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छह महीने बीत जाने के बाद भी नगरपालिका का बजट नहीं हुआ पास
Updated Fri, 28 Sep 2018 09:28 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। छह महीने बीतने के बाद भी नगरपालिका का सवा 11 करोड़ बजट पास नहीं हो पाया। बजट पास न होने का मुख्य कारण जी-1 फॉर्म न भरा जाना रहा है। नपा अधिकारियों की इस लापरवाही के कारण शहर में विकास कार्य नहीं हो पा रहे। जिस समय पालिका द्वारा कार्रवाई रजिस्टर भेजा गया था तो उस समय जी-1 फॉर्म नहीं भेजा गया। इस कारण जिला उपायुक्त कार्यालय ने कार्रवाई पर ओबजेक्शन लगाकर भेज दिया। ओब्जेक्शन लगने के बाद आज तक नगरपालिका अधिकारियों की नींद नहीं खुली है। बजट जारी नहीं होने के कारण नपा कर्मचारियों को वेतन भी नहीं मिल रहा। इसके अलावा विकास कार्य भी रुके हुए हैं। शहर की सड़कें जगह-जगह टूटी हुई हैं, जगह-जगह जलभराव है, लेकिन बजट पास नहीं होने के कारण कोई काम नहीं हो पा रहा।
बता दें कि शहरी सरकार ने 16 फरवरी 2018 को अपना दूसरा आम बजट पेश किया था। बजट में 2018-19 वर्ष में नपा कुल 27 मदों पर 11 करोड़ 26 लाख 95 हजार 227 रुपये खर्च करने का प्रावधान था। बजट की बैठक में छह पार्षद अनुपस्थित थे। इसके अलावा तत्कालीन नगरपालिका सचिव राजेश वर्मा बैठक शुरू होने से 15 मिनट पहले चले गए थे। परिवार में किसी की मौत होने के कारण उन्हें छुट्टी लेकर जाना पड़ा। उनकी अनुपस्थिति में ही नपा चेयरपर्सन ने बैठक कर ली। बैठक की कार्रवाई जिला उपायुक्त के पास भेज दी थी। इसके बाद जिला उपायुक्त कार्यालय से जी-1 फॉर्म का ओबजेक्शन लगकर आया था। उसके बाद नपा के अधिकारियों ने बजट को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया और बजट आज तक पेंडिंग है। जोकि अप्रैल में जारी हो जाना था।
छह महीने में बदले तीन सचिव, दो एमई
पिछले छह माह में नगरपालिका तीन सचिव तथा दो एमई का तबादला हो चुका है। लेकिन किसी अधिकारी को महेंद्रगढ़ शहर के विकास की याद नहीं आई। इसके अलावा कर्मचारी वेतन मांगते रह गए परंतु किसी ने उनके वेतन पर ध्यान नहीं दिया। आम बजट के समय नपा सचिव राजेश वर्मा थे। उसके बाद कुछ समय राजाराम के पास अतिरिक्त चार्ज रहा। इसके बाद हंसराज सोनी सचिव आए थे। वो भी दो तीन महीने बिता कर चले गए। उसके बाद विनय कुमार आए, जो वर्तमान में नपा कार्यालय में महेंद्रगढ़ में कार्यरत हैं। छह महीने में किसी ने भी बजट की तरफ ध्यान नहीं दिया। बिना बजट के ही पैसे खर्च किए जा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो नपा अभी तक कुल बजट का उधार पर 20 प्रतिशत पैसा खर्च कर चुकी है।
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शहर के इन कार्यों पर खर्च होना है बजट
2018-19 वर्ष में नपा का कुल 27 मदों पर 11 करोड़ 26 लाख 95 हजार 227 रुपचे खर्च करेगी। वेतन अदायगी पर पांच करोड़ रुपये, पार्षदों के भत्ते 10 लाख रुपये, स्टेशन पर दो लाख रुपये, आडिट फीस की अदायगी 18 लाख रुपये, लीगल एडवाइजर एवं वकीलों की फीस पांच लाख रुपये, सेवानिवृत्त कर्मचारियों की देनदारी 40 लाख रुपये, कंटीजेंसी पर 10 लाख, कर्मचारियों का यात्रा भत्ता एवं बिलों की अदायगी दस लाख, एक प्रतिशत निदेशालय को शुद्ध आय की अदायगी 12 लाख 22 हजार 227 रुपये, लाइब्रेरी 50 हजार रुपये खर्च किए जाने हैं। इसके अलावा स्ट्रीट लाइटों का ठेका एवं रख-रखाव पर 45 लाख रुपये, सफाई का ठेका एक करोड़ 20 लाख रुपये, सिक्योरिटी वापसी 25 लाख रुपये, ट्रैक्टर एवं टैंपों की रिपेयर पांच लाख रुपये, प्राइमरी स्कूल मरम्मत पांच हजार रुपये, गाड़ी का डीजल 10 लाख रुपये, कर्जा अदायगी पांच लाख रुपये, जलपान खर्चा 18 हजार रुपये, टेेलीफोन एवं ब्राडबैंड बिल दो लाख रुपये, बिजली बिल की अदायगी एक करोड़ 50 लाख रुपये, फर्नीचर खरीद पर दो लाख रुपये, गाड़ी खरीद करने या जेसीबी खरीदने के लिए 20 लाख रुपये, सातवें वेतन आयोग एरियर एवं अन्य के लिए 30 लाख रुपये, पेंशन शेयर की अदायगी 12 लाख रुपये, विकास कार्य एमसी फंड से एक करोड़ रुपये, चुनाव एवं फुटकर खर्चा पर दो लाख रुपये खर्च किए जाने हैं।
वर्जन
एलएफए ऑफिसर से इस बारे में पता किया है, उन्होंने बताया था कि नगरपालिका ने जी-1 फॉर्म लगाकर नहीं भेजा था। जिस कारण बजट पर ओबजेक्शन लगा हुआ है। जी-1 फॉर्म आने के बाद बजट जारी कर दिया जाएगा।
- डॉ. गरिमा मित्तल, जिला उपायुक्त, महेंद्रगढ़।
वर्जन
मैं एक सप्ताह पहले बजट के लिए जिला उपायुक्त कार्यालय गया था। तब पता लगा था कि जी-1 फॉर्म भरकर नहीं भेजा था। दो-तीन दिन में फार्म भेज दिया जाएगा, इस पर अकाउंटेंट काम कर रहा है।
- विनय कुमार, सचिव, नगर पलिका, महेंद्रगढ़।
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महेंद्रगढ़। छह महीने बीतने के बाद भी नगरपालिका का सवा 11 करोड़ बजट पास नहीं हो पाया। बजट पास न होने का मुख्य कारण जी-1 फॉर्म न भरा जाना रहा है। नपा अधिकारियों की इस लापरवाही के कारण शहर में विकास कार्य नहीं हो पा रहे। जिस समय पालिका द्वारा कार्रवाई रजिस्टर भेजा गया था तो उस समय जी-1 फॉर्म नहीं भेजा गया। इस कारण जिला उपायुक्त कार्यालय ने कार्रवाई पर ओबजेक्शन लगाकर भेज दिया। ओब्जेक्शन लगने के बाद आज तक नगरपालिका अधिकारियों की नींद नहीं खुली है। बजट जारी नहीं होने के कारण नपा कर्मचारियों को वेतन भी नहीं मिल रहा। इसके अलावा विकास कार्य भी रुके हुए हैं। शहर की सड़कें जगह-जगह टूटी हुई हैं, जगह-जगह जलभराव है, लेकिन बजट पास नहीं होने के कारण कोई काम नहीं हो पा रहा।
बता दें कि शहरी सरकार ने 16 फरवरी 2018 को अपना दूसरा आम बजट पेश किया था। बजट में 2018-19 वर्ष में नपा कुल 27 मदों पर 11 करोड़ 26 लाख 95 हजार 227 रुपये खर्च करने का प्रावधान था। बजट की बैठक में छह पार्षद अनुपस्थित थे। इसके अलावा तत्कालीन नगरपालिका सचिव राजेश वर्मा बैठक शुरू होने से 15 मिनट पहले चले गए थे। परिवार में किसी की मौत होने के कारण उन्हें छुट्टी लेकर जाना पड़ा। उनकी अनुपस्थिति में ही नपा चेयरपर्सन ने बैठक कर ली। बैठक की कार्रवाई जिला उपायुक्त के पास भेज दी थी। इसके बाद जिला उपायुक्त कार्यालय से जी-1 फॉर्म का ओबजेक्शन लगकर आया था। उसके बाद नपा के अधिकारियों ने बजट को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया और बजट आज तक पेंडिंग है। जोकि अप्रैल में जारी हो जाना था।
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छह महीने में बदले तीन सचिव, दो एमई
पिछले छह माह में नगरपालिका तीन सचिव तथा दो एमई का तबादला हो चुका है। लेकिन किसी अधिकारी को महेंद्रगढ़ शहर के विकास की याद नहीं आई। इसके अलावा कर्मचारी वेतन मांगते रह गए परंतु किसी ने उनके वेतन पर ध्यान नहीं दिया। आम बजट के समय नपा सचिव राजेश वर्मा थे। उसके बाद कुछ समय राजाराम के पास अतिरिक्त चार्ज रहा। इसके बाद हंसराज सोनी सचिव आए थे। वो भी दो तीन महीने बिता कर चले गए। उसके बाद विनय कुमार आए, जो वर्तमान में नपा कार्यालय में महेंद्रगढ़ में कार्यरत हैं। छह महीने में किसी ने भी बजट की तरफ ध्यान नहीं दिया। बिना बजट के ही पैसे खर्च किए जा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो नपा अभी तक कुल बजट का उधार पर 20 प्रतिशत पैसा खर्च कर चुकी है।
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शहर के इन कार्यों पर खर्च होना है बजट
2018-19 वर्ष में नपा का कुल 27 मदों पर 11 करोड़ 26 लाख 95 हजार 227 रुपचे खर्च करेगी। वेतन अदायगी पर पांच करोड़ रुपये, पार्षदों के भत्ते 10 लाख रुपये, स्टेशन पर दो लाख रुपये, आडिट फीस की अदायगी 18 लाख रुपये, लीगल एडवाइजर एवं वकीलों की फीस पांच लाख रुपये, सेवानिवृत्त कर्मचारियों की देनदारी 40 लाख रुपये, कंटीजेंसी पर 10 लाख, कर्मचारियों का यात्रा भत्ता एवं बिलों की अदायगी दस लाख, एक प्रतिशत निदेशालय को शुद्ध आय की अदायगी 12 लाख 22 हजार 227 रुपये, लाइब्रेरी 50 हजार रुपये खर्च किए जाने हैं। इसके अलावा स्ट्रीट लाइटों का ठेका एवं रख-रखाव पर 45 लाख रुपये, सफाई का ठेका एक करोड़ 20 लाख रुपये, सिक्योरिटी वापसी 25 लाख रुपये, ट्रैक्टर एवं टैंपों की रिपेयर पांच लाख रुपये, प्राइमरी स्कूल मरम्मत पांच हजार रुपये, गाड़ी का डीजल 10 लाख रुपये, कर्जा अदायगी पांच लाख रुपये, जलपान खर्चा 18 हजार रुपये, टेेलीफोन एवं ब्राडबैंड बिल दो लाख रुपये, बिजली बिल की अदायगी एक करोड़ 50 लाख रुपये, फर्नीचर खरीद पर दो लाख रुपये, गाड़ी खरीद करने या जेसीबी खरीदने के लिए 20 लाख रुपये, सातवें वेतन आयोग एरियर एवं अन्य के लिए 30 लाख रुपये, पेंशन शेयर की अदायगी 12 लाख रुपये, विकास कार्य एमसी फंड से एक करोड़ रुपये, चुनाव एवं फुटकर खर्चा पर दो लाख रुपये खर्च किए जाने हैं।
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एलएफए ऑफिसर से इस बारे में पता किया है, उन्होंने बताया था कि नगरपालिका ने जी-1 फॉर्म लगाकर नहीं भेजा था। जिस कारण बजट पर ओबजेक्शन लगा हुआ है। जी-1 फॉर्म आने के बाद बजट जारी कर दिया जाएगा।
- डॉ. गरिमा मित्तल, जिला उपायुक्त, महेंद्रगढ़।
वर्जन
मैं एक सप्ताह पहले बजट के लिए जिला उपायुक्त कार्यालय गया था। तब पता लगा था कि जी-1 फॉर्म भरकर नहीं भेजा था। दो-तीन दिन में फार्म भेज दिया जाएगा, इस पर अकाउंटेंट काम कर रहा है।
- विनय कुमार, सचिव, नगर पलिका, महेंद्रगढ़।