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जाट पाली
Updated Tue, 27 Feb 2018 12:29 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में बोरवेलों के माध्यम से भूमिगत जल के दोहन को लेकर जाट व पाली के ग्रामीणों ने कुलपति से मिलकर भूमिगत जल के दोहन को बंद करने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर में लगभग 20 बोरवेलों के माध्यम से भूमिगत जल का दोहन किया जा रहा है। इस पानी को भवन निर्माण एवं दूसरे कार्यों में लिया जा रहा है। अंधाधुंध जल के दोहन से भविष्य में इस क्षेत्र में पानी की किल्लत भी होगी। ग्रामीणों ने राजू तंवर एवं समधा सिंह की देखरेख में परिसर में लगे बोरवेलों का निरीक्षण भी किया। विनोद तंवर पाली ने बताया कि जब से केंद्रीय विश्वविद्यालय का निर्माण हुआ है तभी से इसी प्रकार जल का दोहन किया जा रहा है। आज जब उन्होंने केंद्रीय विश्वविद्यालय परिसर का निरीक्षण किया तो नया बोरवेल बनाने के लिए मशीन भी लगाई हुई है। उन्होंने कहा कि जब से हकेंविवि का निर्माण हुआ है तब से ही आए दिन कोई न कोई विवाद होता रहता है। जबकि केंद्रीय विवि से क्षेत्र के लोगों को कोई लाभ नहीं हुआ है। समस्या को लेकर ग्रामीणों ने हकेविवि के कुलपति प्रो. आरसी कुहाड़ से मुलाकात कर भूमिगत जल के दोहन को बंद करने की मांग की। कुलपति ने ग्रामीणों से समस्या के समाधान के लिए छह माह का समय मांगा। ग्रामीणों ने शीघ्र समाधान नहीं होने पर कानूनी कार्रवाई एवं आंदोलन की चेतावनी देते हुए विवि के गेट पर नारेबाजी कर रोष जताया। इस अवसर पर ठाकुर महावीर सिंह, राजू तंवर, संदीप शर्मा, सुरेंद्र जांट, महिपाल सिंह, मोनू जांगड़ा सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित थे।
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महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में बोरवेलों के माध्यम से भूमिगत जल के दोहन को लेकर जाट व पाली के ग्रामीणों ने कुलपति से मिलकर भूमिगत जल के दोहन को बंद करने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर में लगभग 20 बोरवेलों के माध्यम से भूमिगत जल का दोहन किया जा रहा है। इस पानी को भवन निर्माण एवं दूसरे कार्यों में लिया जा रहा है। अंधाधुंध जल के दोहन से भविष्य में इस क्षेत्र में पानी की किल्लत भी होगी। ग्रामीणों ने राजू तंवर एवं समधा सिंह की देखरेख में परिसर में लगे बोरवेलों का निरीक्षण भी किया। विनोद तंवर पाली ने बताया कि जब से केंद्रीय विश्वविद्यालय का निर्माण हुआ है तभी से इसी प्रकार जल का दोहन किया जा रहा है। आज जब उन्होंने केंद्रीय विश्वविद्यालय परिसर का निरीक्षण किया तो नया बोरवेल बनाने के लिए मशीन भी लगाई हुई है। उन्होंने कहा कि जब से हकेंविवि का निर्माण हुआ है तब से ही आए दिन कोई न कोई विवाद होता रहता है। जबकि केंद्रीय विवि से क्षेत्र के लोगों को कोई लाभ नहीं हुआ है। समस्या को लेकर ग्रामीणों ने हकेविवि के कुलपति प्रो. आरसी कुहाड़ से मुलाकात कर भूमिगत जल के दोहन को बंद करने की मांग की। कुलपति ने ग्रामीणों से समस्या के समाधान के लिए छह माह का समय मांगा। ग्रामीणों ने शीघ्र समाधान नहीं होने पर कानूनी कार्रवाई एवं आंदोलन की चेतावनी देते हुए विवि के गेट पर नारेबाजी कर रोष जताया। इस अवसर पर ठाकुर महावीर सिंह, राजू तंवर, संदीप शर्मा, सुरेंद्र जांट, महिपाल सिंह, मोनू जांगड़ा सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित थे।