आपका शहर Close

गायों की मौत रोकने के लिए बनाई एडहाक कमेटी, मगर हुआ उल्टा

Rohtak Bureau

Rohtak Bureau

Updated Fri, 13 Oct 2017 11:23 PM IST
फोटो नंबर पांच से सात
रुक नहीं रहा गायों के मरने का सिलसिला
-18 माह में कहां चली गईं 1000 से अधिक गायें, एक माह में ही मर गईं 109, नहीं कराया गया पोस्टमार्टम
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। यहां की गोपाल गोशाला में गायों की लगातार हो रही मौत के बाद प्रबंधन कमेटी को भंग कर बनी एडहॉक कमेटी की निगरानी में हालत और बिगड़ने लगी है।
18 माह पहले बनी कमेटी की निगरानी में गायें सुरक्षित रहने की बजाय और मर रही हैं। वहीं गोशाला में गायों का कोई रिकार्ड दर्ज नहीं है। आधिकारिक रूप से यह नहीं कहा जा सकता कि कितनी गायों की मौत हो गई, पर गोशाला के सूत्रों की मानें तो यहां 18 माह में एक हजार के करीब गायें लापता हो गईं। या यूं कहें कि इन गायों की मौत हो गई। गोशाला में 109 गायों के मरने की पुष्टि तो यहां के एक सेवक ने मीडिया के सामने की भी थी। ऐसे में गोशाला में मर रही गायों की मौत का जिम्मेवार अब कौन है इस विषय में कमेटी के सदस्य व प्रशासन मौन हैं? वहीं रोज मर रही गायों का किसी ने पोस्टमार्टम तक कराने की जहमत नहीं उठाई।
करीब 125 साल पुरानी गोपाल गोशाला शहर की पहली व जिला की सबसे बड़ी गोशाला है। करीब तीन से चार एकड़ में फैली इस गोशाला में दो हजार के करीब गायों को रखा जा सकता है। गत 18 माह पूर्व फरवरी 2016 में यहां पर कई गायों की लगातार मौत हो गई थी। इस मामले को जब वहां की गायों की लगातार मौत होने के बाद यहां के लोगों ने इसका विरोध किया। ज्यादा विरोध होने पर प्रदेश स्तर की गोरक्षा दलों व अधिकारियों ने गोशाला का दौरा कर उस समय बनी गोशाला की कमेटी को बर्खास्त कर दिया गया था। उस समय के प्रधान रहे रामकुमार भोजावासिया ने बताया था कि यहां पर करीब 2200 गायें थीं। मगर अब 18 माह बाद यहां गोशाला में गायों की संख्या घटकर 1100 रह गई है, जबकि 300 गाय गोशाला में नगर परिषद की ओर से भी छुड़वाई गई थी। वहीं गोशाला के सेवकों ने मीडिया के सामने यह भी स्वीकार किया था कि गोशाला में एक माह में करीब 109 गाय मर चुकी हैं।

करोड़ों रुपये की है गोशाला की जमीन
गोपाल गोशाला की करोड़ों रुपये की जमीन है। यह गोशाला तीन से चार एकड़ में फैली है। वहीं गोशाला के साथ लगती जमीन पर करीब 250 दुकानें भी हैं। इनका लाखों रुपये किराया हर माह आता है। अकेले बायल गांव में 110 एकड़ जमीन है। वहीं यदुवंशी स्कूल के पास करोड़ों की जमीन है, नांगल कालिया व ढाणी बाठोठा आदि में भी जमीन है।

चकोटा पर दे देते हैं जमीनों को
गोशाला के सूत्रों के अनुसार इन जमीनों को गोशाला प्रबंध समिति चकोटा (किराये) पर खेती करने के लिए देती है। इन जमीनों से गोशाला को करीब 15 लाख रुपये की आमदनी सालाना होती है।

रोज मरी गायें, एक का भी नहीं हुआ पोस्टमार्टम
गोशाला में वर्षों से गाये मर रही हैं, मगर अभी तक किसी भी गाय का पोस्टमार्टम नहीं हुआ है। गोशाला एडहाक कमेटी के सदस्य बद्री प्रसाद गर्ग ने बताया कि इस कमेटी में ही नहीं, पुरानी कमेटी में भी कभी भी किसी भी गोवंश के मरने पर पोस्टमार्टम नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि गायों को मरने के बाद उनका अंतिम क्रिया सही प्रकार से की जाती है।

कैसे हुई गायों की मौत, नहीं जानता कोई
गायों की मौत कैसे हुई, इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। न तो गोशाला एडहाक कमेटी व न ही पशु चिकित्सक इस बारे में सही बता सकते। पशु चिकित्सकों की मानें तो बिना पोस्टमार्टम के पशु की मौत के कारणों का पता नहीं लगाया जा सकता। गायों की मौत मौसम परिवर्तन, चारे की कमी या पॉलिथीन की वजह से हो सकती है।

गायों को चाहिये रोज 10 से 12 किलो हरा चारा
पशु पालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. नसीब सिंह ने बताया कि एक गाय को रोजाना करीब दस से 12 किलो हरा चारा, तीन किलो सूखा चारा व पर्याप्त मात्रा में पानी मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि 120 बाई 33 स्क्वायर फीट जगह पर 200 पशुओं को रखा जा सकता है।

गायों के रखने के लिए पर्याप्त इंतजाम हैं। किसी भी प्रकार की कोई कमी गोशाला में नहीं हैं। आज तक किसी भी गाय का पोस्टमार्टम नहीं हुआ है। गायों के मरने का कारण चारे या पानी की कमी नहीं है। यहां की गोशाला में कभी भी 2200 गायें नहीं थीं। यहां केवल 1200 गायें रखने की ही जगह है।
-बद्री प्रसाद गर्ग, सदस्य एडहॉक कमेटी

अभी तक किसी भी गाय का पोस्टमार्टम नहीं हुआ है। अब जिले की सभी गोशालाओं में गायों की मौत को दर्ज करने के लिए रजिस्टर रखवा दिया गया है। इसमें गोशाला प्रबंधकों को गायों की मौत के कारणों को लिखना होगा।
-डॉ. नसीब सिंह, डिप्टी डायरेक्टर पशु पालन विभाग, जिला महेंद्रगढ़

यदि गोशाला में इस तरह रोज गायें मर रही हैं तो वह निंदनीय है। इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। गाय के मरने के कारणों का पता लगाया जाना चाहिए। गोशाला में गायों की किसी भी प्रकार की नजरअंदाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रदेश सरकार गोसंरक्षण व संवर्धन के लिए प्रयासरत है। इस तरह की घटना बहुत ही शर्मनाक है। इसमें जो भी दोषी है, उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए।
-हेमंत शर्मा, गोरक्षा प्रमुख विश्व हिंदू परिषद हरियाणा
Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

विराट-अनुष्का की शादी में एक मेहमान का खर्च था 1 करोड़, पूरी शादी का खर्च सुन दिमाग हिल जाएगा

  • मंगलवार, 12 दिसंबर 2017
  • +

OMG: विराट ने अनुष्का को पहनाई 1 करोड़ की अंगूठी, 3 महीने तक दुनिया के हर कोने में ढूंढा

  • मंगलवार, 12 दिसंबर 2017
  • +

मांग में सिंदूर, हाथ में चूड़ा पहने अनुष्का की पहली तस्वीर आई सामने, देखें UNSEEN PHOTO और VIDEO

  • मंगलवार, 12 दिसंबर 2017
  • +

अनुष्‍का के लिए विराट ने शादी में सुनाया रोमांटिक गाना, कुछ देर पहले ही वीडियो आया सामने

  • मंगलवार, 12 दिसंबर 2017
  • +

विराट-अनुष्का का रिसेप्‍शन कार्ड सोशल मीडिया पर हुआ वायरल, देखें कितना स्टाइलिश है न्योता

  • मंगलवार, 12 दिसंबर 2017
  • +

Most Read

जब 'गोलगप्पा बना काल', तड़प-तड़पकर टूट गईं नरेश की सांसें

Death by eating Panipuri
  • गुरुवार, 7 दिसंबर 2017
  • +

गोलियों की तड़तड़ाहट से दहला आईएफटीएम, कांपे छात्र 

firing in university
  • मंगलवार, 12 दिसंबर 2017
  • +

CM योगी की तस्वीर से सांकेतिक विवाह करने वाली महिला पर देशद्रोह का केस, 14 दिन जेल

woman who did marriage with yogi adityanath pic sent to jail.
  • रविवार, 10 दिसंबर 2017
  • +

लालू का PM मोदी पर निशाना- जमीन नहीं रहती तो पानी और आसमां ही बचता है

RJD president Lalu prasad yadav said PM Narendra Modi has realized the loss in Gujarat Election 2017
  • मंगलवार, 12 दिसंबर 2017
  • +

सीएम योगी की तस्वीर से शादी करने वाली महिला पर लगी देशद्रोह की धारा हटाई गई

sedition charge removed against anganbadi activists of sitapur.
  • मंगलवार, 12 दिसंबर 2017
  • +

UPPSC: 2018 में होने वाली परीक्षाओं का कैलेंडर तैयार, जल्द आएंगे भर्ती परीक्षाओं के परिणाम

uppsc will release the examination calendar for 2018 very soon
  • सोमवार, 11 दिसंबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!