फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   नई अनाज मंडी में छह घंटे बाद हुई सरसों की खरीद, किसानों को हुई परेशानी

नई अनाज मंडी में छह घंटे बाद हुई सरसों की खरीद, किसानों को हुई परेशानी

Thu, 11 Apr 2019 01:03 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 11 Apr 2019 01:03 AM IST
विज्ञापन
नई अनाज मंडी में छह घंटे बाद हुई सरसों की खरीद, किसानों को हुई परेशानी

विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। सरसों की खरीद को लेकर किसानों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पुरानी मंडी में जगह कम होने से प्रशासन ने नई अनाज मंडी में बुधवार से सरसों की खरीद शुरू करा दी। पहले दिन नई अनाज मंडी में दोपहर बाद तीन बजे सरसों की खरीद शुरू हो सकी। पहले दिन 4600 बैग सरसों की खरीद हुई। बता दें कि 28 अप्रैल से सरसों की खरीद पुरानी अनाज मंडी नारनौल में चल रही थी। सरसों की आवक बढ़ने के कारण मंगलवार केे पुरानी मंडी में जगह कम हो गई। एजेंसी ने किसानों से सरसों की ढेरी लगाने के बाद खरीद करने की बात कही । जगह कम होने से किसान ढेरी नहीं लगा पा रहे थे। इस पर किसानों ने हैफेड के खरीद मैनेजर को बंधक बना लिया था। इसके बाद प्रशासन नींद से जागा और नांगल चौधरी रोड स्थित नई अनाज मंडी में बुधवार को खरीद कार्य कराने की बात कही थी। जिस पर कई किसान मंगलवार की शाम से ही सरसों लेकर नई अनाज मंडी पहुंच गए। उन्होंने पूरी रात मच्छरों के बीच गुजारनी पड़ी। सुबह मंडी में सरसों की ढेरी लगाकर खरीद मैनेजर का इंतजार करते रहे। दोपहर करीब तीन बजे खरीद मैनेजर के पहुंचने पर नई मंडी में खरीद शुरू हो सकी। इससे किसानों को राहत मिली। दूसरी ओर पुरानी अनाज मंडी में उठान न होने से सरसों से मंडी भरी हुई थी।
मंगलवार की रात आठ बजे ही नई मंडी में सरसों लेकर पहुंच गया था। नई मंडी में रात भर मच्छर काटते रहे। भूखे प्यासे किसानों की सुबह से दोपहर एक बजे तक सरसों की खरीद नहीं हो सकी थी। सरसों किसानों की समस्या को लेकर सरकार गंभीर नहीं है।
विज्ञापन

पन्ना लाल, किसान, पल्हागांव
शाम छह बजे ही सरसों लेकर मंडी पहुंच गया था। पूरी रात मंडी में ही बितानी पड़ी। सुबह भी सरसों की खरीद नहीं हो सकी। नई मंडी में जगह तो पर्याप्त है लेकिन अभी सुविधाओं की कमी है। सरकार को किसानों के और सुविधाए उपलब्ध करानी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

नवरतन, किसान, ताजीपुर गांव
रात एक बजे नई मंडी में ट्रैक्टर-ट्राली से सरसों लेकर पहुंच गया था। उम्मीद थी कि सुबह सरसों की खरीद हो जाएगी लेकिन दोपहर बाद हो पाई। कमेटी को किसानों की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। पुरानी मंडी में किसानों को परेशानी हो रही थी।
भोलराम, किसान
सरकारी रेट पर सरसों बेचना आसान नहीं है। गेट पास से लेकर बेचने तक किसानों को धक्के खाने पड़ रहे हैं। नई मंडी में आने से जगह की समस्या दूर हो गई है। गेट पास के लिए तीन कंप्यूटर सेट लगाने चाहिए। जिससे की धूप में किसानों को गेट पास के लिए लाइन में खड़ा न होना पड़े।
धौलाराम, किसान
नई अनाज मंडी खरीद होने से किसानों को राहत मिली है। अब किसानों को सरसों की ढेरी लगाने और वाहन पार्क करने की परेशानी नहीं उठानी पड़ रही है। मार्केट कमेटी को किसानों की समस्याओं की ओर ध्यान देनेे चाहिए। मंडी में टेंट और पानी का इंतजाम करना चाहिए।
महाराम, डेलीगेट
पहले दिन खरीद मैनेजर के देर से आने से काफी देर तक मंडी में रुकना पड़ा। नई अनाज मंडी में किसानों को अन्य मामलों में राहत मिली है। दूसरा कमेटी को अब नई मंडी में पानी समेत अन्य सुविधाएं बेहतर करनी चाहिए। जिससे गर्मी में किसानों को परेशानी न उठानी पड़े।

हनुमान, किसान
पुुरानी मंडी में मंगलवार को काफी सरसों की आवक हुई थी। उसे पूरा करने में बुधवार को दोपहर तक समय लगा। इससे नई मंडी में खरीद कार्य में विलंब हुआ। वीरवार से यह समस्या नहीं आएगी। नई अनाज मंडी में पर्याप्त जगह है। ऐसे में किसानों व आढ़तियों को परेशानी नहीं होगी।
नई मंडी में काफी संख्या में आढ़ती आ गए हैं। जिससे किसानों के साथ आढ़तियों को भी राहत मिली है। एक-दो दिन में सभी व्यवस्थाएं पटरी पर आ जाएगी।
अशोक यादव, प्रधान, द खाद्यान्न एसोसिएशन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed