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अस्पताल में बिजली गुल रहने से तीन घंटे बंद रही एक्स-रे मशीन
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महेंद्रगढ़। उप नागरिक अस्पताल में बुधवार को लगभग तीन घंटे बिजली बाधित रही, जिस कारण मरीज परेशान रहे। बिजली गुल रहने के कारण एक्स-रे मशीन बंद रही। मरीज गर्मी में तीन घंटे तक बरामदे में बैठे रहे। तीन घंटे बाद लाइट आई उसके बाद एक्स-रे करना शुरू किया गया। दिन में औसत 35 से 40 एक्स-रे होते हैं, लेकिन बिजली गुल होने के कारण बुधवार को लगभग 15 एक्स-रे हो पाए। वहीं, अस्पताल का जेनरेटर पिछले चार महीने से खराब पड़ा है। लाखों रुपये का नया जेनरेटर रिपेयरिंग के अभाव में कंडम हो रहा है। अस्पताल के अधिकारियों का का कहना है कि जेनरेटर ठीक करवाने का बजट नहीं है। बजट के लिए कई बार सीएमओ को लिखा जा चुका है। अभी तक बजट नहीं आया है। वहीं, अस्पताल को हॉट लाइन से नहीं जोड़ रखा। आम घरों की तरह अस्पताल में भी प्रतिदिन कट लगते हैं।
प्रतिदिन लग रहे हैं कट
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बिजली कटों का रोजाना ऐसा ही हाल है। पिछले 20 दिनों से कभी एक घंटे तो कभी डेढ़ घंटे का कट लगता है। बुधवार को सुबह 9:47 बजे लाइट गुल हुई थी, जोकि पौने एक बजे आई। एक्स-रे के लिए प्रतिदिन मरीजों को परेशान होना पड़ता है। कई मरीज मजबूरीवश बाहर से एक्स-रे करवाकर लाते हैं।
ढाई वर्ष पूर्व लगाया था नया जेनरेटर
उप नागरिक अस्पताल में लगभग ढाई वर्ष पूर्व लाखों रुपये की कीमत का जेनरेटर लगाया था। जेनरेटर की 100 किलोवाट की क्षमता है। जेनरेटर लगने के बाद उम्मीद जगी थी कि अस्पताल में अब 24 घंटे लाइट रहेगी। लेकिन जनवरी 2019 से जेनरेटर खराब है। एक बार इंजीनियर को बुलाकर जेनरेटर चेक भी करवाया गया था। इंजीनियर ने सवा लाख रुपये खर्चा बताया था। बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य विभाग ने जेनरेटर की होने वाली फ्री सर्विस भी समय पर नहीं करवाई। विभाग की लापरवाही के कारण जेनरेटर खराबी आई है।
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अस्पताल में नहीं है हॉट लाइन की सुविधा
अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग ने उप नागरिक अस्पताल को हाट लाइन से जोड़ने के लिए 2007 में फाइल लगाई थी। उस समय 1283236 रुपये की राशि बिजली निगम के पास खर्चे की जमा करवाई थी। राशि जमा करवाने के बाद बिजली निगम ने सात वर्ष तक इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। एसएमओ से लेकर डीजी तक के अधिकारियों ने बिजली निगम के अधिकारियों को कई बार रिमाइंडर डाला। उसके बाद 2014 में अस्पताल को हॉट लाइन से जोड़ा गया। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि रिकॉर्ड में यह हॉट लाइन से जुड़ा हुआ है, परंतु हॉट लाइन के अनुसार बिजली नहीं मिलती। 24 घंटे में लाइट के कट लगते रहते हैं। ये कट आगे से नहीं बल्कि यहां लोकल कट लगते हैं।
मेरा गांव डिगरोता है जो कि शहर से 15 से 20 किलोमीटर दूर पड़ता है। मेरी पत्नी बीमार है चिकित्सकों ने एक्स-रे करवाने के लिए बोला है। सुबह 9 बजे आकर बैठे थे लेकिन लाइट नहीं होने के कारण एक्स-रे नहीं हो पाया है। - हरिओम डिगरोत
मेरे बेटे की छाती में प्रोब्लम हैं। चिकित्सकों ने एक्स-रे करवाने के लिए बोला है। मेरा तीसरा नंबर था अभी तक एक्स-रे नहीं हुआ है। जब अस्पताल में जेनरेटर खराब है तो विभाग उसको ठीक क्यों नहीं करवाता? ऐसे में तो मरीज रोज परेशान हो जाएंगे।
- रेणु भारद्वाज, महेंद्रगढ़।
मेरी पत्नी कुछ दिनों से बीमार चल रही है। उसके छाती में दिक्कत है। चिकित्सकों ने एक्स-रे के लिए बोला है। छह मई को भी मैं आया था। तब बुधवार को एक्स-रे करवाने के लिए बोला था। सुबह करीब नौ बजे से लाइट ही नहीं है। अस्पताल में जेनरेटर की सुविधा नहीं हैं। चिकित्सक पंखे में बैठे, मरीज गर्मी में परेशान हैं।
- हवा सिंह, मालड़ा
मेरी रीड की हड्डी में दिक्कत हो रही है। उसको चेक करवाने के लिए आया था। मुझे एक्स-रे करवाना था, लेकिन लाइट दो घंटे से गुल है। विभाग को विकल्प के लिए जेनरेटर रखना चाहिए। अगर जेनरेटर खराब है तो उसको ठीक करवाना चाहिए।
- प्रदीप, गांव बास खुडाना
जैसे ही बजट आएगा हम जनरेटर ठीक करवा देंगे। बजट के लिए हमने रिमाइंडर भी भेज रखे हैं। बिना बजट के कैसे ठीक करवाएं। इस पर लगभग 1.35 लाख रुपये का खर्चा आना है। हॉट लाइन से अस्पताल को नहीं जोड़ रखा। जबकि अस्पताल ने हॉट लाइन के कई वर्षों पहले पैसे भी जमा करवाए थे।
- डॉ. मोनू, कार्यकारी प्रवर चिकित्सा अधिकारी।
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प्रतिदिन लग रहे हैं कट
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बिजली कटों का रोजाना ऐसा ही हाल है। पिछले 20 दिनों से कभी एक घंटे तो कभी डेढ़ घंटे का कट लगता है। बुधवार को सुबह 9:47 बजे लाइट गुल हुई थी, जोकि पौने एक बजे आई। एक्स-रे के लिए प्रतिदिन मरीजों को परेशान होना पड़ता है। कई मरीज मजबूरीवश बाहर से एक्स-रे करवाकर लाते हैं।
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ढाई वर्ष पूर्व लगाया था नया जेनरेटर
उप नागरिक अस्पताल में लगभग ढाई वर्ष पूर्व लाखों रुपये की कीमत का जेनरेटर लगाया था। जेनरेटर की 100 किलोवाट की क्षमता है। जेनरेटर लगने के बाद उम्मीद जगी थी कि अस्पताल में अब 24 घंटे लाइट रहेगी। लेकिन जनवरी 2019 से जेनरेटर खराब है। एक बार इंजीनियर को बुलाकर जेनरेटर चेक भी करवाया गया था। इंजीनियर ने सवा लाख रुपये खर्चा बताया था। बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य विभाग ने जेनरेटर की होने वाली फ्री सर्विस भी समय पर नहीं करवाई। विभाग की लापरवाही के कारण जेनरेटर खराबी आई है।
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अस्पताल में नहीं है हॉट लाइन की सुविधा
अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग ने उप नागरिक अस्पताल को हाट लाइन से जोड़ने के लिए 2007 में फाइल लगाई थी। उस समय 1283236 रुपये की राशि बिजली निगम के पास खर्चे की जमा करवाई थी। राशि जमा करवाने के बाद बिजली निगम ने सात वर्ष तक इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। एसएमओ से लेकर डीजी तक के अधिकारियों ने बिजली निगम के अधिकारियों को कई बार रिमाइंडर डाला। उसके बाद 2014 में अस्पताल को हॉट लाइन से जोड़ा गया। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि रिकॉर्ड में यह हॉट लाइन से जुड़ा हुआ है, परंतु हॉट लाइन के अनुसार बिजली नहीं मिलती। 24 घंटे में लाइट के कट लगते रहते हैं। ये कट आगे से नहीं बल्कि यहां लोकल कट लगते हैं।
मेरा गांव डिगरोता है जो कि शहर से 15 से 20 किलोमीटर दूर पड़ता है। मेरी पत्नी बीमार है चिकित्सकों ने एक्स-रे करवाने के लिए बोला है। सुबह 9 बजे आकर बैठे थे लेकिन लाइट नहीं होने के कारण एक्स-रे नहीं हो पाया है। - हरिओम डिगरोत
मेरे बेटे की छाती में प्रोब्लम हैं। चिकित्सकों ने एक्स-रे करवाने के लिए बोला है। मेरा तीसरा नंबर था अभी तक एक्स-रे नहीं हुआ है। जब अस्पताल में जेनरेटर खराब है तो विभाग उसको ठीक क्यों नहीं करवाता? ऐसे में तो मरीज रोज परेशान हो जाएंगे।
- रेणु भारद्वाज, महेंद्रगढ़।
मेरी पत्नी कुछ दिनों से बीमार चल रही है। उसके छाती में दिक्कत है। चिकित्सकों ने एक्स-रे के लिए बोला है। छह मई को भी मैं आया था। तब बुधवार को एक्स-रे करवाने के लिए बोला था। सुबह करीब नौ बजे से लाइट ही नहीं है। अस्पताल में जेनरेटर की सुविधा नहीं हैं। चिकित्सक पंखे में बैठे, मरीज गर्मी में परेशान हैं।
- हवा सिंह, मालड़ा
मेरी रीड की हड्डी में दिक्कत हो रही है। उसको चेक करवाने के लिए आया था। मुझे एक्स-रे करवाना था, लेकिन लाइट दो घंटे से गुल है। विभाग को विकल्प के लिए जेनरेटर रखना चाहिए। अगर जेनरेटर खराब है तो उसको ठीक करवाना चाहिए।
- प्रदीप, गांव बास खुडाना
जैसे ही बजट आएगा हम जनरेटर ठीक करवा देंगे। बजट के लिए हमने रिमाइंडर भी भेज रखे हैं। बिना बजट के कैसे ठीक करवाएं। इस पर लगभग 1.35 लाख रुपये का खर्चा आना है। हॉट लाइन से अस्पताल को नहीं जोड़ रखा। जबकि अस्पताल ने हॉट लाइन के कई वर्षों पहले पैसे भी जमा करवाए थे।
- डॉ. मोनू, कार्यकारी प्रवर चिकित्सा अधिकारी।