फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   मौसम के तेवर देख किसानों की फूली सांसे, हल्की बूंदाबांदी से घबराए किसान

मौसम के तेवर देख किसानों की फूली सांसे, हल्की बूंदाबांदी से घबराए किसान

Fri, 15 Mar 2019 12:03 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 15 Mar 2019 12:03 AM IST
विज्ञापन
मौसम के तेवर देख किसानों की फूली सांसे, हल्की बूंदाबांदी से घबराए किसान
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

महेंद्रगढ़। क्षेत्र में पिछले दो दिन से बदलते मौसम के तेवर देख किसानों की सांसे फूली हुई हैं। वीरवार को मौसम के तेवर कुछ ज्यादा ही तीखे रहे। दिन भर बादल छाए रहे और रह-रह कर हल्की बूंदाबांदी होती रही। जिससे जनजीवन भी प्रभावित रहा। बूंदाबांदी के क्षेत्र में ठिठुरन बढ़ गई है।इसके साथ ही किसानों की चिंता बढ़ गई है।
विशेषज्ञ इस मौसम से सरसों में किसी तरह के नुकसान से इनकार कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार अगर तेज बरसात या ओलावृष्टि होती है तो ही सरसों की फसल को नुकसान होगा, अन्यथा किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। गेहूं के लिए इस मौसम के अनुकूल बता रहे हैं। दावों के अनुसार अगर अब गेहूं को कुछ दिन ऐसी ठंड मिलती रही तो पकाव बेहतर होगा। ऐसे में गेहूं की फसल का उत्पादन बढ़ेगा और किसानों को लाभ होगा।
विज्ञापन

वीरवार अलसुबह से ही मौसम बदला-बदला रहा। सुबह करीब साढ़े छह बजे बारिश के छींटों के साथ हवाओं का दौर शुरू हो गया। करीब सात बजे मौसम ने करवट बदली । आसमान में घने बादल छा गए। कुछ देर बाद ही हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। यह दौर दिन रह-रह कर जारी रहा। मौसम के तेवर देखकर मौसम विशेषज्ञों की तेज बारिश और ओलावृष्टि की भविष्यवाणी से किसानों की चिंता लगातार बढ़ती रही।
विज्ञापन
विज्ञापन

किसानों के माथे पर परेशानी साफ देखी गई। बादलों और बूंदाबांदी के बीच ही किसान अपनी सरसों की फसल को कटाई और एकत्रित करने में लगे रहे। किसान मौसम विभाग की भविष्यवाणी से डरे और सहमे रहे। इस बार क्षेत्र में करीब 72 हजार हेक्टेयर में सरसों की बिजाई की गई है।

वर्जन
हल्की बूंदाबांदी से किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। इस मौसम में सरसों की फसल को नुकसान की गुंजाइश नहीं है। अगर तेज बरसात या ओलावृष्टि होती है तो सरसों की फसल को भारी नुकसान होगा। गेहूं की फसल के लिए यह मौसम किसी वरदान से कम नहीं है। अगर कुछ दिनों तक गेहूं की फसल को ऐसी ठंड मिलती रही तो फसल में पकाव अच्छा होगा। ऐसे में उत्पादन बढ़ेगा और किसानों को लाभ होगा।

- डॉ. जयलाल, वरिष्ठ वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र, महेंद्रगढ़।


महंगी हुई मजदूरी
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल/महेंद्रगढ़। खेतों में पकी खड़ी सरसों की फसल खराब होने के डर से किसान महंगी मजदूरी देकर कटाई करवा रहे हैं। सरसों की कटाई के लिए मजदूर नहीं मिलने से दूसरे राज्य यूपी व मध्य प्रदेश से आए मजदूरों ने भी अपनी मजदूरी बढ़ा दी है। मजदूर किसानों से प्रति एकड़ 2800 रुपये से 3000 हजार रुपये ले रहे है। जिससे किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed