई व्यवस्था का सही ढंग से चलाने में दिक्कत आ रही है। इनमें से भी कई कर्मचारी रोजाना छुट्टी पर भी रहते हैं।
शहर में सफाई का बुरा हाल है। बाजार में लगे कर्मचारी नियमित रूप से नहीं आते। इस कारण बाजार में गंदगी फैली हुई है। इससे लोगों को काफी परेशानी होती है।
-ओमप्रकाश
शहर में इन दिनों सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। शहर में कई जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। जिनका सही उठान नहीं होता। इससे आने-जाने वाले लोगों को परेशानी होती है।
-बस्तीराम
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री सफाई अभियान चलाकर लोगों को सफाई के प्रति प्रेरित कर रहे हैं। इसके बावजूद लोग व नगर परिषद के कर्मचारी शहर को गंदा करने में लगे हैं।
-श्यामलाल
शहर को साफ स्वच्छ रखना सभी का कर्तव्य है। लोगों को भी इसमें जागरूक होना होगा, नगर परिषद अगर सही ढंग से साफ सफाई करे तो शहर बिल्कुल साफ सुथरा दिखाई दे।
-मोहित बंसल
कूड़ा उठान की जेबीसी मशीन खराब हो जाने के कारण आज कूड़े का उठान नहीं हो पाया। वैसे शहर के बाजारों व मोहल्लों में प्रतिदिन सफाई की जा रही है। सफाई के साथ-साथ कूड़े उठाने का कार्य भी सही ढंग से चल रहा है, फिर भी कहीं कोई कमी मिलती है तो उसे भी दूर किया जाएगा।
-भारती सैनी, चेयरपर्सन, नगर परिषद, नारनौल।
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फोटो नंबर 13 से 18
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। शहर की सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। करीब एक लाख लोगों की आबादी वाले शहर के बाजारों और 25 वार्डों के सैकड़ों मोहल्लों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं है। शहर में अनेक जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। सबसे ज्यादा बुरे हालात आजाद चौक, सब्जी मंडी के पास व खटीकान चौक के साथ मोहल्ला रावका में हैं।
सफाई-व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने हेतु भले ही नगर परिषद ने करीब एक लाख की आबादी वाले शहर को चार जोन में बांटा हुआ है, इसके बावजूद नगर में सफाई का बुरा हाल है। नगर परिषद नारनौल के अंतर्गत 25 वार्ड बने हुए हैं और इन 25 वार्डों को चार जोन में बांटा गया है। इन चार जोन में से तीन जोन की सफाई का कार्य 175 कर्मचारियों के जिम्मे है। इनमें से 100 कर्मचारी डेली वेजिज या ठेके पर हैं, जबकि 70-75 कर्मचारी नगर परिषद के स्थायी सफाई कर्मचारी हैं। सफाई व्यवस्था ठीक रखने के लिए इतने कर्मचारी होने के बावजूद शहर में सफाई व्यवस्था लचर बनी हुई है।
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शहर के मुख्य बाजार में सब्जी मंडी के पास स्थित आजाद चौक पर सफाई व्यवस्था बुरी तरह चरमराई हुई है। यहां पर सही प्रकार से सफाई नहीं होने के कारण आसपास के दुकानदार भी परेशान हैं। दुकानदारों का कहना है कि नप के कर्मचारी कभी भी यहां से कूड़े का उठान नहीं करते। दस-दस दिन तक एक ही जगह कूड़ा सड़ता रहता है।
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175 में से ज्यादातर कर्मचारी व्यस्त
इन 175 कर्मचारियों में से ज्यादातर कर्मचारी विभिन्न कार्यों में व्यस्त रहते हैं। इनमें से दो दर्जन से अधिक कर्मचारी विभिन्न अधिकारियों की कोठियों पर ड्यूटी कर रहे हैं। वहीं 32 कर्मचारी शहर में कूड़ा उठाने के लिए चल रही ट्रालियों में लगे हुए हैं। कूड़ा उठाने के लिए लगाए गए आठ टैंपो पर भी दर्जनों कर्मचारी लगे हुए हैं। इस प्रकार 80-90 कर्मचारी विभिन्न जगहों पर काम कर रहे हैं।
नप ने मान रखी 80 हजार की आबादी, 400 व्यक्ति पर एक कर्मचारी
नगर परिषद ने शहर में 80 हजार की आबादी मानी हुई है। इसी के हिसाब से शहर में 180 सफाई कर्मचारी हैं, यानी 450 व्यक्तियों पर एक सफाई कर्मचारी है। वहीं हकीकत देखी जाए तो शहर की जनसंख्या करीब एक लाख है। ऐसे में एक लाख की आबादी वाले शहर की सफाई व्यवस्था का सही ढंग से चलाने में दिक्कत आ रही है। इनमें से भी कई कर्मचारी रोजाना छुट्टी पर भी रहते हैं।
शहर में सफाई का बुरा हाल है। बाजार में लगे कर्मचारी नियमित रूप से नहीं आते। इस कारण बाजार में गंदगी फैली हुई है। इससे लोगों को काफी परेशानी होती है।
-ओमप्रकाश
शहर में इन दिनों सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। शहर में कई जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। जिनका सही उठान नहीं होता। इससे आने-जाने वाले लोगों को परेशानी होती है।
-बस्तीराम
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री सफाई अभियान चलाकर लोगों को सफाई के प्रति प्रेरित कर रहे हैं। इसके बावजूद लोग व नगर परिषद के कर्मचारी शहर को गंदा करने में लगे हैं।
-श्यामलाल
शहर को साफ स्वच्छ रखना सभी का कर्तव्य है। लोगों को भी इसमें जागरूक होना होगा, नगर परिषद अगर सही ढंग से साफ सफाई करे तो शहर बिल्कुल साफ सुथरा दिखाई दे।
-मोहित बंसल
कूड़ा उठान की जेबीसी मशीन खराब हो जाने के कारण आज कूड़े का उठान नहीं हो पाया। वैसे शहर के बाजारों व मोहल्लों में प्रतिदिन सफाई की जा रही है। सफाई के साथ-साथ कूड़े उठाने का कार्य भी सही ढंग से चल रहा है, फिर भी कहीं कोई कमी मिलती है तो उसे भी दूर किया जाएगा।
-भारती सैनी, चेयरपर्सन, नगर परिषद, नारनौल।