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मंत्री की एक महीने की घोषणा: तीन महीने बाद भी नहीं पूरी

Sat, 17 Nov 2018 12:47 AM IST
Updated Sat, 17 Nov 2018 12:47 AM IST
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मंत्री की एक महीने की घोषणा: तीन महीने बाद भी नहीं पूरी
अमर उजाला ब्यूरो
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महेंद्रगढ़। महेंद्रगढ़ उप नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। अस्पताल में कोई सुविधा नहीं होने के कारण रेफरल अस्पताल बना हुआ है। अस्पताल में स्पेशलिस्ट चिकित्सकों के अलावा वेंटिलेटर, अल्ट्रासाउंड जैसी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीनें नहीं होने के कारण सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं को होती है। गर्भवती महिलाओं को बसों में धक्के खाने पड़ते हैं। जिले में एक अल्ट्रासाउंड मशीन केवल नारनौल नागरिक अस्पताल में है। सतनाली क्षेत्र नारनौल से 60 किलोमीटर दूरी पर पड़ता है।

नहीं हैं आधुनिक मशीनें
महेंद्रगढ़ अस्पताल को बने हुए लगभग 44 वर्ष का समय बीत चुका है लेकिन अभी तक अस्पताल में आधुनिक मशीनें नहीं आई हैं। अस्पताल में न तो वेंटिलेटर, अल्ट्रासाउंड और एमआरआई जैसी मशीनें उपलब्ध हैं। इसके अलावा सीटी स्कैन की सुविधा भी नहीं है। अस्पताल में एक मात्र एक्सरे मशीन है। मरीजों को रेवाड़ी, गुरुग्राम, दिल्ली और जयपुर आदि जाना पड़ता है
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स्पेशलिस्ट चिकित्सकों की कमी
उपस्वास्थ्य केंद्र में स्पेशलिस्ट चिकित्सकों का अभाव है। महेंद्रगढ़ में सिविल सर्जन, एमडी, फिजिशियन, नेत्र विशेषज्ञ और हड्डियों के विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं हैं। लोगों को निजी अस्पतालों में जाकर ही अपना इलाज करवाना पड़ता है।
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महेंद्रगढ़ अस्पताल बना रेफरल अस्पताल
उप स्वास्थ्य केंद्र महेंद्रगढ़ रेफरल अस्पताल बना हुआ है। बिना चिकित्सक एवं मशीनों के यहां घायलों को रेफर कर दिया जाता है। अस्पताल में महीने में लगभग 15 हजार ओपीडी होती है और प्रति माह 50 से अधिक गंभीर रूप से घायल लोग आते हैं, जिनको प्राथमिक उपचार देकर रोहतक के लिए रेफर कर दिया जाता है। इनमें से कुछ घायल समय पर बेहतर इलाज ने मिलने के कारण रोहतक पीजीआई जाते समय रास्ते में दम तोड़ देते हैं तो कुछ को परिजन निजी अस्पताल में ले जाते हैं।

वेंटिलेटर क्यों जरूरी
जब व्यक्ति का जीवन खतरे में पहुंच जाता है तो उसे वेंटिलेटर की जरूरत पड़ती है। वेंटिलेटर के जरिए व्यक्ति को कृत्रिम सांस दी जाती है। यहां मरीज की आईसीयू से भी बेहतर तरीके से केयर की जाती है। जिसमें ऑपरेशन टेबल भी तैयार रहती है। मरीज की निगरानी के लिए एक्सपर्ट मौजूद रहते हैं।

एक दिन का खर्च 3500 रुपये
एक दिन वेंटिलेटर पर रखने के लिए निजी अस्पताल में 3500 रुपये वसूले जाते हैं। महेंद्रगढ़ के केवल तीन निजी अस्पतालों में वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध है। गरीब व्यक्ति के लिए सरकारी अस्पतालों में वेंटिलेटर की सुविधा निशुल्क उपलब्ध कराई जाती है।

हर महीने आती हैं 600 महिलाएं
उप- नागरिक अस्पताल में हर सप्ताह 150 से 200 ऐसी गर्भवती महिलाएं आती हैं, जिनको महिला चिकित्सक अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कहती हैं। अगर महिलाएं निजी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराएं तो 600 रुपये 800 रुपये चुकाने पड़ते हैं। अगर महिलाएं नागरिक अस्पताल की पर्ची लेकर जाएं तो 300 रुपये चुकाने पड़ते हैं।


वर्जन
उप नागरिक अस्पताल में वेंटिलेटर की सुविधा नहीं है। नारनौल मुख्यालय के अस्पताल में भी यह सुविधा नहीं है। हमारे पास हर महीने करीब 15 एक्सीडेंट केस आते हैं। ऐसे लोगों को वेंटिलेटर की जरूरत होती है। हम मरीजों को हायर सेंटर रोहतक पीजीआई रेफर कर देते हैं।
- सुरेंद्र सिंह, एसएमओ, महेंद्रगढ़।

वर्जन
उप नागरिक अस्पताल को 100 बेड का बनाया जाएगा और वेंटिलेटर भी लगवाए जाएंगे। इस पर कार्रवाई चल रही है। जल्द ही ये कार्य पूरे हो जाएंगे।
- रामबिलास शर्मा, शिक्षामंत्री, हरियाणा सरकार।

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