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गेट पास भी कटा, नमी भी ठीक फिर भी नहीं बिकी किसानों की सरसों
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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। गेट पास मिल गया, नमी के मानकों पर भी खरी उतरी फिर भी किसानों की सरसों की खरीद नहीं हो सकी। हेंडलिंग एजेंटों ने व्यवस्था न होने के चलते खरीद नहीं की। जिस कारण मंडी में किसानों की सरसों का उठान नहीं हो सका। किसान शुक्रवार को आसमान में बादल देखकर दिन भर घबराते रहे। किसानों ने देर शाम डीसी को फोन कर अपनी व्यथा सुनाई। इसके बाद भी समाधान नहीं हो सका।
गांव बेरावास से आए किसान ओमप्रकाश ने बताया कि वीरवार को सरसों लेकर महेंद्रगढ़ अनाज मंडी में पहुंचा था। शाम चार बजे तक वह गेट पास को लेकर चक्कर लगाता रहा। उसे गेट पास मिला तो हैफेड के अधिकारियों ने नमी की मात्रा अधिक बता दी थी। जिसके बाद खरीद नहीं हो सकी। ओमप्रकाश ने बताया कि वह तीन किसानों की सरसों लेकर आया है। तीनों के अलग अलग गेट पास कटवाए गए हैं। शुक्रवार सुबह ही उसने सरसों को फैलाकर सुखाना शुरू कर दिया था। दिन में कई बार सरसों को पलटते रहे। दोपहर बाद हैफेड के परचेजर ने नमी जांची तो मानकों के अनुसार आठ प्रतिशत मिली। इसके बाद उसकी सरसों खरीद के आदेश हुए। लेकिन हेंडलिंग एजेंट के पास मजदूर न होने के कारण सरसों की तुलाई नहीं हो सकी।
बुड़ीन गांव के दो किसान भी शुक्रवार को सरसों लेकर मंडी में पहुंचे। सरसों में आठ प्रतिशत नमी होने के बावजूद इन किसानों की सरसों भी नहीं खरीदी जा सकी। सतनाली अनाज मंडी में कोई किसान सरसों लेकर नहीं पहुंचा। कनीना मंडी में भी सरसों की खरीद नहीं हो सकी।
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किसानों ने डीसी को सुनाई व्यथा
ओमप्रकाश ने शुक्रवार शाम डीसी डॉ. गरिमा मित्तल को फोन कर अपनी व्यथा सुनाई। किसान ने कहा कि रात भर मंडी में सोना पड़ेगा। उसने बताया कि वह ओमप्रकाश, संजीव, बीना, कमला, राकेश के नाम से गेट पास लेकर आए हैं। खरीदारी नहीं होने के कारण दो दिन से मंडी में हैं। डीसी ने कहा कि एसडीएम समाधान कराएंगे। ओमप्रकाश ने कहा कि शनिवार दोपहर तक उसकी सरसों नहीं खरीदी गई तो सरसों वापस लेकर जाएंगे।
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महेंद्रगढ़। गेट पास मिल गया, नमी के मानकों पर भी खरी उतरी फिर भी किसानों की सरसों की खरीद नहीं हो सकी। हेंडलिंग एजेंटों ने व्यवस्था न होने के चलते खरीद नहीं की। जिस कारण मंडी में किसानों की सरसों का उठान नहीं हो सका। किसान शुक्रवार को आसमान में बादल देखकर दिन भर घबराते रहे। किसानों ने देर शाम डीसी को फोन कर अपनी व्यथा सुनाई। इसके बाद भी समाधान नहीं हो सका।
गांव बेरावास से आए किसान ओमप्रकाश ने बताया कि वीरवार को सरसों लेकर महेंद्रगढ़ अनाज मंडी में पहुंचा था। शाम चार बजे तक वह गेट पास को लेकर चक्कर लगाता रहा। उसे गेट पास मिला तो हैफेड के अधिकारियों ने नमी की मात्रा अधिक बता दी थी। जिसके बाद खरीद नहीं हो सकी। ओमप्रकाश ने बताया कि वह तीन किसानों की सरसों लेकर आया है। तीनों के अलग अलग गेट पास कटवाए गए हैं। शुक्रवार सुबह ही उसने सरसों को फैलाकर सुखाना शुरू कर दिया था। दिन में कई बार सरसों को पलटते रहे। दोपहर बाद हैफेड के परचेजर ने नमी जांची तो मानकों के अनुसार आठ प्रतिशत मिली। इसके बाद उसकी सरसों खरीद के आदेश हुए। लेकिन हेंडलिंग एजेंट के पास मजदूर न होने के कारण सरसों की तुलाई नहीं हो सकी।
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बुड़ीन गांव के दो किसान भी शुक्रवार को सरसों लेकर मंडी में पहुंचे। सरसों में आठ प्रतिशत नमी होने के बावजूद इन किसानों की सरसों भी नहीं खरीदी जा सकी। सतनाली अनाज मंडी में कोई किसान सरसों लेकर नहीं पहुंचा। कनीना मंडी में भी सरसों की खरीद नहीं हो सकी।
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किसानों ने डीसी को सुनाई व्यथा
ओमप्रकाश ने शुक्रवार शाम डीसी डॉ. गरिमा मित्तल को फोन कर अपनी व्यथा सुनाई। किसान ने कहा कि रात भर मंडी में सोना पड़ेगा। उसने बताया कि वह ओमप्रकाश, संजीव, बीना, कमला, राकेश के नाम से गेट पास लेकर आए हैं। खरीदारी नहीं होने के कारण दो दिन से मंडी में हैं। डीसी ने कहा कि एसडीएम समाधान कराएंगे। ओमप्रकाश ने कहा कि शनिवार दोपहर तक उसकी सरसों नहीं खरीदी गई तो सरसों वापस लेकर जाएंगे।