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एक नवंबर को किया जाएगा आक्रोश-प्रदर्शन
Updated Sun, 29 Oct 2017 09:22 PM IST
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नहरी पानी नहीं दिया तो होगा प्रदर्शन
नहरी पानी न देकर किसान के साथ किया जा रहा है अन्याय : मंच
फोटो नंबर 06
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। सर्व समाज मंच ने फैसला किया है कि अब खेती के लिए पानी की सख्त जरूरत है और इस समय नहरी पानी न देकर किसान के साथ अन्याय किया जा रहा है। इसके विरोध में एक नवंबर को नारनौल के आजाद चौक पर आक्रोश प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी अगर नहरों में खेती के लिए नहरी पानी छोड़ा गया तो छह नवंबर को सर्व समाज मंच एक दिवसीय धरना देगा।
रविवार को पूर्व डीजीपी दृगपाल चौहान की अध्यक्षता में यहां के एक होटल में बैठक हुई। मंच के अध्यक्ष राधेश्याम गोमला ने कहा कि इस क्षेत्र की राजनीति समय-समय पर अपना रंग बदलती रही है मगर नहरी पानी की समस्या आज भी जस की तस है। उन्होंने कहा कि बेशक जो जिस दल से जुड़ा है जुड़ा रहे और जिसका मन जहां करे वहां वोट दें, मगर नहरी पानी के समान वितरण के मामले में लोगों को एकमत हो आवाज उठानी चाहिए।
मंच के उपाध्यक्ष सत्यवीर झूकिया ने कहा कि उनके लिए क्षेत्र की समस्या का समाधान प्राथमिक है और इसके जीजान से संघर्षरत रहेंगे। इससे पूर्व मंच के महासचिव और बार एसोसिएशन नारनौल के प्रधान मनीष वशिष्ठ ने बताया कि प्रदेश में नहरी पानी की स्थिति के बारे में विभाग से आरटीआई के तहत सूचना मांगी गई थी, जिसकी कुछ जिलों की सूचना तो दे दी गई है, मगर जिला महेंद्रगढ़, रेवाड़ी व भिवानी आदि के बारे में अभी तक कोई सूचना नहीं दी है। उन्होंने कहा कि जहां की समस्या के लिए सूचना मांगी थी वहीं की नहीं मिल रही तो दाल में कुछ काला तो है।
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इस विषय पर मंच प्रधान ने कहा कि विभाग इलाके के साथ हो रहे अन्यायपूर्ण भेदभाव को छिपाने के लिए जान बूझकर सूचना नहीं दे रहा है। उन्होंने राजनेताओं से अपील की कि वे वोट की राजनीति से ऊपर उठकर सोचें। पानी के अभाव में आज पलायन की स्थिति बनी हुई है, ऐसे में यहां के राजनेताओं को समझना चाहिए कि जब यहां का वोटर ही पलायन कर जाएगा तो वोट की राजनीति का क्या फायदा। इस मौके पर साहित्यकार रघुविंद्र यादव, सूबेदार मेजर राजेंद्र सिंह, सूबेदार ओमप्रकाश नौताना, राजेंद्र भुंगारका व राकेश यादव आदि ने अपने विचार रखें। इस अवसर पर हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व निदेशक एचडी यादव, मंच के कार्यक्रम प्रबंधक राकेश यादव, सूबेदार मेजर राजेंद्र सिंह, रघुविंद्र यादव, महावीर पहलवान, राजेंद्र भुंगारका, सतपाल सिंह चौहान, भूपसिंह बड़कोदा, ओमप्रकाश नौताना, कर्ण सिंह करीरा, प्रमोद कुमार, सुशील चौटाला, अजय मांदी, रामनिवास जेई, सिद्धार्थ बुड़ीन, छोटूराम व राजेश झूक आदि मौजूद थे।
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नहरी पानी न देकर किसान के साथ किया जा रहा है अन्याय : मंच
फोटो नंबर 06
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। सर्व समाज मंच ने फैसला किया है कि अब खेती के लिए पानी की सख्त जरूरत है और इस समय नहरी पानी न देकर किसान के साथ अन्याय किया जा रहा है। इसके विरोध में एक नवंबर को नारनौल के आजाद चौक पर आक्रोश प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी अगर नहरों में खेती के लिए नहरी पानी छोड़ा गया तो छह नवंबर को सर्व समाज मंच एक दिवसीय धरना देगा।
रविवार को पूर्व डीजीपी दृगपाल चौहान की अध्यक्षता में यहां के एक होटल में बैठक हुई। मंच के अध्यक्ष राधेश्याम गोमला ने कहा कि इस क्षेत्र की राजनीति समय-समय पर अपना रंग बदलती रही है मगर नहरी पानी की समस्या आज भी जस की तस है। उन्होंने कहा कि बेशक जो जिस दल से जुड़ा है जुड़ा रहे और जिसका मन जहां करे वहां वोट दें, मगर नहरी पानी के समान वितरण के मामले में लोगों को एकमत हो आवाज उठानी चाहिए।
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मंच के उपाध्यक्ष सत्यवीर झूकिया ने कहा कि उनके लिए क्षेत्र की समस्या का समाधान प्राथमिक है और इसके जीजान से संघर्षरत रहेंगे। इससे पूर्व मंच के महासचिव और बार एसोसिएशन नारनौल के प्रधान मनीष वशिष्ठ ने बताया कि प्रदेश में नहरी पानी की स्थिति के बारे में विभाग से आरटीआई के तहत सूचना मांगी गई थी, जिसकी कुछ जिलों की सूचना तो दे दी गई है, मगर जिला महेंद्रगढ़, रेवाड़ी व भिवानी आदि के बारे में अभी तक कोई सूचना नहीं दी है। उन्होंने कहा कि जहां की समस्या के लिए सूचना मांगी थी वहीं की नहीं मिल रही तो दाल में कुछ काला तो है।
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इस विषय पर मंच प्रधान ने कहा कि विभाग इलाके के साथ हो रहे अन्यायपूर्ण भेदभाव को छिपाने के लिए जान बूझकर सूचना नहीं दे रहा है। उन्होंने राजनेताओं से अपील की कि वे वोट की राजनीति से ऊपर उठकर सोचें। पानी के अभाव में आज पलायन की स्थिति बनी हुई है, ऐसे में यहां के राजनेताओं को समझना चाहिए कि जब यहां का वोटर ही पलायन कर जाएगा तो वोट की राजनीति का क्या फायदा। इस मौके पर साहित्यकार रघुविंद्र यादव, सूबेदार मेजर राजेंद्र सिंह, सूबेदार ओमप्रकाश नौताना, राजेंद्र भुंगारका व राकेश यादव आदि ने अपने विचार रखें। इस अवसर पर हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व निदेशक एचडी यादव, मंच के कार्यक्रम प्रबंधक राकेश यादव, सूबेदार मेजर राजेंद्र सिंह, रघुविंद्र यादव, महावीर पहलवान, राजेंद्र भुंगारका, सतपाल सिंह चौहान, भूपसिंह बड़कोदा, ओमप्रकाश नौताना, कर्ण सिंह करीरा, प्रमोद कुमार, सुशील चौटाला, अजय मांदी, रामनिवास जेई, सिद्धार्थ बुड़ीन, छोटूराम व राजेश झूक आदि मौजूद थे।