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अनुभवहीन चालकों से पहले दिन कई बसें हुई खराब,दूसरे दिन लोकल रूटों पर 90 बसों का हुआ संचालन
Updated Sun, 28 Oct 2018 12:15 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल 12वें दिन भी जारी रही। शनिवार को ठेके 180 चालकों-परिचालकों व पांच प्राबेशन चालकों की मदद से विभिन्न रूटों पर 90 बसों का संचालन हुआ। रोडवेज की बस सेवा दिन में सामान्य होती जा रही है लेकिन लंबे रूटों पर अभी भी यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। दूसरी ओर रोडवेज ने बसों के संचालन में व्यवधान पहुंचाने वाले 15 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। रोडवेज के जीएम राजीव नागपाल ने बताया कि 180 चालक-परिचालक ठेके पर लिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा पांच प्रोबेशन चालकों द्वारा बसों का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शनिवार को 90 बसों का विभिन्न रूटों पर संचालन किया गया। ठेके के कर्मचारी आने पर शनिवार को पुुलिस कर्मचारी नहीं आए। बसों को रेवाड़ी, गुरुग्राम, महेंद्रगढ़, नांगल चौधरी, कनीना, चरखी दादारी समेत राजस्थान रूटों पर भेजा गया। हालांकि लंबे रूटों पर अभी भी यात्रियों को असुविधा हो रही है। डिपो से रोहतक, हिसार, चंडीगढ़, भिवानी समेत अन्य जगहों के लिए सीधी बस सेवा अभी शुरू नहीं हो सकी है। ऐसे में लोग दो-तीन बसें बदलने के बाद मंजिल तक पहुंच रहे हैं। बता दें कि सरकार द्वारा निजी बसों को परमिट जारी करने को लेकर रोडवेज के कर्मचारी पिछले 12 दिन से हड़ताल पर है। सरकार और कर्मचारियों की लड़ाई में लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। शुक्रवार को सर्व कर्मचारी संघ से जुड़े विभिन्न विभागों के कर्मचारी एक दिन के सामूहिक अवकाश पर रहकर हड़ताली कर्मचारियों का समर्थन किया था। दूसरी ओर बिजली निगम के कर्मचारी भी हड़ताल पर चल रहे हैं।
अनुभवहीन चालकों से बसें हुई खराब-सरकार के निर्देशानुसार विभाग ने ठेके पर चालक-परिचालक रखे हैं। शुक्रवार को सौ बसों का विभिन्न रूटों पर बसों का संचालन हुआ था। मिली जानकारी के अनुसार नए चालकों में अनुभव की कमी के कारण कई बसों के क्ल्च-प्लेट में खराबी आ गई। ऐसे में इन बसों को दोबारा से रूट पर उतारने में रोडवेज प्रबंधन को परेशानी हुई। इसी प्रकार परिचालकों को किराए के बारे में पूर्ण जानकारी नहीं होने से समस्या आ रही है। हालांकि रोडवेज विभाग ने रूट वाइज किराया लिस्ट उपलब्ध कराया है ताकि परिचालक निर्धारित किराया अनुसार यात्री को टिकट दे सके।
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582 कर्मचारियों में से 29 ड्यूटी व 534 हड़ताल पर
रोडवेज के नारनौल डिपो में कुल 582 कर्मचारी है। इसमें शनिवार को ड्यूटी पर 29 कर्मचारी आए जबकि 534 अनुपस्थित/हड़ताल पर रहे। डिपो में परिचालक 218 है, जिसमें ड्यूटी पर कोई नहीं आया। मैनेजमेंट स्टाफ 63 में से 19, चालक 224 में से नौ ड्यूटी पर आए। इसके अलावा यार्ड मास्टर, निरीक्षक, उप निरीक्षक भी ड्यूटी पर नहीं आएं।
भर्ती के लिए चालक व परिचालकों लगी भीड़
रोडवेज कर्मचारियों की लगातार हड़ताल चलने के कारण ठेके पर चालक-परिचालक रखे जा रहे हैं। इसके लिए शनिवार को भी युवाओं की भीड़ लगी रही। इससे बस स्टैंड पर अफरा-तफरी जैसी स्थित बनी रही। इससे बसों के संचालन पर भी प्रभाथव पड़ा।
15 रोडवेज कर्मचारियों हुए निलंबित
बसों के संचालन में रुकावट डालने के आरोप में रोडवेज ने करीब 15 यूनियन के पदाधिकारी समेत अन्य को निलंबित कर दिया है। इस बारे में चंडीगढ़ से निर्देश मिलने के बाद जीएम ने ऐसे कर्मचारियों को निलंबित करने का आदेश जारी किया है। निलंबित कर्मचारियों की संख्या और भी बढ़ सकती है। हड़ताल के दौरान कुछ यूनियन के नेताओं ने कार्य में व्यवधान डालने का प्रयास किया था। जिस पर एस्मा के तहत कार्रवाई की गई थी।
आउटसोर्स पर होगी भर्ती
दूसरी ओर सरकार ने चालकों-परिचालकों के आउटसोर्सिंग पर रखने के लिए दिशा निर्देश जारी कर दिया है। इसके लिए एक टीम बनेगी। इसके बाद रोजगार विभाग से मिले आवेदनों में से योग्य उम्मीदवारों के चयन के लिए प्रक्रिया शुरू होगी। नारनौल में 34 चालक-परिचालक रखे जाने हैं। हालांकि जिले में करीब 6928 युवाओं ने आवेदन किया। इसमें 2914 चालक तथा 4014 परिचालक के आवेदन शामिल है।
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नारनौल। रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल 12वें दिन भी जारी रही। शनिवार को ठेके 180 चालकों-परिचालकों व पांच प्राबेशन चालकों की मदद से विभिन्न रूटों पर 90 बसों का संचालन हुआ। रोडवेज की बस सेवा दिन में सामान्य होती जा रही है लेकिन लंबे रूटों पर अभी भी यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। दूसरी ओर रोडवेज ने बसों के संचालन में व्यवधान पहुंचाने वाले 15 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। रोडवेज के जीएम राजीव नागपाल ने बताया कि 180 चालक-परिचालक ठेके पर लिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा पांच प्रोबेशन चालकों द्वारा बसों का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शनिवार को 90 बसों का विभिन्न रूटों पर संचालन किया गया। ठेके के कर्मचारी आने पर शनिवार को पुुलिस कर्मचारी नहीं आए। बसों को रेवाड़ी, गुरुग्राम, महेंद्रगढ़, नांगल चौधरी, कनीना, चरखी दादारी समेत राजस्थान रूटों पर भेजा गया। हालांकि लंबे रूटों पर अभी भी यात्रियों को असुविधा हो रही है। डिपो से रोहतक, हिसार, चंडीगढ़, भिवानी समेत अन्य जगहों के लिए सीधी बस सेवा अभी शुरू नहीं हो सकी है। ऐसे में लोग दो-तीन बसें बदलने के बाद मंजिल तक पहुंच रहे हैं। बता दें कि सरकार द्वारा निजी बसों को परमिट जारी करने को लेकर रोडवेज के कर्मचारी पिछले 12 दिन से हड़ताल पर है। सरकार और कर्मचारियों की लड़ाई में लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। शुक्रवार को सर्व कर्मचारी संघ से जुड़े विभिन्न विभागों के कर्मचारी एक दिन के सामूहिक अवकाश पर रहकर हड़ताली कर्मचारियों का समर्थन किया था। दूसरी ओर बिजली निगम के कर्मचारी भी हड़ताल पर चल रहे हैं।
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अनुभवहीन चालकों से बसें हुई खराब-सरकार के निर्देशानुसार विभाग ने ठेके पर चालक-परिचालक रखे हैं। शुक्रवार को सौ बसों का विभिन्न रूटों पर बसों का संचालन हुआ था। मिली जानकारी के अनुसार नए चालकों में अनुभव की कमी के कारण कई बसों के क्ल्च-प्लेट में खराबी आ गई। ऐसे में इन बसों को दोबारा से रूट पर उतारने में रोडवेज प्रबंधन को परेशानी हुई। इसी प्रकार परिचालकों को किराए के बारे में पूर्ण जानकारी नहीं होने से समस्या आ रही है। हालांकि रोडवेज विभाग ने रूट वाइज किराया लिस्ट उपलब्ध कराया है ताकि परिचालक निर्धारित किराया अनुसार यात्री को टिकट दे सके।
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582 कर्मचारियों में से 29 ड्यूटी व 534 हड़ताल पर
रोडवेज के नारनौल डिपो में कुल 582 कर्मचारी है। इसमें शनिवार को ड्यूटी पर 29 कर्मचारी आए जबकि 534 अनुपस्थित/हड़ताल पर रहे। डिपो में परिचालक 218 है, जिसमें ड्यूटी पर कोई नहीं आया। मैनेजमेंट स्टाफ 63 में से 19, चालक 224 में से नौ ड्यूटी पर आए। इसके अलावा यार्ड मास्टर, निरीक्षक, उप निरीक्षक भी ड्यूटी पर नहीं आएं।
भर्ती के लिए चालक व परिचालकों लगी भीड़
रोडवेज कर्मचारियों की लगातार हड़ताल चलने के कारण ठेके पर चालक-परिचालक रखे जा रहे हैं। इसके लिए शनिवार को भी युवाओं की भीड़ लगी रही। इससे बस स्टैंड पर अफरा-तफरी जैसी स्थित बनी रही। इससे बसों के संचालन पर भी प्रभाथव पड़ा।
15 रोडवेज कर्मचारियों हुए निलंबित
बसों के संचालन में रुकावट डालने के आरोप में रोडवेज ने करीब 15 यूनियन के पदाधिकारी समेत अन्य को निलंबित कर दिया है। इस बारे में चंडीगढ़ से निर्देश मिलने के बाद जीएम ने ऐसे कर्मचारियों को निलंबित करने का आदेश जारी किया है। निलंबित कर्मचारियों की संख्या और भी बढ़ सकती है। हड़ताल के दौरान कुछ यूनियन के नेताओं ने कार्य में व्यवधान डालने का प्रयास किया था। जिस पर एस्मा के तहत कार्रवाई की गई थी।
आउटसोर्स पर होगी भर्ती
दूसरी ओर सरकार ने चालकों-परिचालकों के आउटसोर्सिंग पर रखने के लिए दिशा निर्देश जारी कर दिया है। इसके लिए एक टीम बनेगी। इसके बाद रोजगार विभाग से मिले आवेदनों में से योग्य उम्मीदवारों के चयन के लिए प्रक्रिया शुरू होगी। नारनौल में 34 चालक-परिचालक रखे जाने हैं। हालांकि जिले में करीब 6928 युवाओं ने आवेदन किया। इसमें 2914 चालक तथा 4014 परिचालक के आवेदन शामिल है।